हरियाणा में भिवानी-महेंद्रगढ़ से BJP सांसद धर्मबीर सिंह ने चौटाला परिवार के एक होने की इच्छा जाहिर की है। भिवानी में उन्होंने इनेलो व JJP के एक होने की चर्चाओं पर कहा कि भगवान को प्यारा होने से पहले यूं सोच रहे हैं कि परिवार एक हो जाए, क्योंकि सोच अच्छी, चाहें आपके विपक्ष वाले हों। हम भी वहीं (पूर्व में इनेलो) से निकले हुए हैं। वहीं, JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने जननायक जनता पार्टी व इंडियन नेशनल लोकदल के एक होने की चर्चाओं को फिर से हवा दी। डॉ. अजय चौटाला ने एक सवाल के जवाब में कहा कि “मैंने तो कहा है, चौधरी रणजीत सिंह हमारे परिवार के मुखिया हैं, बड़े हैं। वो प्रयास करें, पहल करें मैं उनके साथ हूं।” पिछले दिनों पूर्व बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने पूरे देवीलाल परिवार के एकजुट होने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि देवीलाल के नाम पर बहुत वोट हैं। परिवार एकजुट हो जाए तो एकतरफा इलेक्शन होगा। अलग-अलग फिरेंगे तो किसी का कोई भविष्य नहीं। चौटाला फैमिली की हरियाणा की राजनीति में धमक… क्यों जेल भेजे गए थे ओम प्रकाश
ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला पर आरोप लगा कि उन्होंने सरकारी अधिकारी की मदद से राज्य में जाली दस्तावेजों के जरिए तीन हजार से ज्यादा शिक्षकों की अवैध रूप से भर्ती करवाई। मामले में CBI ने जांच की और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फरवरी 2013 में ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को तीन अन्य सरकारी अधिकारियों को 10 साल की सजा सुनाई। वे करीब साढ़े नौ साल तक जेल रहे। उसके बाद दिल्ली सरकार ने 10 साल सजायाफ्ता कैदियों की सजा में नियमित मिलने वाली छूट के अलावा छह माह की छूट दे दी।
जिसके बाद चौटाला के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया। चौटाला के जेल में रहने को दौरान ही उनके परिवार में कलह हो गई और इनेलो से अलग होकर उनके पोते दुष्यंत चौटाला ने जननायक जनता पार्टी (JJP) का गठन कर लिया था। दो खेमों में बंट गया परिवार
फिलहाल, चौटाला परिवार दो खेमों में बंट चुका है। वर्तमान समय में देवीलाल के कई नाती और पोते हरियाणा की राजनीति में कई दलों में सक्रिय हैं। ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो INLD) से अलग होकर जननायक जनता पार्टी बना ली है। जबकि इनेलो की कमान ओम प्रकाश चौटाला और उनके छोटे बेटे अभय चौटाला के हाथों में है। अजय चौटाला की विरासत उनके दोनों बेटे दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला संभाल रहे हैं। इनेलो और जेजेपी दोनों पार्टियां अपने वजूद को बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
हरियाणा में भिवानी-महेंद्रगढ़ से BJP सांसद धर्मबीर सिंह ने चौटाला परिवार के एक होने की इच्छा जाहिर की है। भिवानी में उन्होंने इनेलो व JJP के एक होने की चर्चाओं पर कहा कि भगवान को प्यारा होने से पहले यूं सोच रहे हैं कि परिवार एक हो जाए, क्योंकि सोच अच्छी, चाहें आपके विपक्ष वाले हों। हम भी वहीं (पूर्व में इनेलो) से निकले हुए हैं। वहीं, JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने जननायक जनता पार्टी व इंडियन नेशनल लोकदल के एक होने की चर्चाओं को फिर से हवा दी। डॉ. अजय चौटाला ने एक सवाल के जवाब में कहा कि “मैंने तो कहा है, चौधरी रणजीत सिंह हमारे परिवार के मुखिया हैं, बड़े हैं। वो प्रयास करें, पहल करें मैं उनके साथ हूं।” पिछले दिनों पूर्व बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने पूरे देवीलाल परिवार के एकजुट होने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि देवीलाल के नाम पर बहुत वोट हैं। परिवार एकजुट हो जाए तो एकतरफा इलेक्शन होगा। अलग-अलग फिरेंगे तो किसी का कोई भविष्य नहीं। चौटाला फैमिली की हरियाणा की राजनीति में धमक… क्यों जेल भेजे गए थे ओम प्रकाश
ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला पर आरोप लगा कि उन्होंने सरकारी अधिकारी की मदद से राज्य में जाली दस्तावेजों के जरिए तीन हजार से ज्यादा शिक्षकों की अवैध रूप से भर्ती करवाई। मामले में CBI ने जांच की और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फरवरी 2013 में ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को तीन अन्य सरकारी अधिकारियों को 10 साल की सजा सुनाई। वे करीब साढ़े नौ साल तक जेल रहे। उसके बाद दिल्ली सरकार ने 10 साल सजायाफ्ता कैदियों की सजा में नियमित मिलने वाली छूट के अलावा छह माह की छूट दे दी।
जिसके बाद चौटाला के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया। चौटाला के जेल में रहने को दौरान ही उनके परिवार में कलह हो गई और इनेलो से अलग होकर उनके पोते दुष्यंत चौटाला ने जननायक जनता पार्टी (JJP) का गठन कर लिया था। दो खेमों में बंट गया परिवार
फिलहाल, चौटाला परिवार दो खेमों में बंट चुका है। वर्तमान समय में देवीलाल के कई नाती और पोते हरियाणा की राजनीति में कई दलों में सक्रिय हैं। ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो INLD) से अलग होकर जननायक जनता पार्टी बना ली है। जबकि इनेलो की कमान ओम प्रकाश चौटाला और उनके छोटे बेटे अभय चौटाला के हाथों में है। अजय चौटाला की विरासत उनके दोनों बेटे दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला संभाल रहे हैं। इनेलो और जेजेपी दोनों पार्टियां अपने वजूद को बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं।