हरियाणा के फरीदाबाद IMT क्षेत्र स्थित न्यूट्रिमेड हेल्थ केयर कंपनी के मिल्क पाउडर का सैंपल अनसेफ पाया गया है। ये सैंपल इंफेंट मिल्क पाउडर का था, जो 6 महीने तक के बच्चों को पिलाया जाता है। फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने ये सैंपल लिया था, जिसकी अब लैब रिपोर्ट आई है। फूड एंड सेफ्टी विभाग ने कपंनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब कंपनी को जांच में शामिल किया जाएगा। इस रिपोर्ट ने प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि इस उम्र के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है और दूषित दूध पाउडर उनके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है। चिंता इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि पिछले दिनों मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुछ कफ सिरप कंपनियों की लापरवाही के कारण कई बच्चों की जान जा चुकी है। दूसरी तरफ, कंपनी के मालिक TN तिवारी ने कहा कि यह विदेशी कंपनियों की चाल हो सकती है। क्योंकि, उनकी कंपनी मल्टी नेशनल कंपनियों को टक्कर दे रही है। कंपनी विभाग से दोबारा जांच कराने की अपील करेगी। जांच के बाद अधिकारी ने ये खुलासे किए… हरियाणा में कंपनी की मिल्क पाउडर की सप्लाई
न्यूट्रिमेड कंपनी का मिल्क पाउडर हरियाणा के अलावा देश के कई राज्यों में सप्लाई होता है। इसके अलावा 20 देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है। जिस बैच के सैंपल फेल हुए हैं, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने उस बैच के उत्पाद तुरंत बाजार से हटाने को कहा है। सब स्टैंडर्ड उत्पाद से बच्चों को डायरिया, संक्रमण, किडनी और लिवर से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। मामले में कंपनी के मालिक ने ये बातें कहीं… 40 साल से हरियाणा में रह रहे तिवारी
TN तिवारी मूल रूप बिहार के रहने वाले हैं और पिछले 40 सालों से हरियाणा में रह रहे हैं। NDRI करनाल से डेयरी टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट हैं। वह 2 साल पहले डेयरी प्रोडेक्ट पर डॉक्टरेट की उपाधि हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया- 2011 में हमने IMT में इस कंपनी को शुरू किया था। उस समय हम प्रोटीन सप्लीमेंट बनाते थे। इसके बाद 2016 में हमने देश में पहली बार बच्चों के दूध का पाउडर बनाने की शुरुआत की। तब से हम विदेश में इसे सप्लाई कर रहे हैं।
हरियाणा के फरीदाबाद IMT क्षेत्र स्थित न्यूट्रिमेड हेल्थ केयर कंपनी के मिल्क पाउडर का सैंपल अनसेफ पाया गया है। ये सैंपल इंफेंट मिल्क पाउडर का था, जो 6 महीने तक के बच्चों को पिलाया जाता है। फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने ये सैंपल लिया था, जिसकी अब लैब रिपोर्ट आई है। फूड एंड सेफ्टी विभाग ने कपंनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब कंपनी को जांच में शामिल किया जाएगा। इस रिपोर्ट ने प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि इस उम्र के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है और दूषित दूध पाउडर उनके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है। चिंता इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि पिछले दिनों मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुछ कफ सिरप कंपनियों की लापरवाही के कारण कई बच्चों की जान जा चुकी है। दूसरी तरफ, कंपनी के मालिक TN तिवारी ने कहा कि यह विदेशी कंपनियों की चाल हो सकती है। क्योंकि, उनकी कंपनी मल्टी नेशनल कंपनियों को टक्कर दे रही है। कंपनी विभाग से दोबारा जांच कराने की अपील करेगी। जांच के बाद अधिकारी ने ये खुलासे किए… हरियाणा में कंपनी की मिल्क पाउडर की सप्लाई
न्यूट्रिमेड कंपनी का मिल्क पाउडर हरियाणा के अलावा देश के कई राज्यों में सप्लाई होता है। इसके अलावा 20 देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है। जिस बैच के सैंपल फेल हुए हैं, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने उस बैच के उत्पाद तुरंत बाजार से हटाने को कहा है। सब स्टैंडर्ड उत्पाद से बच्चों को डायरिया, संक्रमण, किडनी और लिवर से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। मामले में कंपनी के मालिक ने ये बातें कहीं… 40 साल से हरियाणा में रह रहे तिवारी
TN तिवारी मूल रूप बिहार के रहने वाले हैं और पिछले 40 सालों से हरियाणा में रह रहे हैं। NDRI करनाल से डेयरी टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट हैं। वह 2 साल पहले डेयरी प्रोडेक्ट पर डॉक्टरेट की उपाधि हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया- 2011 में हमने IMT में इस कंपनी को शुरू किया था। उस समय हम प्रोटीन सप्लीमेंट बनाते थे। इसके बाद 2016 में हमने देश में पहली बार बच्चों के दूध का पाउडर बनाने की शुरुआत की। तब से हम विदेश में इसे सप्लाई कर रहे हैं।