हरियाणा के IPS अफसर IG वाई पूरन कुमार का सुसाइड केस अब तूल पकड़ता दिख रहा है। इस मामले में IPS-IAS अफसरों के साथ ही HCS और HPS अफसर भी दो धड़ों में बंटे हैं। एससी वर्ग के अफसर वाई पूरन कुमार को न्याय दिलाने के लिए लामबंद हो रहे हैं।
इसी बीच वीरवार को हरियाणा सिविल सर्विस (ईबी) ऑफिसर्स एसोसिएशन भी वाई पूरन कुमार के परिवार के समर्थन में उतर आई। एसोसिएशन ने CM नायब सैनी को उनके आवास पर ज्ञापन दिया। जिसमें मांग कि सुसाइड नोट के आधार पर बिना देरी FIR दर्ज हो। साथ ही आरोपियों को अस्थाई तौर पर पावरफुल पदों से हटाया जाए, ताकि बिना किसी प्रभाव-दबाव के जांच हो सके। एसोसिएशन के प्रेजीडेंट एचसीएस शंभू ने बताया कि 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सीएम आवास पर ज्ञापन देकर फेयर जांच की मांग की है। सीएम ने न्याय का आश्वासन दिया है।
इससे पहले बुधवार शाम को SC वर्ग से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों व समाज के लोगों की चडीगढ़ में एक सीक्रेट मीटिंग भी हुई, जिसमें प्रिंसिपल सेक्रेटरी लेवल के एक IAS अधिकारी भी पहुंचे। इस मीटिंग की सूचना मिलते ही सरकार चौकन्नी हुई। इसी बीच डैमेज कंट्रोल के लिए सरकार के मुख्य सचिव CS अनुराग रस्तोगी ने मध्यस्थता की कोशिश शुरू कर दी थीं। वे पूरन कुमार की IAS अफसर पत्नी अमनीत पी कुमार से बात करने उनकी चंडीगढ़ कोठी पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस दौरान अनुराग रस्तोगी ने सांत्वना जताते हुए कहा कि शव का पोस्टमॉर्टम होने दें, ताकि अंतिम संस्कार हो सके। इस पर अमनीत पी कुमार ने पहले तो यह कहा कि उनकी बेटी के अमेरिका से लौटने के बाद ही अंतिम संस्कार पर फैसला होगा। रस्तोगी ने कहा कि संस्कार का फैसला उनके आने पर कर लें, लेकिन उससे पहले पोस्टमॉर्टम होने दें। इस पर अमनीत पी कुमार ने एग्रेसिव हो गईं। उन्होंने कहा कि ठीक है, सुसाइड नोट में जिन अफसरों के नाम हैं, उनके आधार पर FIR दर्ज करवा दें, फिर वह पोस्टमॉर्टम पर फैसला कर लेंगी। इस पर रस्तोगी कोई आश्वासन नहीं दे पाए। इसके कुछ घंटे बाद अमनीत पी कुमार की ओर से चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में शिकायत दी गई। सुसाइड नोट और शिकायत में जातिगत भेदभाव का आरोप
IPS पूरन कुमार के 8 पेज के आखिरी नोट में जातीय भेदभाव का जिक्र है। इसमें 15 अफसरों के नाम हैं। इससे पहले भी पूरन कुमार ने बड़े अफसरों द्वारा जातीय आधार पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे और इसकी शिकायतें की थीं। यहां तक कि मुख्य सचिव तक से इसकी शिकायत की थी। बुधवार शाम को अमनीत पी कुमार की ओर से FIR दर्ज करने की जो शिकायत दी गई है, उसमें भी जातीय आधार पर उत्पीड़न करने का आरोप है। अब सिलसिलेवार पढ़ें, IAS और IPS के बीच लॉबिंग से लेकर वीडियो-नोट वायरल करने की लड़ाई एससी वर्ग की बैठक में इन मामलों का जिक्र हुआ चंडीगढ़ के अंबेडकर भवन में समाज की मीटिंग में एससी वर्ग के अफसरों को जानबूझ कर टारगेट करने का आरोप लगाया गया। इस मीटिंग में कई केसों का जिक्र हुआ। जिनमें ये 3 केस भी शामिल रहे। एचसीएस एसोसिएशन ने भी कहा- आरोपी अधिकारियों को अस्थायी रूप से पद से हटाए
एचसीएस एसोसिएशन ने भी वाई पूरन कुमार मामले सीएम को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि एसोसिएशन आग्रह करती है कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ निपटाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना किसी देरी के एफआईआर दर्ज की जाए और नए आपराधिक कानूनों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की जाए। न्याय हित में, एसोसिएशन यह भी सुझाव देती है कि कनिष्ठ जांच अधिकारियों पर अनुचित प्रभाव की आशंका को कम करने के लिए आरोपी अधिकारियों को अस्थायी रूप से पद से हटाना नितांत आवश्यक है। —————————- ये खबरें भी पढ़ें… हरियाणा IPS पूरन कुमार का आज पोस्टमॉर्टम संभव:IAS पत्नी वीडियोग्राफी कराएंगी, बेटी अमेरिका से आएगी; DGP के खिलाफ शिकायत हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के शव का आज (9 अक्टूबर) पोस्टमॉर्टम हो सकता है। बुधवार को उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार जापान दौरे से चंडीगढ़ लौट आईं थी, लेकिन वह पोस्टमॉर्टम के लिए राजी नहीं हुईं। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा IPS के आखिरी नोट में 15 अफसरों के नाम:DGP- रोहतक SP झूठे केस में फंसाने की कोशिश कर रहे; चीफ सेक्रेटरी का भी जिक्र हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या करने से पहले 9 पेज का आखिरी नोट लिखा था। इसमें उन्होंंने आठ पेज में अपने साथ हुई प्रताड़ना की कहानी बयां की है। सुसाइड नोट के लास्ट पेज मेंं आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार के नाम पर वसीयत लिखी है। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के IPS अफसर IG वाई पूरन कुमार का सुसाइड केस अब तूल पकड़ता दिख रहा है। इस मामले में IPS-IAS अफसरों के साथ ही HCS और HPS अफसर भी दो धड़ों में बंटे हैं। एससी वर्ग के अफसर वाई पूरन कुमार को न्याय दिलाने के लिए लामबंद हो रहे हैं।
इसी बीच वीरवार को हरियाणा सिविल सर्विस (ईबी) ऑफिसर्स एसोसिएशन भी वाई पूरन कुमार के परिवार के समर्थन में उतर आई। एसोसिएशन ने CM नायब सैनी को उनके आवास पर ज्ञापन दिया। जिसमें मांग कि सुसाइड नोट के आधार पर बिना देरी FIR दर्ज हो। साथ ही आरोपियों को अस्थाई तौर पर पावरफुल पदों से हटाया जाए, ताकि बिना किसी प्रभाव-दबाव के जांच हो सके। एसोसिएशन के प्रेजीडेंट एचसीएस शंभू ने बताया कि 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सीएम आवास पर ज्ञापन देकर फेयर जांच की मांग की है। सीएम ने न्याय का आश्वासन दिया है।
इससे पहले बुधवार शाम को SC वर्ग से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों व समाज के लोगों की चडीगढ़ में एक सीक्रेट मीटिंग भी हुई, जिसमें प्रिंसिपल सेक्रेटरी लेवल के एक IAS अधिकारी भी पहुंचे। इस मीटिंग की सूचना मिलते ही सरकार चौकन्नी हुई। इसी बीच डैमेज कंट्रोल के लिए सरकार के मुख्य सचिव CS अनुराग रस्तोगी ने मध्यस्थता की कोशिश शुरू कर दी थीं। वे पूरन कुमार की IAS अफसर पत्नी अमनीत पी कुमार से बात करने उनकी चंडीगढ़ कोठी पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस दौरान अनुराग रस्तोगी ने सांत्वना जताते हुए कहा कि शव का पोस्टमॉर्टम होने दें, ताकि अंतिम संस्कार हो सके। इस पर अमनीत पी कुमार ने पहले तो यह कहा कि उनकी बेटी के अमेरिका से लौटने के बाद ही अंतिम संस्कार पर फैसला होगा। रस्तोगी ने कहा कि संस्कार का फैसला उनके आने पर कर लें, लेकिन उससे पहले पोस्टमॉर्टम होने दें। इस पर अमनीत पी कुमार ने एग्रेसिव हो गईं। उन्होंने कहा कि ठीक है, सुसाइड नोट में जिन अफसरों के नाम हैं, उनके आधार पर FIR दर्ज करवा दें, फिर वह पोस्टमॉर्टम पर फैसला कर लेंगी। इस पर रस्तोगी कोई आश्वासन नहीं दे पाए। इसके कुछ घंटे बाद अमनीत पी कुमार की ओर से चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में शिकायत दी गई। सुसाइड नोट और शिकायत में जातिगत भेदभाव का आरोप
IPS पूरन कुमार के 8 पेज के आखिरी नोट में जातीय भेदभाव का जिक्र है। इसमें 15 अफसरों के नाम हैं। इससे पहले भी पूरन कुमार ने बड़े अफसरों द्वारा जातीय आधार पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे और इसकी शिकायतें की थीं। यहां तक कि मुख्य सचिव तक से इसकी शिकायत की थी। बुधवार शाम को अमनीत पी कुमार की ओर से FIR दर्ज करने की जो शिकायत दी गई है, उसमें भी जातीय आधार पर उत्पीड़न करने का आरोप है। अब सिलसिलेवार पढ़ें, IAS और IPS के बीच लॉबिंग से लेकर वीडियो-नोट वायरल करने की लड़ाई एससी वर्ग की बैठक में इन मामलों का जिक्र हुआ चंडीगढ़ के अंबेडकर भवन में समाज की मीटिंग में एससी वर्ग के अफसरों को जानबूझ कर टारगेट करने का आरोप लगाया गया। इस मीटिंग में कई केसों का जिक्र हुआ। जिनमें ये 3 केस भी शामिल रहे। एचसीएस एसोसिएशन ने भी कहा- आरोपी अधिकारियों को अस्थायी रूप से पद से हटाए
एचसीएस एसोसिएशन ने भी वाई पूरन कुमार मामले सीएम को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि एसोसिएशन आग्रह करती है कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ निपटाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना किसी देरी के एफआईआर दर्ज की जाए और नए आपराधिक कानूनों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की जाए। न्याय हित में, एसोसिएशन यह भी सुझाव देती है कि कनिष्ठ जांच अधिकारियों पर अनुचित प्रभाव की आशंका को कम करने के लिए आरोपी अधिकारियों को अस्थायी रूप से पद से हटाना नितांत आवश्यक है। —————————- ये खबरें भी पढ़ें… हरियाणा IPS पूरन कुमार का आज पोस्टमॉर्टम संभव:IAS पत्नी वीडियोग्राफी कराएंगी, बेटी अमेरिका से आएगी; DGP के खिलाफ शिकायत हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के शव का आज (9 अक्टूबर) पोस्टमॉर्टम हो सकता है। बुधवार को उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार जापान दौरे से चंडीगढ़ लौट आईं थी, लेकिन वह पोस्टमॉर्टम के लिए राजी नहीं हुईं। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा IPS के आखिरी नोट में 15 अफसरों के नाम:DGP- रोहतक SP झूठे केस में फंसाने की कोशिश कर रहे; चीफ सेक्रेटरी का भी जिक्र हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या करने से पहले 9 पेज का आखिरी नोट लिखा था। इसमें उन्होंंने आठ पेज में अपने साथ हुई प्रताड़ना की कहानी बयां की है। सुसाइड नोट के लास्ट पेज मेंं आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार के नाम पर वसीयत लिखी है। पूरी खबर पढ़ें…