ट्रेनों की पैंट्री कार से खाना मंगाने वाले यात्रियों के लिए चौंकाने वाली खबर है। अमृत भारत एक्सप्रेस (16601) में डस्टबिन से निकाली गई जूठी डिस्पोजल प्लेट और बॉक्स को धोकर दोबारा इस्तेमाल करने के लिए रखा जा रहा था। कटनी से सतना जा रहे एक यात्री ने इसका वीडियो बना लिया। सतना के रहने वाले रवि द्विवेदी शहडोल में नौकरी करते हैं। वे कटनी से सतना के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। रिजर्वेशन न होने के कारण वे पैंट्री कार के पास खड़े थे। तभी उन्होंने देखा कि पैंट्री कार का एक कर्मचारी डस्टबिन में फेंकी गई जूठी डिस्पोजल प्लेट और बॉक्स निकाल रहा था और उन्हें वॉश बेसिन में पानी से धो रहा था। कर्मचारी बोला- आधे दाम में वापस होती हैं प्लेटें
रवि ने देखा कि इन धोई हुई प्लेटों को दोबारा खाना भरकर यात्रियों को परोसने की तैयारी थी। जब रवि ने कर्मचारी से इस बारे में पूछा, तो उसने बताया कि ये डिस्पोजल आधे दाम में वापस हो जाते हैं, इसलिए इन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। वीडियो बनता देख कर्मचारी ने विरोध किया और रवि को वीडियो हटाने की धमकी भी दी। वीडियो वायरल, ठेकेदार ने की 25 हजार रु. की पेशकश
रवि द्विवेदी ने यह वीडियो अपने समाजसेवी मित्र पंकज शुक्ला को भेज दिया। पंकज ने वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रेल मंत्रालय को टैग कर दिया। पोस्ट वायरल होते ही रेलवे मंत्रालय की ओर से पंकज को फोन आया और पूरी जानकारी ली गई। पंकज शुक्ला ने बताया कि शिकायत के बाद रवि द्विवेदी को पैंट्री कार ठेकेदार का फोन आया, जिसने 25,000 रुपए लेकर शिकायत वापस लेने की पेशकश की, लेकिन रवि ने इनकार कर दिया।
ट्रेनों की पैंट्री कार से खाना मंगाने वाले यात्रियों के लिए चौंकाने वाली खबर है। अमृत भारत एक्सप्रेस (16601) में डस्टबिन से निकाली गई जूठी डिस्पोजल प्लेट और बॉक्स को धोकर दोबारा इस्तेमाल करने के लिए रखा जा रहा था। कटनी से सतना जा रहे एक यात्री ने इसका वीडियो बना लिया। सतना के रहने वाले रवि द्विवेदी शहडोल में नौकरी करते हैं। वे कटनी से सतना के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। रिजर्वेशन न होने के कारण वे पैंट्री कार के पास खड़े थे। तभी उन्होंने देखा कि पैंट्री कार का एक कर्मचारी डस्टबिन में फेंकी गई जूठी डिस्पोजल प्लेट और बॉक्स निकाल रहा था और उन्हें वॉश बेसिन में पानी से धो रहा था। कर्मचारी बोला- आधे दाम में वापस होती हैं प्लेटें
रवि ने देखा कि इन धोई हुई प्लेटों को दोबारा खाना भरकर यात्रियों को परोसने की तैयारी थी। जब रवि ने कर्मचारी से इस बारे में पूछा, तो उसने बताया कि ये डिस्पोजल आधे दाम में वापस हो जाते हैं, इसलिए इन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। वीडियो बनता देख कर्मचारी ने विरोध किया और रवि को वीडियो हटाने की धमकी भी दी। वीडियो वायरल, ठेकेदार ने की 25 हजार रु. की पेशकश
रवि द्विवेदी ने यह वीडियो अपने समाजसेवी मित्र पंकज शुक्ला को भेज दिया। पंकज ने वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रेल मंत्रालय को टैग कर दिया। पोस्ट वायरल होते ही रेलवे मंत्रालय की ओर से पंकज को फोन आया और पूरी जानकारी ली गई। पंकज शुक्ला ने बताया कि शिकायत के बाद रवि द्विवेदी को पैंट्री कार ठेकेदार का फोन आया, जिसने 25,000 रुपए लेकर शिकायत वापस लेने की पेशकश की, लेकिन रवि ने इनकार कर दिया।