पंजाब पुलिस के सस्पेंडेड DIG हरचरण सिंह भुल्लर के केस में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप ने सीएम भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली राज्य सरकार को घेरा है। CBI ने भुल्लर को रिश्वत लेते अरेस्ट करके उनके घर से साढ़े 7 करोड़ का कैश, ढाई किलो सोना बरामद किया है। इसी मुद्दे पर एक पॉडकास्ट में AAP विधायक कुंवर विजय प्रताप ने यहां तक कह दिया कि जिस तरह की सरकार होती है, उसी तरह के अफसर लगते हैं। आज पंजाब के हर विभाग में दलाल और भ्रष्ट अफसरों के ग्रुप हैं। अगर कोई नया अधिकारी किसी विभाग में आता है, तो सबसे पहले उसकी आवभगत उन्हीं दलालों द्वारा होती है। हरचरण सिंह भुल्लर के बारे में कुंवर विजय प्रताप ने कहा- वह मेरे अधीन मोहाली, लुधियाना समेत कई जगह रहे। उनके घर से जितने पैसे मिले, उससे कई गुना रकम सीनियर अफसरों और नेताओं के पास गई होगी। भ्रष्ट अफसरों के पास नेताओं का और नेताओं के पास भ्रष्ट अफसरों का पैसा पड़ा रहता है। बता दें कि कुंवर विजय प्रताप के बागी तेवरों की वजह से आम आदमी पार्टी उन्हें पहले ही सस्पेंड कर चुकी है। युद्ध नशियां विरुद्ध सबसे बड़ा स्कैम
कुंवर विजय प्रताप ने पंजाब सरकार के युद्ध नशियां विरुद्ध मुहिम को सबसे बड़ा स्कैम बताया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी का कहना है कि विधायक पुलिस को जानकारी देते हैं और पुलिस अधिकारी लोगों को पैसों के लिए परेशान कर रहे हैं। उन्होंने नत्थू नंगल एरिया के एक केस का जिक्र करते हुए बताया- एक व्यक्ति, जो फौज को दूध देने जाता था, उसे नशे के केस में इसलिए फंसाया जा रहा था कि उसकी 2.3 एकड़ जगह पर हमारी ही पार्टी के नेता की नजर थी। उसे मैंने रुकवाया। कुंवर विजय प्रताप ने दावा किया है कि 7/51 की धारा का इस्तेमाल कर लोगों से वसूली पुलिस वाले कर रहे हैं। कौन हैं कुंवर विजय प्रताप
1998 बैच के IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह अलग-अलग सरकारों में उच्च पोस्ट पर तैनात रहे हैं। 2021 में उन्होंने पंजाब पुलिस की नौकरी छोड़कर AAP जॉइन कर ली थी और अमृतसर नॉर्थ से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसी वर्ष 29 जून को उन्हें पार्टी से पांच साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। वह बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया पर बोल रहे थे। रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार हुए भुल्लर
CBI ने 16 अक्टूबर को भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ के एक व्यापारी से 8 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में अरेस्ट किया था। जांच एजेंसी को भुल्लर के घर से सर्च के दौरान साढ़े 7 करोड़ रुपए कैश के अलावा ढाई किलो सोना, 24 महंगी घड़ियां, विदेशी शराब समेत प्रॉपर्टी के तकरीबन 50 दस्तावेज मिले। इनमें कई बेनामी प्रॉपर्टी है। 18 करोड़ रुपए की सालाना संपत्ति दिखाई
CBI की तरफ से बैंक का एक लॉकर खोला गया था और 4 अभी खोलने बाकी हैं। इनके आज खुलने की उम्मीद है। एक लॉकर से पचास ग्राम सोना और कुछ प्रॉपर्टी के कागजात बरामद हुए हैं। भुल्लर ने अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में 18 करोड़ रुपए की सालाना संपत्ति दिखाई है। ED भी इस केस पर नजर बनाए हुए हैं
अब CBI उनकी घोषित प्रॉपर्टी और घर से मिले दस्तावेजों का मिलान कर रही है। अगर इसमें कोई गड़बड़ी मिली तो उन पर आपराधिक मामला दर्ज होना तय है। ED भी इस केस पर नजर बनाए हुए हैं। फॉर्म हाउस और घर से विदेशी शराब मिलने के बाद आबकारी अधिनियम के तहत भी अलग केस दर्ज किया जा चुका है।
पंजाब पुलिस के सस्पेंडेड DIG हरचरण सिंह भुल्लर के केस में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप ने सीएम भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली राज्य सरकार को घेरा है। CBI ने भुल्लर को रिश्वत लेते अरेस्ट करके उनके घर से साढ़े 7 करोड़ का कैश, ढाई किलो सोना बरामद किया है। इसी मुद्दे पर एक पॉडकास्ट में AAP विधायक कुंवर विजय प्रताप ने यहां तक कह दिया कि जिस तरह की सरकार होती है, उसी तरह के अफसर लगते हैं। आज पंजाब के हर विभाग में दलाल और भ्रष्ट अफसरों के ग्रुप हैं। अगर कोई नया अधिकारी किसी विभाग में आता है, तो सबसे पहले उसकी आवभगत उन्हीं दलालों द्वारा होती है। हरचरण सिंह भुल्लर के बारे में कुंवर विजय प्रताप ने कहा- वह मेरे अधीन मोहाली, लुधियाना समेत कई जगह रहे। उनके घर से जितने पैसे मिले, उससे कई गुना रकम सीनियर अफसरों और नेताओं के पास गई होगी। भ्रष्ट अफसरों के पास नेताओं का और नेताओं के पास भ्रष्ट अफसरों का पैसा पड़ा रहता है। बता दें कि कुंवर विजय प्रताप के बागी तेवरों की वजह से आम आदमी पार्टी उन्हें पहले ही सस्पेंड कर चुकी है। युद्ध नशियां विरुद्ध सबसे बड़ा स्कैम
कुंवर विजय प्रताप ने पंजाब सरकार के युद्ध नशियां विरुद्ध मुहिम को सबसे बड़ा स्कैम बताया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी का कहना है कि विधायक पुलिस को जानकारी देते हैं और पुलिस अधिकारी लोगों को पैसों के लिए परेशान कर रहे हैं। उन्होंने नत्थू नंगल एरिया के एक केस का जिक्र करते हुए बताया- एक व्यक्ति, जो फौज को दूध देने जाता था, उसे नशे के केस में इसलिए फंसाया जा रहा था कि उसकी 2.3 एकड़ जगह पर हमारी ही पार्टी के नेता की नजर थी। उसे मैंने रुकवाया। कुंवर विजय प्रताप ने दावा किया है कि 7/51 की धारा का इस्तेमाल कर लोगों से वसूली पुलिस वाले कर रहे हैं। कौन हैं कुंवर विजय प्रताप
1998 बैच के IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह अलग-अलग सरकारों में उच्च पोस्ट पर तैनात रहे हैं। 2021 में उन्होंने पंजाब पुलिस की नौकरी छोड़कर AAP जॉइन कर ली थी और अमृतसर नॉर्थ से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसी वर्ष 29 जून को उन्हें पार्टी से पांच साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। वह बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया पर बोल रहे थे। रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार हुए भुल्लर
CBI ने 16 अक्टूबर को भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ के एक व्यापारी से 8 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में अरेस्ट किया था। जांच एजेंसी को भुल्लर के घर से सर्च के दौरान साढ़े 7 करोड़ रुपए कैश के अलावा ढाई किलो सोना, 24 महंगी घड़ियां, विदेशी शराब समेत प्रॉपर्टी के तकरीबन 50 दस्तावेज मिले। इनमें कई बेनामी प्रॉपर्टी है। 18 करोड़ रुपए की सालाना संपत्ति दिखाई
CBI की तरफ से बैंक का एक लॉकर खोला गया था और 4 अभी खोलने बाकी हैं। इनके आज खुलने की उम्मीद है। एक लॉकर से पचास ग्राम सोना और कुछ प्रॉपर्टी के कागजात बरामद हुए हैं। भुल्लर ने अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में 18 करोड़ रुपए की सालाना संपत्ति दिखाई है। ED भी इस केस पर नजर बनाए हुए हैं
अब CBI उनकी घोषित प्रॉपर्टी और घर से मिले दस्तावेजों का मिलान कर रही है। अगर इसमें कोई गड़बड़ी मिली तो उन पर आपराधिक मामला दर्ज होना तय है। ED भी इस केस पर नजर बनाए हुए हैं। फॉर्म हाउस और घर से विदेशी शराब मिलने के बाद आबकारी अधिनियम के तहत भी अलग केस दर्ज किया जा चुका है।