अंबाला जिले की मुलाना विधानसभा क्षेत्र के धकोला गांव में वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव की बुजुर्ग महिला चरणजीत कौर की फोटो का इस्तेमाल कर यहां 223 फर्जी वोट बनाए गए हैं। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे सार्वजनिक रूप से उठाया। हालांकि महिला चरणजीत कौर का कहना है कि वह अधिकारियों से बार बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर उसकी आवाज नहीं सुनी गई और शिकायतों को रद्दी में डाल दिया गया। महिला दावा किया कि राहुल गांधी ने सच दिखाया है। बुजुर्ग चरणजीत कौर का आरोप- कई बार की शिकायत धकोला गांव की बुजुर्ग महिला चरणजीत कौर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि “मेरी फोटो का इस्तेमाल गलत तरीके से वोटर लिस्ट में किया गया। जब मैं खुद वोट डालने जाती हूं तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी और लोग मज़ाक उड़ाते हैं ‘माता जी, अब वोट करने आई हैं, सुबह से आपकी फोटो वाले कई लोग वोट डालकर चले गए।’” चरणजीत कौर ने इस पूरे मामले को राजनीतिक शरारत बताते हुए कहा कि यह सब विरोधी दलों की साजिश है। बेटा हैप्पी बोला- बूथों पर 223 फर्जी वोट चरणजीत कौर के बेटे हैप्पी, जो धकोला गांव से सरपंच पद का चुनाव लड़ चुके हैं, ने बताया कि उनकी मां की फोटो का इस्तेमाल दो बूथों पर 223 वोटों में किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने इस मुद्दे पर धरने तक दिए, अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह प्रवासियों के नाम पर बनाई गई फर्जी वोटों की साजिश है।” हैप्पी ने इस घटना को चुनावी तंत्र की “सबसे बड़ी विफलता” बताया और कहा कि प्रशासन इस मामले में “जानबूझकर चुप” है। राहुल गांधी ने फर्जी वोटों पर उठाए सवाल राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि अगर एक गांव में एक महिला की फोटो 223 वोटों पर लग सकती है, तो पूरे राज्य या देश में ऐसी कितनी घटनाएं छिपी होंगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग और हरियाणा सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। राहुल गांधी ने इसे “लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर हमला” बताते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
अंबाला जिले की मुलाना विधानसभा क्षेत्र के धकोला गांव में वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव की बुजुर्ग महिला चरणजीत कौर की फोटो का इस्तेमाल कर यहां 223 फर्जी वोट बनाए गए हैं। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे सार्वजनिक रूप से उठाया। हालांकि महिला चरणजीत कौर का कहना है कि वह अधिकारियों से बार बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर उसकी आवाज नहीं सुनी गई और शिकायतों को रद्दी में डाल दिया गया। महिला दावा किया कि राहुल गांधी ने सच दिखाया है। बुजुर्ग चरणजीत कौर का आरोप- कई बार की शिकायत धकोला गांव की बुजुर्ग महिला चरणजीत कौर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि “मेरी फोटो का इस्तेमाल गलत तरीके से वोटर लिस्ट में किया गया। जब मैं खुद वोट डालने जाती हूं तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी और लोग मज़ाक उड़ाते हैं ‘माता जी, अब वोट करने आई हैं, सुबह से आपकी फोटो वाले कई लोग वोट डालकर चले गए।’” चरणजीत कौर ने इस पूरे मामले को राजनीतिक शरारत बताते हुए कहा कि यह सब विरोधी दलों की साजिश है। बेटा हैप्पी बोला- बूथों पर 223 फर्जी वोट चरणजीत कौर के बेटे हैप्पी, जो धकोला गांव से सरपंच पद का चुनाव लड़ चुके हैं, ने बताया कि उनकी मां की फोटो का इस्तेमाल दो बूथों पर 223 वोटों में किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने इस मुद्दे पर धरने तक दिए, अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह प्रवासियों के नाम पर बनाई गई फर्जी वोटों की साजिश है।” हैप्पी ने इस घटना को चुनावी तंत्र की “सबसे बड़ी विफलता” बताया और कहा कि प्रशासन इस मामले में “जानबूझकर चुप” है। राहुल गांधी ने फर्जी वोटों पर उठाए सवाल राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि अगर एक गांव में एक महिला की फोटो 223 वोटों पर लग सकती है, तो पूरे राज्य या देश में ऐसी कितनी घटनाएं छिपी होंगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग और हरियाणा सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। राहुल गांधी ने इसे “लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर हमला” बताते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।