कर्नाटक के चित्तपुर में होने वाली RSS और भीम आर्मी के मार्च को प्रशासन ने परमिशन देने से इनकार कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि एक ही दिन दो बड़े संगठनों के रूट मार्च से इलाके में तनाव पैदा हो सकता है, जिससे शांति भंग होने का खतरा है। वहीं, चित्तपुर से विधायक और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि RSS नहीं, बल्कि भीम आर्मी, दलित पैंथर्स और नागरिक मंच को भी अनुमति नहीं दी गई है। कई संगठनों ने एक साथ मार्च निकालने से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। प्रियांक खड़गे ने कहा- RSS के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुझे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। अगर कोई संगठन मार्च निकालना चाहता है तो पहले यह साबित करे कि वह कानूनी परमिशन ले। अब तक किसी स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस से औपचारिक अनुमति नहीं मांगी है। दरअसल, RSS को 19 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक मार्च निकालना था। संगठन ने पहले से ही चित्तपुर में भगवा झंडे और बैनर लगा दिए थे, लेकिन परमिशन न मिलने पर नगर पालिका ने उन्हें हटा दिया। प्रियांक ने संघ से दस्तावेज मांगे मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया कि RSS लंबे समय से चुप था। अचानक उनके गुंडे गाली-गलौज वाले कॉल्स और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और मार्च के लिए परमिशन मांग रहे हैं। पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव्स को गाली देने से दूसरे लोग भी ऐसा ही करने के लिए हिम्मत जुटा सकते हैं। खड़गे ने RSS से अपने संगठन के डॉक्यूमेंट्स जमा करने को कहा और पूछा कि उन्होंने इस समय मार्च करने का फैसला क्यों किया। RSS ने हाईकोर्ट में याचिका दी RSS ने प्रशासन के इस फैसले को 19 अक्टूबर को कर्नाटक हाईकोर्ट के कलबुर्गी बेंच में चुनौती दी थी। जस्टिस एमजीएस कमल ने सुनवाई करते हुए RSS को निर्देश दिया कि वह 2 नवंबर के लिए नया आवेदन दें। रूट, जगह और समय की पूरी जानकारी दी जाए और कलबुर्गी जिला प्रशासन उस पर विचार कर 24 अक्टूबर तक रिपोर्ट दे। कोर्ट ने ये भी कहा था कि मौजूदा याचिका पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया गया है और अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी। सेदाम में आरएसएस ने अपने 100 वर्ष पूरे होने के मार्च निकाला। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने छोटे समूहों में मार्च जारी रखा। करीब 1,500 लोगों ने इस जुलूस में हिस्सा लिया। पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक में आरएसएस गतिविधियों पर बैन लगाने की मांग की जा रही है। इसके बाद राज्य सरकार ने संघ की गतिविधियों पर कंट्रोल के लिए नियम बनाने का फैसला किया है। 18 अक्टूबर: सिद्धरमैया ने RSS से सावधान रहने को कहा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि लोगों को सनातनियों की संगत से बचना चाहिए और RSS से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि उन्होंने इतिहास में हमेशा डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनके बनाए संविधान का विरोध किया है। सीएम ने मैसूर विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह में ज्ञान दर्शन भवन का उद्घाटन करते हुए कहा कि अपनी संगति सही रखिए। समाज के भले के लिए काम करने वालों के साथ रहिए, न कि उन सनातनियों के साथ जो सामाजिक बदलाव का विरोध करते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 13 अक्टूबर: सिद्धारमैया के बेटे ने RSS की तुलना तालिबान से की इससे पहले प्रियांक खड़गे ने 4 अक्टूबर को सीएम को लेटर लिखा था। इसमें उन्होंने राज्य के सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर RSS की गतिविधियों पर बैन लगाने की मांग की थी। वहीं, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बैन लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि RSS की मानसिकता तालिबान जैसी है। RSS हिंदू धर्म को उसी तरह लागू करना चाहता है जिस तरह तालिबान इस्लाम के सिद्धांतों को थोपने के लिए आदेश जारी करता है। इसके बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि RSS अपनी शाखा लगाने के लिए सरकारी परिसरों का इस्तेमाल कर रहा है। मैंने मुख्य सचिव से कहा है कि वे जांच करें और देखें कि तमिलनाडु सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। और क्या उन्हें कर्नाटक में भी लागू किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें… 16 अक्टूबर: कर्नाटक में RSS को पथ संचलन निकालने, शाखा लगाने परमिशन लेनी होगी इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल ने 16 अक्टूबर को फैसला किया कि कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों पर कंट्रोल के लिए नियम बनाए जाएंगे। अगले दो-तीन दिन में ये नियम लागू हो जाएंगे। इनके तहत अब सार्वजनिक जगहों, सड़कों और सरकारी परिसरों में बिना अनुमति के पथ संचलन या शाखा नहीं लगाई जा सकेगी। पूरी खबर पढ़ें… —————————————- ये खबर भी पढ़ें… प्रियांक खड़गे बोले- केंद्र में आए तो RSS को बैन करेंगे, कहा- संघ धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने 30 जून को कहा था कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो RSS पर बैन लगाया जाएगा। प्रियांक ने RSS पर धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने पहले भी दो बार RSS पर बैन लगाया था और अब उन्हें उसे हटाने का अफसोस है।’ पूरी खबर पढ़ें…
कर्नाटक के चित्तपुर में होने वाली RSS और भीम आर्मी के मार्च को प्रशासन ने परमिशन देने से इनकार कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि एक ही दिन दो बड़े संगठनों के रूट मार्च से इलाके में तनाव पैदा हो सकता है, जिससे शांति भंग होने का खतरा है। वहीं, चित्तपुर से विधायक और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि RSS नहीं, बल्कि भीम आर्मी, दलित पैंथर्स और नागरिक मंच को भी अनुमति नहीं दी गई है। कई संगठनों ने एक साथ मार्च निकालने से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। प्रियांक खड़गे ने कहा- RSS के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुझे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। अगर कोई संगठन मार्च निकालना चाहता है तो पहले यह साबित करे कि वह कानूनी परमिशन ले। अब तक किसी स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस से औपचारिक अनुमति नहीं मांगी है। दरअसल, RSS को 19 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक मार्च निकालना था। संगठन ने पहले से ही चित्तपुर में भगवा झंडे और बैनर लगा दिए थे, लेकिन परमिशन न मिलने पर नगर पालिका ने उन्हें हटा दिया। प्रियांक ने संघ से दस्तावेज मांगे मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया कि RSS लंबे समय से चुप था। अचानक उनके गुंडे गाली-गलौज वाले कॉल्स और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और मार्च के लिए परमिशन मांग रहे हैं। पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव्स को गाली देने से दूसरे लोग भी ऐसा ही करने के लिए हिम्मत जुटा सकते हैं। खड़गे ने RSS से अपने संगठन के डॉक्यूमेंट्स जमा करने को कहा और पूछा कि उन्होंने इस समय मार्च करने का फैसला क्यों किया। RSS ने हाईकोर्ट में याचिका दी RSS ने प्रशासन के इस फैसले को 19 अक्टूबर को कर्नाटक हाईकोर्ट के कलबुर्गी बेंच में चुनौती दी थी। जस्टिस एमजीएस कमल ने सुनवाई करते हुए RSS को निर्देश दिया कि वह 2 नवंबर के लिए नया आवेदन दें। रूट, जगह और समय की पूरी जानकारी दी जाए और कलबुर्गी जिला प्रशासन उस पर विचार कर 24 अक्टूबर तक रिपोर्ट दे। कोर्ट ने ये भी कहा था कि मौजूदा याचिका पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया गया है और अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी। सेदाम में आरएसएस ने अपने 100 वर्ष पूरे होने के मार्च निकाला। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने छोटे समूहों में मार्च जारी रखा। करीब 1,500 लोगों ने इस जुलूस में हिस्सा लिया। पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक में आरएसएस गतिविधियों पर बैन लगाने की मांग की जा रही है। इसके बाद राज्य सरकार ने संघ की गतिविधियों पर कंट्रोल के लिए नियम बनाने का फैसला किया है। 18 अक्टूबर: सिद्धरमैया ने RSS से सावधान रहने को कहा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि लोगों को सनातनियों की संगत से बचना चाहिए और RSS से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि उन्होंने इतिहास में हमेशा डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनके बनाए संविधान का विरोध किया है। सीएम ने मैसूर विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह में ज्ञान दर्शन भवन का उद्घाटन करते हुए कहा कि अपनी संगति सही रखिए। समाज के भले के लिए काम करने वालों के साथ रहिए, न कि उन सनातनियों के साथ जो सामाजिक बदलाव का विरोध करते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 13 अक्टूबर: सिद्धारमैया के बेटे ने RSS की तुलना तालिबान से की इससे पहले प्रियांक खड़गे ने 4 अक्टूबर को सीएम को लेटर लिखा था। इसमें उन्होंने राज्य के सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर RSS की गतिविधियों पर बैन लगाने की मांग की थी। वहीं, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बैन लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि RSS की मानसिकता तालिबान जैसी है। RSS हिंदू धर्म को उसी तरह लागू करना चाहता है जिस तरह तालिबान इस्लाम के सिद्धांतों को थोपने के लिए आदेश जारी करता है। इसके बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि RSS अपनी शाखा लगाने के लिए सरकारी परिसरों का इस्तेमाल कर रहा है। मैंने मुख्य सचिव से कहा है कि वे जांच करें और देखें कि तमिलनाडु सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। और क्या उन्हें कर्नाटक में भी लागू किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें… 16 अक्टूबर: कर्नाटक में RSS को पथ संचलन निकालने, शाखा लगाने परमिशन लेनी होगी इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल ने 16 अक्टूबर को फैसला किया कि कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों पर कंट्रोल के लिए नियम बनाए जाएंगे। अगले दो-तीन दिन में ये नियम लागू हो जाएंगे। इनके तहत अब सार्वजनिक जगहों, सड़कों और सरकारी परिसरों में बिना अनुमति के पथ संचलन या शाखा नहीं लगाई जा सकेगी। पूरी खबर पढ़ें… —————————————- ये खबर भी पढ़ें… प्रियांक खड़गे बोले- केंद्र में आए तो RSS को बैन करेंगे, कहा- संघ धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने 30 जून को कहा था कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो RSS पर बैन लगाया जाएगा। प्रियांक ने RSS पर धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने पहले भी दो बार RSS पर बैन लगाया था और अब उन्हें उसे हटाने का अफसोस है।’ पूरी खबर पढ़ें…