मध्यप्रदेश में 23 बच्चों की मौत का कारण बने कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी की फैक्ट्री को तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को सील कर दिया। सरकार ने चेन्नई बेस्ड कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की भी बात कही है। इधर, 23 बच्चों की मौत मामले में मध्यप्रदेश सरकार की बनाई विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी तमिलनाडु पहुंची। टीम ने कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस और कांचीपुरम स्थित प्लांट का दौरा कर साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी का मालिक तीन दिन पहले ही फैक्ट्री छोड़कर चला गया था। बता दें कि तमिलनाडु सरकार की जांच में कोल्ड्रिफ (Coldrif) सिरप में 48.6% जहरीला रसायन डायएथिलिन ग्लायकॉल पाया गया था। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार की जांच में भी सिरप कोल्ड्रिफ (Coldrif) में 46.2% डायएथिलिन ग्लायकॉल (DEG) की पुष्टि हुई थी। कफ सिरप बनाने वाली कंपनी का डायरेक्टर रंगनाथन फरार
इधर, कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मा का डायरेक्टर जी रंगनाथन फरार हो गया है। रंगनाथन की जानकारी देने वाले को एसआईटी ने 20 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान किया है। चेन्नई में रंगनाथन का चेन्नई-बेंगलुरु राजमार्ग पर स्थित 2,000 वर्ग फुट का अपार्टमेंट सील कर दिया गया है, जबकि कोडम्बक्कम स्थित उनका पंजीकृत कार्यालय अभी भी बंद है। छिंदवाड़ा के सिविल सर्जन को हटाया गया
जहरीले सिरप से मौत के इस मामले में एक और एक्शन हुआ है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के सिविल सर्जन नरेश गोन्नाड़े को हटा दिया है। उनकी जगह डॉ. सुशील दुबे नए सिविल सर्जन बनाए गए हैं। नरेश गोन्नाड़े सीएमएचओ भी हैं, उनके पास सिविल सर्जन का प्रभार भी था। जिसके बाद उनसे सिविल सर्जन का चार्ज वापस ले लिया गया है। इससे पहले बुधवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने उन्हें लैब की खामियां गिनाईं। स्वास्थ्य मंत्री मृतक बच्चों के परिजन से भी मिले। इससे पहले डिप्टी सीएम मंगलवार रात को नागपुर पहुंचे थे, यहां वे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बीमार बच्चों से मिले। इसके बाद शुक्ल छिंदवाड़ा पहुंचे। राहुल गांधी आएंगे परासिया, पीड़ितों से मिलेंगे
इस बीच खबर है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 11 या 12 अक्टूबर को छिंदवाड़ा आएंगे। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, वे परासिया में कफ सिरप पीने से मृत बच्चों के परिजन से मुलाकात करेंगे। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताई लैब की खामियां
बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर ने स्वास्थ्य मंत्री को लैब की कमियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारी लैब को अपडेशन की जरूरत है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कहां की लैब, छिंदवाड़ा की या भोपाल की। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि भोपाल की लैब। वहां पर ही माइक्रो लेवल पर टेस्टिंग नहीं हो पाती और जांच में भी समय लगता है। डॉक्टरों से कहा – यह हड़ताल का सही समय नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की, जिन्होंने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। मंत्री ने डॉक्टरों से अनुरोध किया कि इमरजेंसी के हालात में हड़ताल पर न जाएं, क्योंकि इससे डॉक्टरों की छवि पर असर पड़ता है। IMA की जिला अध्यक्ष डॉ. अल्पना शुक्ला ने बताया कि मंत्री के अनुरोध पर कार्यकारिणी की बैठक के बाद हड़ताल पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मेडिकल स्टोर संचालकों ने गाइडलाइन मांगी
जिला औषधि विक्रेता संघ ने भी स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। अध्यक्ष संतोष चौरे ने कहा, प्रशासन हम पर सभी तरह के कफ सिरप न बेचने का दबाव बना रहा है। ऐसे में मौसमी बीमारियों के मरीजों को भी हम दूसरी कंपनियों के सिरप नहीं दे पा रहे हैं। हमें इस पर स्पष्ट गाइडलाइन चाहिए। बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर चलाया तो 3 महीने की सजा
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के बाद राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर अब सरकार और नियामक एजेंसियां सख्त हो गई हैं। प्रदेश में हजारों मेडिकल स्टोर ऐसे हैं, जो बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी में दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। इस पर अब काउंसिल ने सभी अस्पतालों, फार्मेसियों और मेडिकल स्टोर्स को नोटिस जारी कर चेताया है कि किसी भी गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा का वितरण, भंडारण या बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित मेडिकल स्टोर या संस्था का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर… देर रात नागपुर में भर्ती बच्चों से मिले थे शुक्ल
छिंदवाड़ा आने से पहले स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल मंगलवार देर रात नागपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने GMC, एम्स और न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल में भर्ती बीमार बच्चों का हाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उमंग सिंघार बोले- 4 लाख में मां की गोद खरीद रहे
सिरप से बच्चों की मौत मामले में मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार 4 लाख रुपए में मां की गोद खरीदना चाहती है। ये कैसे बेशर्म स्वास्थ्य मंत्री हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि परिजनों से बिल लेकर अस्पताल से संबंधित भुगतान किया जाए, ताकि वे परिवार जिनके बच्चों की मृत्यु हो चुकी है और जो कर्ज में डूब चुके हैं, उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। सिंघार बुधवार को छिंदवाड़ा पहुंचे थे। 3 साल के वेदांत और 2 साल की जयुषा की मौत
मंगलवार को दो और बच्चों की मौत हो गई थी। इनकी पहचान 3 साल के वेदांत काकुड़िया और 2 साल की जयुषा यदुवंशी के रूप में हुई है। दोनों ने नागपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ा। इसी के साथ प्रदेश में सिरप कांड से मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 23 हो गई है। ———– कफ सिरप पर ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस ने पूछा- क्या स्वास्थ्य मंत्री के घर बुलडोजर चलेगा? जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों के मामले में मध्य प्रदेश और राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी मुख्यालय में की गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल पर सवाल उठाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश में 23 बच्चों की मौत का कारण बने कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी की फैक्ट्री को तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को सील कर दिया। सरकार ने चेन्नई बेस्ड कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की भी बात कही है। इधर, 23 बच्चों की मौत मामले में मध्यप्रदेश सरकार की बनाई विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी तमिलनाडु पहुंची। टीम ने कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस और कांचीपुरम स्थित प्लांट का दौरा कर साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी का मालिक तीन दिन पहले ही फैक्ट्री छोड़कर चला गया था। बता दें कि तमिलनाडु सरकार की जांच में कोल्ड्रिफ (Coldrif) सिरप में 48.6% जहरीला रसायन डायएथिलिन ग्लायकॉल पाया गया था। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार की जांच में भी सिरप कोल्ड्रिफ (Coldrif) में 46.2% डायएथिलिन ग्लायकॉल (DEG) की पुष्टि हुई थी। कफ सिरप बनाने वाली कंपनी का डायरेक्टर रंगनाथन फरार
इधर, कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मा का डायरेक्टर जी रंगनाथन फरार हो गया है। रंगनाथन की जानकारी देने वाले को एसआईटी ने 20 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान किया है। चेन्नई में रंगनाथन का चेन्नई-बेंगलुरु राजमार्ग पर स्थित 2,000 वर्ग फुट का अपार्टमेंट सील कर दिया गया है, जबकि कोडम्बक्कम स्थित उनका पंजीकृत कार्यालय अभी भी बंद है। छिंदवाड़ा के सिविल सर्जन को हटाया गया
जहरीले सिरप से मौत के इस मामले में एक और एक्शन हुआ है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के सिविल सर्जन नरेश गोन्नाड़े को हटा दिया है। उनकी जगह डॉ. सुशील दुबे नए सिविल सर्जन बनाए गए हैं। नरेश गोन्नाड़े सीएमएचओ भी हैं, उनके पास सिविल सर्जन का प्रभार भी था। जिसके बाद उनसे सिविल सर्जन का चार्ज वापस ले लिया गया है। इससे पहले बुधवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने उन्हें लैब की खामियां गिनाईं। स्वास्थ्य मंत्री मृतक बच्चों के परिजन से भी मिले। इससे पहले डिप्टी सीएम मंगलवार रात को नागपुर पहुंचे थे, यहां वे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बीमार बच्चों से मिले। इसके बाद शुक्ल छिंदवाड़ा पहुंचे। राहुल गांधी आएंगे परासिया, पीड़ितों से मिलेंगे
इस बीच खबर है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 11 या 12 अक्टूबर को छिंदवाड़ा आएंगे। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, वे परासिया में कफ सिरप पीने से मृत बच्चों के परिजन से मुलाकात करेंगे। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताई लैब की खामियां
बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर ने स्वास्थ्य मंत्री को लैब की कमियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारी लैब को अपडेशन की जरूरत है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कहां की लैब, छिंदवाड़ा की या भोपाल की। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि भोपाल की लैब। वहां पर ही माइक्रो लेवल पर टेस्टिंग नहीं हो पाती और जांच में भी समय लगता है। डॉक्टरों से कहा – यह हड़ताल का सही समय नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की, जिन्होंने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। मंत्री ने डॉक्टरों से अनुरोध किया कि इमरजेंसी के हालात में हड़ताल पर न जाएं, क्योंकि इससे डॉक्टरों की छवि पर असर पड़ता है। IMA की जिला अध्यक्ष डॉ. अल्पना शुक्ला ने बताया कि मंत्री के अनुरोध पर कार्यकारिणी की बैठक के बाद हड़ताल पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मेडिकल स्टोर संचालकों ने गाइडलाइन मांगी
जिला औषधि विक्रेता संघ ने भी स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। अध्यक्ष संतोष चौरे ने कहा, प्रशासन हम पर सभी तरह के कफ सिरप न बेचने का दबाव बना रहा है। ऐसे में मौसमी बीमारियों के मरीजों को भी हम दूसरी कंपनियों के सिरप नहीं दे पा रहे हैं। हमें इस पर स्पष्ट गाइडलाइन चाहिए। बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर चलाया तो 3 महीने की सजा
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के बाद राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर अब सरकार और नियामक एजेंसियां सख्त हो गई हैं। प्रदेश में हजारों मेडिकल स्टोर ऐसे हैं, जो बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी में दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। इस पर अब काउंसिल ने सभी अस्पतालों, फार्मेसियों और मेडिकल स्टोर्स को नोटिस जारी कर चेताया है कि किसी भी गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा का वितरण, भंडारण या बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित मेडिकल स्टोर या संस्था का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर… देर रात नागपुर में भर्ती बच्चों से मिले थे शुक्ल
छिंदवाड़ा आने से पहले स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल मंगलवार देर रात नागपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने GMC, एम्स और न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल में भर्ती बीमार बच्चों का हाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उमंग सिंघार बोले- 4 लाख में मां की गोद खरीद रहे
सिरप से बच्चों की मौत मामले में मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार 4 लाख रुपए में मां की गोद खरीदना चाहती है। ये कैसे बेशर्म स्वास्थ्य मंत्री हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि परिजनों से बिल लेकर अस्पताल से संबंधित भुगतान किया जाए, ताकि वे परिवार जिनके बच्चों की मृत्यु हो चुकी है और जो कर्ज में डूब चुके हैं, उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। सिंघार बुधवार को छिंदवाड़ा पहुंचे थे। 3 साल के वेदांत और 2 साल की जयुषा की मौत
मंगलवार को दो और बच्चों की मौत हो गई थी। इनकी पहचान 3 साल के वेदांत काकुड़िया और 2 साल की जयुषा यदुवंशी के रूप में हुई है। दोनों ने नागपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ा। इसी के साथ प्रदेश में सिरप कांड से मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 23 हो गई है। ———– कफ सिरप पर ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस ने पूछा- क्या स्वास्थ्य मंत्री के घर बुलडोजर चलेगा? जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों के मामले में मध्य प्रदेश और राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी मुख्यालय में की गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल पर सवाल उठाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…