ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों का फोकस पंजाब का माहौल खराब करने पर हैं। अगस्त महीने से लगातार हैंड ग्रेनेड्स व छोटे हथियार भेजे जा रहे हैं। जालंधर में गुरुवार रिकवर किया गया RDX व IED भी इसी साजिश का हिस्सा है। पुलिस ने ISI का समर्थन प्राप्त बब्बर खालसा इंटरनेशनल के हरविंदर सिंह रिंदा के दो साथियों को भी अरेस्ट किया है। पंजाब पुलिस की रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब में अगस्त से लेकर अभी तक 3 IED व 4.500 किलो RDX रिकवर किया गया है। गुरुवार दो आतंकियों से 2.500 किलो RDX रिकवर किया गया। इतना RDX एक शहर को दहलाने के लिए काफी है। वहीं, इससे पहले दो खेप- 25 अगस्त को 2 किलो RDX के साथ बटाला और 7 अगस्त को तरनतारन से IED जब्त किया गया। पंजाब में अभी तक 17 हैंड ग्रेनेड जब्त किए जा चुके हैं। कितने अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं, इसकी कोई भी जानकारी नहीं है। बीते साल दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक हैंड ग्रेनेड्स का ही इस्तेमाल पुलिस थाना, बीजेपी नेता और शराब कारोबारी के घर पर किया गया था। 40 दिन में 96 पिस्टल पुलिस ने किए रिकवर पंजाब पुलिस ने 40 दिन में 96 पिस्टल रिकवर किए हैं। ये छोटे हथियार टारगेट किलिंग में इस्तेमाल किए जाते हैं। ISI बब्बर खालसा के आतंकियों के हाथों में ये हथियार पहुंचाना चाहता है, ताकि टारगेट किलिंग कर 1980 के दशक का माहौल दोबारा से खड़ा किया जा सके। पुलिस रिपोर्ट्स के अनुसार इन 96 पिस्टल में अमृतसर से 46, फाजिल्का से 21 और फिरोजपुर से 29 पिस्टल रिकवर किए जा चुके हैं। इनमें खास पिस्टल ग्लॉक भेजी जा रही है। ग्लॉक: सेना और सुरक्षा बलों के बाद अब गैंगस्टरों की पसंद ग्लॉक पिस्टल मूल रूप से ऑस्ट्रिया में निर्मित होती है और यह दुनिया के 70 से अधिक देशों की सेनाओं और सुरक्षा बलों द्वारा उपयोग की जाती है, जिनमें अमेरिका, इंग्लैंड और भारत भी शामिल हैं। यह मिलिट्री कैटेगरी की सबसे हल्की और कॉम्पैक्ट पिस्टलों में से एक मानी जाती है। इसमें एक मैगजीन में 17 गोलियों की क्षमता होती है। काले बाजार में तीन गुना कीमत ग्लॉक पिस्टल की कीमत सामान्य रूप से करीब 1 लाख रुपए होती है, लेकिन ब्लैक मार्केट में यह 2 से 3 लाख रुपए तक में बिकती है। इसकी बढ़ती मांग और सीमित उपलब्धता इसके काले बाजार मूल्य को तीन गुना तक बढ़ा देती है। गैंगस्टरों के बीच लोकप्रियता के कारण ग्लॉक की सबसे बड़ी खासियत इसका हैंडलिंग में आसान होना है। इसकी बनावट ऐसी है कि इसे छिपाना, उठाना और इस्तेमाल करना बेहद सहज होता है। इसके अलावा, इसकी एक बार लोड की गई मैगजीन में 17 राउंड की क्षमता होती है, जिससे बार-बार री-लोडिंग की जरूरत नहीं पड़ती- यह विशेषता आतंकियों व गैंगस्टरों के लिए बेहद आकर्षक बनती है। ISI के जरिए भारत में तस्करी सूत्रों के अनुसार, इस पिस्टल की तस्करी में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका भी सामने आई है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रास्ते आतंकी संगठनों की मदद से ग्लॉक पिस्टल पंजाब में सक्रिय बब्बर खालसा के आतंकियों व उनके सहयोगी गैंगस्टरों तक पहुंचाई जा रही हैं। पंजाब में सुरक्षा नाके बढ़ाए गए इंटेलिजेंस की इनपुट के बाद पंजाब में सुरक्षा नाकों को बढ़ा दिया गया है। डीजीपी गौरव यादव की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब में पाकिस्तान की दखलअंदाजी बढ़ने लगी है। पंजाब पुलिस को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पंजाब में माहौल को बिगाड़ने की कोशिशों में जुटी है। इसके बाद त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पंजाब में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पंजाब में इस समय 57 अतिरिक्त बटालियनें तैनात की गई हैं। जिनमें 7 BSF बटालियन हैं। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का व मुक्तसर में तैनात की गई हैं। अन्य जिलों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई हैं, जहां 50 पुलिस की बटालियन अतिरिक्त उतारी गई हैं। 88 आतंकी मॉड्यूल तोड़े बीते साल सितंबर से 30 सितंबर 2025 तक 88 टेरर मॉड्यूल तोड़े जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पंजाब पुलिस लगातार केंद्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क में है। अन्य देशों में भी कई ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। यही कारण है कि बीते दिनों यूएई से पिंदी नामक बब्बर खालसा के आतंकी को अरेस्ट कर भारत लाया जा सका। वहीं, पुलिस स्टेशनों पर बम धमाके करवाने वाले हैप्पी पसियां को अमेरिका में पकड़ा जा चुका है। लिस्ट काफी लंबी है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों का फोकस पंजाब का माहौल खराब करने पर हैं। अगस्त महीने से लगातार हैंड ग्रेनेड्स व छोटे हथियार भेजे जा रहे हैं। जालंधर में गुरुवार रिकवर किया गया RDX व IED भी इसी साजिश का हिस्सा है। पुलिस ने ISI का समर्थन प्राप्त बब्बर खालसा इंटरनेशनल के हरविंदर सिंह रिंदा के दो साथियों को भी अरेस्ट किया है। पंजाब पुलिस की रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब में अगस्त से लेकर अभी तक 3 IED व 4.500 किलो RDX रिकवर किया गया है। गुरुवार दो आतंकियों से 2.500 किलो RDX रिकवर किया गया। इतना RDX एक शहर को दहलाने के लिए काफी है। वहीं, इससे पहले दो खेप- 25 अगस्त को 2 किलो RDX के साथ बटाला और 7 अगस्त को तरनतारन से IED जब्त किया गया। पंजाब में अभी तक 17 हैंड ग्रेनेड जब्त किए जा चुके हैं। कितने अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं, इसकी कोई भी जानकारी नहीं है। बीते साल दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक हैंड ग्रेनेड्स का ही इस्तेमाल पुलिस थाना, बीजेपी नेता और शराब कारोबारी के घर पर किया गया था। 40 दिन में 96 पिस्टल पुलिस ने किए रिकवर पंजाब पुलिस ने 40 दिन में 96 पिस्टल रिकवर किए हैं। ये छोटे हथियार टारगेट किलिंग में इस्तेमाल किए जाते हैं। ISI बब्बर खालसा के आतंकियों के हाथों में ये हथियार पहुंचाना चाहता है, ताकि टारगेट किलिंग कर 1980 के दशक का माहौल दोबारा से खड़ा किया जा सके। पुलिस रिपोर्ट्स के अनुसार इन 96 पिस्टल में अमृतसर से 46, फाजिल्का से 21 और फिरोजपुर से 29 पिस्टल रिकवर किए जा चुके हैं। इनमें खास पिस्टल ग्लॉक भेजी जा रही है। ग्लॉक: सेना और सुरक्षा बलों के बाद अब गैंगस्टरों की पसंद ग्लॉक पिस्टल मूल रूप से ऑस्ट्रिया में निर्मित होती है और यह दुनिया के 70 से अधिक देशों की सेनाओं और सुरक्षा बलों द्वारा उपयोग की जाती है, जिनमें अमेरिका, इंग्लैंड और भारत भी शामिल हैं। यह मिलिट्री कैटेगरी की सबसे हल्की और कॉम्पैक्ट पिस्टलों में से एक मानी जाती है। इसमें एक मैगजीन में 17 गोलियों की क्षमता होती है। काले बाजार में तीन गुना कीमत ग्लॉक पिस्टल की कीमत सामान्य रूप से करीब 1 लाख रुपए होती है, लेकिन ब्लैक मार्केट में यह 2 से 3 लाख रुपए तक में बिकती है। इसकी बढ़ती मांग और सीमित उपलब्धता इसके काले बाजार मूल्य को तीन गुना तक बढ़ा देती है। गैंगस्टरों के बीच लोकप्रियता के कारण ग्लॉक की सबसे बड़ी खासियत इसका हैंडलिंग में आसान होना है। इसकी बनावट ऐसी है कि इसे छिपाना, उठाना और इस्तेमाल करना बेहद सहज होता है। इसके अलावा, इसकी एक बार लोड की गई मैगजीन में 17 राउंड की क्षमता होती है, जिससे बार-बार री-लोडिंग की जरूरत नहीं पड़ती- यह विशेषता आतंकियों व गैंगस्टरों के लिए बेहद आकर्षक बनती है। ISI के जरिए भारत में तस्करी सूत्रों के अनुसार, इस पिस्टल की तस्करी में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका भी सामने आई है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रास्ते आतंकी संगठनों की मदद से ग्लॉक पिस्टल पंजाब में सक्रिय बब्बर खालसा के आतंकियों व उनके सहयोगी गैंगस्टरों तक पहुंचाई जा रही हैं। पंजाब में सुरक्षा नाके बढ़ाए गए इंटेलिजेंस की इनपुट के बाद पंजाब में सुरक्षा नाकों को बढ़ा दिया गया है। डीजीपी गौरव यादव की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब में पाकिस्तान की दखलअंदाजी बढ़ने लगी है। पंजाब पुलिस को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पंजाब में माहौल को बिगाड़ने की कोशिशों में जुटी है। इसके बाद त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पंजाब में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पंजाब में इस समय 57 अतिरिक्त बटालियनें तैनात की गई हैं। जिनमें 7 BSF बटालियन हैं। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का व मुक्तसर में तैनात की गई हैं। अन्य जिलों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई हैं, जहां 50 पुलिस की बटालियन अतिरिक्त उतारी गई हैं। 88 आतंकी मॉड्यूल तोड़े बीते साल सितंबर से 30 सितंबर 2025 तक 88 टेरर मॉड्यूल तोड़े जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पंजाब पुलिस लगातार केंद्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क में है। अन्य देशों में भी कई ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। यही कारण है कि बीते दिनों यूएई से पिंदी नामक बब्बर खालसा के आतंकी को अरेस्ट कर भारत लाया जा सका। वहीं, पुलिस स्टेशनों पर बम धमाके करवाने वाले हैप्पी पसियां को अमेरिका में पकड़ा जा चुका है। लिस्ट काफी लंबी है।