सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ मामले में सीबीआई जांच कराने और मद्रास हाईकोर्ट के SIT बनाने के आदेश को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। ये याचिकाएं एक्टर विजय की पार्टी TVK और भाजपा नेता उमा आनंदन ने दायर की थी। TVK की ओर से एडवोकेट गोपाल सुब्रमण्यम और सीए सुंदरम ने कहा कि हाईकोर्ट में याचिका केवल राजनीतिक रैलियों के लिए SOP (मानक प्रक्रिया) बनाने को लेकर थी, लेकिन मद्रास हाईकोर्ट ने पहले ही दिन SIT बना दी। उन्होंने कहा- विजय को पुलिस ने सुरक्षा कारणों से स्थल से हटाया था, लेकिन कोर्ट ने इसे ‘घटनास्थल छोड़कर भागने’ जैसा बताया, जो राजनीतिक रूप से गलत धारणा पैदा करता है। इधर, तमिलनाडु की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि CBI जांच की जरूरत नहीं है, क्योंकि पुलिस की बड़ी चूक साबित नहीं हुई है। वहीं, मुकुल रोहतगी और पी विल्सन ने कहा- भगदड़ इसलिए हुई क्योंकि भीड़ सुबह से जमा थी, जबकि विजय शाम 7 बजे पहुंचे। दरअसल, 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा घायल हुए थे। भाजपा नेता उमा आनंदन ने मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की है। वहीं, मामले की सुनवाई जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच कर रही है। TVK बोली- हाईकोर्ट की टिप्पणी अनुचित हाईकोर्ट ने 4 अक्टूबर को कहा था कि विजय और उनकी पार्टी घटना के बाद चले गए और दुख नहीं जताया। इस पर TVK ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह टिप्पणी एकतरफा और अनुचित है। साथ ही पार्टी ने हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई SIT पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि उसमें केवल राज्य पुलिस के अफसर शामिल हैं। TVK ने यह भी आरोप लगाया है कि यह भगदड़ कुछ शरारती तत्वों की साजिश का नतीजा हो सकती है। 4 अक्टूबर- हाईकोर्ट ने कहा – पार्टी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने 4 अक्टूबर को CBI जांच की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दी थी। वहीं, अतिरिक्त मुआवजा राशि की मांग वाली याचिका पर स्टालिन सरकार को नोटिस जारी किया। यहां मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी। साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित की है। इसकी अगुआई तमिलनाडु पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल (IG) असरा गर्ग कर रहे हैं। विजय ने मृतकों के परिवार से वीडियो कॉल पर बात की विजय ने करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना शुरू किया है। इंडिया टुडे के मुताबिक, विजय कई परिवारों से वीडियो कॉल पर बात कर चुके हैं। विजय बोले थे- बदला मुझसे लें, मेरे लोगों से नहीं विजय थलपति ने 30 सितंबर को एक वीडियो जारी किया था। इसमें विजय ने कहा, “क्या CM स्टालिन बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं। हमने कुछ गलत नहीं किया। अगर बदला लेना है तो मेरे पास आओ। मैं घर में मिलूंगा या ऑफिस में। मेरी पार्टी के पदाधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मैं CM से अपील करता हूं कि कृपया मेरी पार्टी के पदाधिकारियों को नुकसान न पहुंचाएं।” भगदड़ के बाद की 2 तस्वीरें… विजय ने 20 अक्टूबर तक रैलियां रोकीं तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) प्रमुख और एक्टर विजय ने 20 अक्टूबर तक सभी राजनीतिक रैलियां स्थगित कर दी हैं, जिससे उनके राज्यव्यापी चुनाव अभियान पर विराम लग गया है। TVK ने सोशल मीडिया पर अपनी रैलियों के अस्थायी निलंबन की जानकारी पोस्ट की। विजय की पार्टी ने मृतकों के परिजनों के लिए 20 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की है। वहीं, TVK महासचिव आनंद और निर्मल कुमार की अग्रिम जमानत याचिकाएं भी जस्टिस जोतिरमन की सिंगल बेंच में सुनवाई के लिए लिस्ट की गई थी। लेकिन इस पर सुनवाई नहीं हुई। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… विजय राजनीति के लिए फिल्में छोड़ रहे, कभी इससे दूर रहने के लिए माता-पिता पर केस किया था करूर भगदड़ से विवादों में आए तमिल अभिनेता जोसेफ विजय चंद्रशेखर उर्फ थलापति विजय का जीवन सिर्फ फिल्मों और ग्लैमर तक सीमित नहीं रहा। 2021 में राजनीति से दूर रहने की शर्त पर वे अपने माता-पिता के खिलाफ कोर्ट तक जा चुके थे। पूरी खबर पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ मामले में सीबीआई जांच कराने और मद्रास हाईकोर्ट के SIT बनाने के आदेश को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। ये याचिकाएं एक्टर विजय की पार्टी TVK और भाजपा नेता उमा आनंदन ने दायर की थी। TVK की ओर से एडवोकेट गोपाल सुब्रमण्यम और सीए सुंदरम ने कहा कि हाईकोर्ट में याचिका केवल राजनीतिक रैलियों के लिए SOP (मानक प्रक्रिया) बनाने को लेकर थी, लेकिन मद्रास हाईकोर्ट ने पहले ही दिन SIT बना दी। उन्होंने कहा- विजय को पुलिस ने सुरक्षा कारणों से स्थल से हटाया था, लेकिन कोर्ट ने इसे ‘घटनास्थल छोड़कर भागने’ जैसा बताया, जो राजनीतिक रूप से गलत धारणा पैदा करता है। इधर, तमिलनाडु की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि CBI जांच की जरूरत नहीं है, क्योंकि पुलिस की बड़ी चूक साबित नहीं हुई है। वहीं, मुकुल रोहतगी और पी विल्सन ने कहा- भगदड़ इसलिए हुई क्योंकि भीड़ सुबह से जमा थी, जबकि विजय शाम 7 बजे पहुंचे। दरअसल, 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा घायल हुए थे। भाजपा नेता उमा आनंदन ने मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की है। वहीं, मामले की सुनवाई जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच कर रही है। TVK बोली- हाईकोर्ट की टिप्पणी अनुचित हाईकोर्ट ने 4 अक्टूबर को कहा था कि विजय और उनकी पार्टी घटना के बाद चले गए और दुख नहीं जताया। इस पर TVK ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह टिप्पणी एकतरफा और अनुचित है। साथ ही पार्टी ने हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई SIT पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि उसमें केवल राज्य पुलिस के अफसर शामिल हैं। TVK ने यह भी आरोप लगाया है कि यह भगदड़ कुछ शरारती तत्वों की साजिश का नतीजा हो सकती है। 4 अक्टूबर- हाईकोर्ट ने कहा – पार्टी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने 4 अक्टूबर को CBI जांच की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दी थी। वहीं, अतिरिक्त मुआवजा राशि की मांग वाली याचिका पर स्टालिन सरकार को नोटिस जारी किया। यहां मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी। साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित की है। इसकी अगुआई तमिलनाडु पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल (IG) असरा गर्ग कर रहे हैं। विजय ने मृतकों के परिवार से वीडियो कॉल पर बात की विजय ने करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना शुरू किया है। इंडिया टुडे के मुताबिक, विजय कई परिवारों से वीडियो कॉल पर बात कर चुके हैं। विजय बोले थे- बदला मुझसे लें, मेरे लोगों से नहीं विजय थलपति ने 30 सितंबर को एक वीडियो जारी किया था। इसमें विजय ने कहा, “क्या CM स्टालिन बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं। हमने कुछ गलत नहीं किया। अगर बदला लेना है तो मेरे पास आओ। मैं घर में मिलूंगा या ऑफिस में। मेरी पार्टी के पदाधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मैं CM से अपील करता हूं कि कृपया मेरी पार्टी के पदाधिकारियों को नुकसान न पहुंचाएं।” भगदड़ के बाद की 2 तस्वीरें… विजय ने 20 अक्टूबर तक रैलियां रोकीं तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) प्रमुख और एक्टर विजय ने 20 अक्टूबर तक सभी राजनीतिक रैलियां स्थगित कर दी हैं, जिससे उनके राज्यव्यापी चुनाव अभियान पर विराम लग गया है। TVK ने सोशल मीडिया पर अपनी रैलियों के अस्थायी निलंबन की जानकारी पोस्ट की। विजय की पार्टी ने मृतकों के परिजनों के लिए 20 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की है। वहीं, TVK महासचिव आनंद और निर्मल कुमार की अग्रिम जमानत याचिकाएं भी जस्टिस जोतिरमन की सिंगल बेंच में सुनवाई के लिए लिस्ट की गई थी। लेकिन इस पर सुनवाई नहीं हुई। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… विजय राजनीति के लिए फिल्में छोड़ रहे, कभी इससे दूर रहने के लिए माता-पिता पर केस किया था करूर भगदड़ से विवादों में आए तमिल अभिनेता जोसेफ विजय चंद्रशेखर उर्फ थलापति विजय का जीवन सिर्फ फिल्मों और ग्लैमर तक सीमित नहीं रहा। 2021 में राजनीति से दूर रहने की शर्त पर वे अपने माता-पिता के खिलाफ कोर्ट तक जा चुके थे। पूरी खबर पढ़ें…