कनाडा में बैठे एनआरआई जगमन समरा और उसके बेटे हरकिरत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लुधियाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। उन पर फर्जी क्रिप्टो करेंसी और मानव तस्करी से जुड़ा मामला दर्ज है। पुलिस ने समरा के चार करीबी सहयोगियों- परमेल सिंह, गुरप्रीत सिंह चहल, कार्तिक मित्तल और बचित्तर सिंह को गिरफ्तार किया है। एफआईआर 24 अक्टूबर को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। आरोप है कि समरा ने नकली क्रिप्टो कॉइन ‘5K’ लॉन्च कर लोगों को भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगा और हवाला के जरिए कनाडा में पैसे ट्रांसफर किए। समरा लुधियाना और पंजाब के अन्य शहरों में इन्वेस्टमेंट सेंटर भी खोले थे। पुलिस को शक है कि यह गिरोह मानव तस्करी में भी शामिल था और कनाडाई वीजा के नाम पर लोगों से ठगी की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितने लोगों को और कितनी रकम का नुकसान हुआ है। सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा मामला… CM भगवंत मान की फेक वीडियो पर भी FIR
इससे पहले समरा पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फेक वीडियो बनाने के आरोप में मोहाली के स्टेट साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। समरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कई वीडियो शेयर किए और लिखा-“यह तो ट्रेलर है, एआई साबित करने वाले को इनाम मिलेगा।” पुलिस के मुताबिक, ये वीडियो नफरत फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने के मकसद से बनाए गए थे। एआई तकनीक से तैयार किया गया था कंटेंट
जांच में सामने आया कि कंटेंट एआई तकनीक से तैयार किया गया है। यह मामला इंस्पेक्टर गगनप्रीत सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिन्होंने बताया कि समरा द्वारा पोस्ट की गईं क्लिप्स भड़काऊ और अश्लील हैं। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 340(2), 353(1), 352(2), 351(2), 336(4) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत दर्ज की गई। सोशल मीडिया पर दो अकाउंट से फैला कंटेंट
जांच में पता चला कि जगमन समरा के नाम से सोशल मीडिया पर दो अकाउंट सक्रिय हैं। एक में उसने खुद को “डबल एफएफ स्टोर” का ओनर और सीईओ बताया है, जिसे 33 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। दूसरे अकाउंट में उसने लिखा कि वह वैंकूवर (ब्रिटिश कोलंबिया) में रहता है और पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से पढ़ा है। इस अकाउंट पर 32 हजार से ज्यादा फॉलोअर हैं। दोनों अकाउंट से मुख्यमंत्री के खिलाफ वीडियो पोस्ट किए गए, जिन्हें विदेश से वायरल किया गया था।
कनाडा में बैठे एनआरआई जगमन समरा और उसके बेटे हरकिरत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लुधियाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। उन पर फर्जी क्रिप्टो करेंसी और मानव तस्करी से जुड़ा मामला दर्ज है। पुलिस ने समरा के चार करीबी सहयोगियों- परमेल सिंह, गुरप्रीत सिंह चहल, कार्तिक मित्तल और बचित्तर सिंह को गिरफ्तार किया है। एफआईआर 24 अक्टूबर को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। आरोप है कि समरा ने नकली क्रिप्टो कॉइन ‘5K’ लॉन्च कर लोगों को भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगा और हवाला के जरिए कनाडा में पैसे ट्रांसफर किए। समरा लुधियाना और पंजाब के अन्य शहरों में इन्वेस्टमेंट सेंटर भी खोले थे। पुलिस को शक है कि यह गिरोह मानव तस्करी में भी शामिल था और कनाडाई वीजा के नाम पर लोगों से ठगी की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितने लोगों को और कितनी रकम का नुकसान हुआ है। सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा मामला… CM भगवंत मान की फेक वीडियो पर भी FIR
इससे पहले समरा पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फेक वीडियो बनाने के आरोप में मोहाली के स्टेट साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। समरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कई वीडियो शेयर किए और लिखा-“यह तो ट्रेलर है, एआई साबित करने वाले को इनाम मिलेगा।” पुलिस के मुताबिक, ये वीडियो नफरत फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने के मकसद से बनाए गए थे। एआई तकनीक से तैयार किया गया था कंटेंट
जांच में सामने आया कि कंटेंट एआई तकनीक से तैयार किया गया है। यह मामला इंस्पेक्टर गगनप्रीत सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिन्होंने बताया कि समरा द्वारा पोस्ट की गईं क्लिप्स भड़काऊ और अश्लील हैं। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 340(2), 353(1), 352(2), 351(2), 336(4) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत दर्ज की गई। सोशल मीडिया पर दो अकाउंट से फैला कंटेंट
जांच में पता चला कि जगमन समरा के नाम से सोशल मीडिया पर दो अकाउंट सक्रिय हैं। एक में उसने खुद को “डबल एफएफ स्टोर” का ओनर और सीईओ बताया है, जिसे 33 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। दूसरे अकाउंट में उसने लिखा कि वह वैंकूवर (ब्रिटिश कोलंबिया) में रहता है और पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से पढ़ा है। इस अकाउंट पर 32 हजार से ज्यादा फॉलोअर हैं। दोनों अकाउंट से मुख्यमंत्री के खिलाफ वीडियो पोस्ट किए गए, जिन्हें विदेश से वायरल किया गया था।