राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। बस्ती और मंडल स्तर पर होने वाले इन सम्मेलनों में युवाओं के विशेष कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मंगलवार को जबलपुर में ये जानकारी दी। वहीं, न्यूज एजेंसी पीटीआई ने दावा किया है कि देशभर में एक लाख हिंदू सम्मेलन किए जाएंगे। जबलपुर में 30 अक्टूबर से आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक होगी। संघ के प्रचार प्रमुख ने बताया कि बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत 407 कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके साथ ही 46 प्रांतों के संघ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। संघ कार्यकर्ता ‘घर-घर संपर्क अभियान’ चलाएंगे
देशभर में संघ का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। आंबेकर ने कहा कि शताब्दी समारोहों की शुरुआत नागपुर में 2 अक्टूबर, विजयादशमी के दिन हुई थी। ‘पंच परिवर्तन’ आरएसएस की एक पहल है, जो पांच प्रमुख क्षेत्रों- सामाजिक समरसता, पारिवारिक चेतना, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण जागरूकता और आत्मनिर्भरता के जरिए राष्ट्र के परिवर्तन पर केंद्रित है। बैठक में देश के सामाजिक हालात पर चिंतन होगा
आंबेकर ने बताया कि संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक में देश के सामाजिक हालात पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर शुरू होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी। आंबेकर ने कहा कि युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि उन्हें देश के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया जा सके। कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु में बुद्धिजीवी सम्मेलन
उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु में बुद्धिजीवियों के सम्मेलनों में भाग लेंगे। आंबेडकर से पूछा गया कि क्या काशी-मथुरा मंदिर मुद्दों पर चर्चा होगी, तो उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक मुद्दों और वर्तमान परिस्थितियों पर विचार किया जाएगा। गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष पर खास कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। बस्ती और मंडल स्तर पर होने वाले इन सम्मेलनों में युवाओं के विशेष कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मंगलवार को जबलपुर में ये जानकारी दी। वहीं, न्यूज एजेंसी पीटीआई ने दावा किया है कि देशभर में एक लाख हिंदू सम्मेलन किए जाएंगे। जबलपुर में 30 अक्टूबर से आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक होगी। संघ के प्रचार प्रमुख ने बताया कि बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत 407 कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके साथ ही 46 प्रांतों के संघ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। संघ कार्यकर्ता ‘घर-घर संपर्क अभियान’ चलाएंगे
देशभर में संघ का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। आंबेकर ने कहा कि शताब्दी समारोहों की शुरुआत नागपुर में 2 अक्टूबर, विजयादशमी के दिन हुई थी। ‘पंच परिवर्तन’ आरएसएस की एक पहल है, जो पांच प्रमुख क्षेत्रों- सामाजिक समरसता, पारिवारिक चेतना, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण जागरूकता और आत्मनिर्भरता के जरिए राष्ट्र के परिवर्तन पर केंद्रित है। बैठक में देश के सामाजिक हालात पर चिंतन होगा
आंबेकर ने बताया कि संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक में देश के सामाजिक हालात पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर शुरू होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी। आंबेकर ने कहा कि युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि उन्हें देश के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया जा सके। कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु में बुद्धिजीवी सम्मेलन
उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु में बुद्धिजीवियों के सम्मेलनों में भाग लेंगे। आंबेडकर से पूछा गया कि क्या काशी-मथुरा मंदिर मुद्दों पर चर्चा होगी, तो उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक मुद्दों और वर्तमान परिस्थितियों पर विचार किया जाएगा। गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष पर खास कार्यक्रम