ईडी ने फॉरेन करेंसी (विदेशी मुद्रा) ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ऑक्टा एफएक्स की 2,385 करोड़ रुपए की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की है। कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत की गई है। आरोप है कि ऑक्टा एफएक्स ने बिना आरबीआई की अनुमति के फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाकर भारतीय निवेशकों से 1,875 करोड़ रुपए की ठगी की और 5,000 करोड़ रुपए का अवैध मुनाफा विदेशों में भेजा। ईडी ने कहा कि घोटाले का मास्टरमाइंड पावेल प्रोजोरोव को स्पेनिश पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घोटाले का पैसा प्रोजोरोव के क्रिप्टो वॉलेट्स में रखा गया था, जबकि कुछ रकम FDI के रूप में भारत में दोबारा निवेश की गई। इस पैसे से लक्जरी यॉट और विदेशी संपत्ति भी खरीदी गई। 7 देशों में फैला मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क ईडी की जांच में पता चला कि मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, स्पेन, एस्टोनिया, जॉर्जिया, साइप्रस, दुबई और सिंगापुर में फैला था। आगे की जांच अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल और क्रिप्टो चैनलों पर केंद्रित है। ईडी के मुताबिक ऑक्टा एफएक्स शुरुआत में निवेशकों को छोटे मुनाफे दिखाकर विश्वास जीता। बाद में फर्जी चार्ट के जरिए उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। भारत में ऑक्टा एफएक्स ने यूपीआई और लोकल बैंक ट्रांसफर से निवेशकों का पैसा जुटाया। यह रकम डमी कंपनियों, ई-कॉमर्स कंपनियों और फर्जी अकाउंट्स के जरिए विदेश भेजी गई। बीते दिनों मनी लॉन्ड्रिंग कुछ अन्य मामले ————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट ने ED के छापों पर सवाल उठाए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तमिलनाडु में शराब दुकान के लाइसेंस से जुड़े तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TASMAC) घोटाला केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी पर सवाल उठाए। कोर्ट ने ED से सवाल किया कि क्या आप राज्य पुलिस की शक्तियों में दखल नहीं दे रहे हैं? पूरी खबर पढ़ें…
ईडी ने फॉरेन करेंसी (विदेशी मुद्रा) ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ऑक्टा एफएक्स की 2,385 करोड़ रुपए की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की है। कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत की गई है। आरोप है कि ऑक्टा एफएक्स ने बिना आरबीआई की अनुमति के फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाकर भारतीय निवेशकों से 1,875 करोड़ रुपए की ठगी की और 5,000 करोड़ रुपए का अवैध मुनाफा विदेशों में भेजा। ईडी ने कहा कि घोटाले का मास्टरमाइंड पावेल प्रोजोरोव को स्पेनिश पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घोटाले का पैसा प्रोजोरोव के क्रिप्टो वॉलेट्स में रखा गया था, जबकि कुछ रकम FDI के रूप में भारत में दोबारा निवेश की गई। इस पैसे से लक्जरी यॉट और विदेशी संपत्ति भी खरीदी गई। 7 देशों में फैला मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क ईडी की जांच में पता चला कि मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, स्पेन, एस्टोनिया, जॉर्जिया, साइप्रस, दुबई और सिंगापुर में फैला था। आगे की जांच अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल और क्रिप्टो चैनलों पर केंद्रित है। ईडी के मुताबिक ऑक्टा एफएक्स शुरुआत में निवेशकों को छोटे मुनाफे दिखाकर विश्वास जीता। बाद में फर्जी चार्ट के जरिए उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। भारत में ऑक्टा एफएक्स ने यूपीआई और लोकल बैंक ट्रांसफर से निवेशकों का पैसा जुटाया। यह रकम डमी कंपनियों, ई-कॉमर्स कंपनियों और फर्जी अकाउंट्स के जरिए विदेश भेजी गई। बीते दिनों मनी लॉन्ड्रिंग कुछ अन्य मामले ————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट ने ED के छापों पर सवाल उठाए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तमिलनाडु में शराब दुकान के लाइसेंस से जुड़े तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TASMAC) घोटाला केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी पर सवाल उठाए। कोर्ट ने ED से सवाल किया कि क्या आप राज्य पुलिस की शक्तियों में दखल नहीं दे रहे हैं? पूरी खबर पढ़ें…