सपा प्रमुख अखिलेश यादव का फेसबुक पेज 16 घंटे बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे बहाल हो गया। शुक्रवार देर रात साढ़े आठ बजे फेसबुक पेज सस्पेंड हुआ था। इस पर अखिलेश ने कहा, ‘मुझे जानकारी मिली कि यौन शोषण और हिंसा की शिकायत की वजह से सस्पेंशन हुआ। जिन पोस्ट पर आपत्ति दर्ज कराई गई, उसमें बलिया की एक घटना है- जहां एक युवती को लेकर पोस्ट किया गया था। वो सच्ची घटना थी। एक पोस्ट पत्रकार की हत्या को लेकर था। भाजपा के राज में मीडिया के मनोबल के एनकाउंटर का हर हथकंडा अपनाया जा रहा। अब समाजवादी समझ गए हैं कि हम जमीनी स्तर पर जितना ज्यादा काम करेंगे, उतनी ही ज्यादा लड़ाइयां जीतेंगे’ वहीं दिल्ली मेंं केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- अखिलेश का फेसबुक पेज सस्पेंड होने में हमारी कोई भूमिका नहीं थी। उनके अकाउंट पर कुछ पोस्ट थी, जिसके कारण फेसबुक ने अपनी नीति के अनुसार कार्रवाई की। अखिलेश के पेज से करीब 80 लाख लोग जुड़े थे। हालांकि, पेज क्यों सस्पेंड हुआ था? तकनीकी खामी थी या कोई और मामला। इसकी जानकारी अब तक नहीं दी गई है। इस मामले में मेटा या मेटा इंडिया की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सपा प्रवक्ता बोले- यह भाजपा की साजिश
सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा कि यह भाजपा की साजिश थी। बीजेपी आईटी सेल ने गलत तरीके से अकाउंट ब्लॉक कराया, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद इसे वापस किया गया। ‘भाजपाइयों की सारी मेहनत पानी हो गई’
सपा मीडिया सेल नामक अकाउंट से लिखा गया- भाजपा के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने बहुत प्रयास किया, तब जाकर अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट थोड़ी देर के लिए बंद करवाया। मगर हजारों-लाखों समाजवादियों की एक आवाज पर मेटा-फेसबुक को अकाउंट वापस करना पड़ा और भाजपाइयों की सारी मेहनत पानी हो गई। सपा को रोक पाना तुम सबके बस की बात नहीं है। अभी अकाउंट भी वापस आया है और आगे सत्ता भी समाजवादियों की वापस आएगी।” आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर राय दें- चलिए सिलसिलेवार पूरा मामला जानते हैं… शुक्रवार रात साढ़े 8 बजे अचानक अखिलेश का फेसबुक पेज सस्पेंड हो गया। पेज सर्च करने पर एक विंडो खुलकर सामने आती थी। जिसमें लिखा था- ”यह कंटेंट अभी उपलब्ध नहीं है। आमतौर पर इसलिए होता है, जब इसके ओनर ने इसे केवल लोगों के एक छोटे समूह के साथ शेयर किया है, बदल दिया है कि इसे कौन देख सकता है या इसे हटा दिया गया है।” पेज सस्पेंड किए जाने के बाद सपा नेता और कार्यकर्ता भड़क उठे थे। मेरठ की सरधना सीट से विधायक अतुल प्रधान ने कहा था- अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट बंद करवाकर सरकार उनको जनता के दिलों से दूर नहीं कर सकती। सपा नेताओं ने क्या कहा था…पढ़िए सपा ने पोस्ट लिखकर फेसबुक से पूछे थे सवाल फेसबुक पर अकाउंट क्यों होते हैं ब्लॉक या सस्पेंड —————— यह खबर भी पढ़िए:- योगी बोले- रवि किशन विदेशी घड़ी पहनते हैं:बात स्वदेशी की करते हैं, गोरखपुर में मंत्री ने कहा- इनकी दुकान नाच रही गोरखपुर में CM योगी ने स्वदेशी मेले में रविकिशन की विदेशी घड़ी को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी बोलने से कुछ नहीं होगा। इसे अपनाना भी होगा। इसी बीच शुक्रवार को मेले का शुभारंभ करने के बाद सीएम ने रविकिशन को बुलाकर अपने बगल की कुर्सी पर बैठाया। रविकिशन के करीबी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- सांसदजी ने ऑडेमार्स पिगुएट (Audemars Piguet) की घड़ी पहनी थी। यह स्विट्जरलैंड की कंपनी है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। इस ब्रांड की शुरुआत ही 24 लाख से होती है। पढ़ें पूरी खबर…
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का फेसबुक पेज 16 घंटे बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे बहाल हो गया। शुक्रवार देर रात साढ़े आठ बजे फेसबुक पेज सस्पेंड हुआ था। इस पर अखिलेश ने कहा, ‘मुझे जानकारी मिली कि यौन शोषण और हिंसा की शिकायत की वजह से सस्पेंशन हुआ। जिन पोस्ट पर आपत्ति दर्ज कराई गई, उसमें बलिया की एक घटना है- जहां एक युवती को लेकर पोस्ट किया गया था। वो सच्ची घटना थी। एक पोस्ट पत्रकार की हत्या को लेकर था। भाजपा के राज में मीडिया के मनोबल के एनकाउंटर का हर हथकंडा अपनाया जा रहा। अब समाजवादी समझ गए हैं कि हम जमीनी स्तर पर जितना ज्यादा काम करेंगे, उतनी ही ज्यादा लड़ाइयां जीतेंगे’ वहीं दिल्ली मेंं केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- अखिलेश का फेसबुक पेज सस्पेंड होने में हमारी कोई भूमिका नहीं थी। उनके अकाउंट पर कुछ पोस्ट थी, जिसके कारण फेसबुक ने अपनी नीति के अनुसार कार्रवाई की। अखिलेश के पेज से करीब 80 लाख लोग जुड़े थे। हालांकि, पेज क्यों सस्पेंड हुआ था? तकनीकी खामी थी या कोई और मामला। इसकी जानकारी अब तक नहीं दी गई है। इस मामले में मेटा या मेटा इंडिया की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सपा प्रवक्ता बोले- यह भाजपा की साजिश
सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा कि यह भाजपा की साजिश थी। बीजेपी आईटी सेल ने गलत तरीके से अकाउंट ब्लॉक कराया, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद इसे वापस किया गया। ‘भाजपाइयों की सारी मेहनत पानी हो गई’
सपा मीडिया सेल नामक अकाउंट से लिखा गया- भाजपा के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने बहुत प्रयास किया, तब जाकर अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट थोड़ी देर के लिए बंद करवाया। मगर हजारों-लाखों समाजवादियों की एक आवाज पर मेटा-फेसबुक को अकाउंट वापस करना पड़ा और भाजपाइयों की सारी मेहनत पानी हो गई। सपा को रोक पाना तुम सबके बस की बात नहीं है। अभी अकाउंट भी वापस आया है और आगे सत्ता भी समाजवादियों की वापस आएगी।” आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर राय दें- चलिए सिलसिलेवार पूरा मामला जानते हैं… शुक्रवार रात साढ़े 8 बजे अचानक अखिलेश का फेसबुक पेज सस्पेंड हो गया। पेज सर्च करने पर एक विंडो खुलकर सामने आती थी। जिसमें लिखा था- ”यह कंटेंट अभी उपलब्ध नहीं है। आमतौर पर इसलिए होता है, जब इसके ओनर ने इसे केवल लोगों के एक छोटे समूह के साथ शेयर किया है, बदल दिया है कि इसे कौन देख सकता है या इसे हटा दिया गया है।” पेज सस्पेंड किए जाने के बाद सपा नेता और कार्यकर्ता भड़क उठे थे। मेरठ की सरधना सीट से विधायक अतुल प्रधान ने कहा था- अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट बंद करवाकर सरकार उनको जनता के दिलों से दूर नहीं कर सकती। सपा नेताओं ने क्या कहा था…पढ़िए सपा ने पोस्ट लिखकर फेसबुक से पूछे थे सवाल फेसबुक पर अकाउंट क्यों होते हैं ब्लॉक या सस्पेंड —————— यह खबर भी पढ़िए:- योगी बोले- रवि किशन विदेशी घड़ी पहनते हैं:बात स्वदेशी की करते हैं, गोरखपुर में मंत्री ने कहा- इनकी दुकान नाच रही गोरखपुर में CM योगी ने स्वदेशी मेले में रविकिशन की विदेशी घड़ी को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी बोलने से कुछ नहीं होगा। इसे अपनाना भी होगा। इसी बीच शुक्रवार को मेले का शुभारंभ करने के बाद सीएम ने रविकिशन को बुलाकर अपने बगल की कुर्सी पर बैठाया। रविकिशन के करीबी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- सांसदजी ने ऑडेमार्स पिगुएट (Audemars Piguet) की घड़ी पहनी थी। यह स्विट्जरलैंड की कंपनी है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। इस ब्रांड की शुरुआत ही 24 लाख से होती है। पढ़ें पूरी खबर…