पूर्व मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को राजनीति का रावण कहा है। इसके साथ ही उन्होंने विजयवर्गीय को बलात्कारी बोला और गलत होने पर मानहानि का दावा करने की सलाह भी दे डाली। वर्मा ने विजयवर्गीय पर करोड़ों के घोटाले का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी के छापे ने करोड़ों का खेल उजागर कर दिया है। अभी तो जांच अधूरी है। आगे और नाम सामने आएंगे। वे कहते हैं, ‘जिस मुद्दे को मैंने पहले उठाया था, उस पर अब भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कैलाश विजयवर्गीय और उनका परिवार लगातार भ्रष्टाचार से माल इकट्ठा करता रहा है।’ वर्मा ने इंदौर की जनता से कहा- हर साल दशहरे पर रावण का पुतला जलाते हो, लेकिन राजनीति में बैठे असली रावण को कब जलाओगे? यह काम सिर्फ आयोजकों का नहीं, जनता का भी है। सज्जन बोले- मत बोल यार…अननेसेसरी की बातें हैं
वर्मा ने विजयवर्गीय को लेकर कहा- भ्रष्टाचार कर पैसे कमाने के लिए तुम और तुम्हारा परिवार राजनीति करता है। कैलाश विजयवर्गीय जैसे घृणित लोग राजनीति में रावण का रूप हैं। महिलाओं को लेकर बयानबाजी पर वर्मा ने कहा- मेरा आक्रोश इसी बात को लेकर है। मैं कहता हूं मत बोल यार…अननेसेसरी की बातें हैं। घृणित सोच आदमी को विकार की दिशा में ले जाती है। जीवन का अंतिम चरण है, जीवन को सद्चरित्र के साथ जियो। उन्हें कभी भी मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। दशहरा आते ही, विजयवर्गीय रावण जैसे हो जाते
वर्मा ने पिछले हफ्ते कहा था- जैसे ही दशहरा नजदीक आता है, वैसे ही कैलाश विजयवर्गीय का चाल-चरित्र और चेहरा रावण जैसा हो जाता है। वर्मा ने यह बयान मंत्री विजयवर्गीय के राहुल और प्रियंका को लेकर दिए बयान के बाद दिया था। वर्मा ने उस दौरान कहा था कि बीजेपी की खाल में छिपे हुए ये भेड़िए ही मोदी की लंका में आग लगाएंगे। विजयवर्गीय को लेकर पहले भी बयान दे चुके हैं
सज्जन सिंह वर्मा पहले भी कैलाश विजयवर्गीय को लेकर इस तरह के बयान दे चुके हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान कहा था कि विजवयर्गीय ने सांवेर में ही कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को चुन्नू-मुन्नू कहा है, जवाब तो देना ही पड़ेगा। वो कभी-कभी राहुल गांधी को पप्पू बोलते हैं। सुनो कैलाश तुम्हारी औकात कितनी है। अपनों से बड़ों पर मुंह उठाकर थूंकोगे तो थूंक तुम्हारे ऊपर ही गिरेगा। अब अपनी कहानी मुझ से सुन लो। भूल गए जब साड़ी पहन के बाल बड़े-बड़े करके, नाक में नथुनी पहनकर, हाथ में चूड़ी पहनकर तंत्र-मंत्र करते थे। बाल बड़े कर लिए, चोटी गूंथ ली… अरे पाखंडी…। अपनी बात भूल गए। मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे थे। अब भाजपा ने उठाकर कहां फेंक दिया। वहां जाकर जादू करो, लेकिन वहां उससे बड़ी जादूगरनी ममता बनर्जी बैठी हुई हैं। दशहरा जैसे-जैसे पास आता है इसका चेहरा रावण जैसा होने लगता है। मैंने बहुत पास से इसे देखा है। आंखें छोटी-छोटी…नाक पकौड़ा जैसी हो जाती है।
पूर्व मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को राजनीति का रावण कहा है। इसके साथ ही उन्होंने विजयवर्गीय को बलात्कारी बोला और गलत होने पर मानहानि का दावा करने की सलाह भी दे डाली। वर्मा ने विजयवर्गीय पर करोड़ों के घोटाले का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी के छापे ने करोड़ों का खेल उजागर कर दिया है। अभी तो जांच अधूरी है। आगे और नाम सामने आएंगे। वे कहते हैं, ‘जिस मुद्दे को मैंने पहले उठाया था, उस पर अब भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कैलाश विजयवर्गीय और उनका परिवार लगातार भ्रष्टाचार से माल इकट्ठा करता रहा है।’ वर्मा ने इंदौर की जनता से कहा- हर साल दशहरे पर रावण का पुतला जलाते हो, लेकिन राजनीति में बैठे असली रावण को कब जलाओगे? यह काम सिर्फ आयोजकों का नहीं, जनता का भी है। सज्जन बोले- मत बोल यार…अननेसेसरी की बातें हैं
वर्मा ने विजयवर्गीय को लेकर कहा- भ्रष्टाचार कर पैसे कमाने के लिए तुम और तुम्हारा परिवार राजनीति करता है। कैलाश विजयवर्गीय जैसे घृणित लोग राजनीति में रावण का रूप हैं। महिलाओं को लेकर बयानबाजी पर वर्मा ने कहा- मेरा आक्रोश इसी बात को लेकर है। मैं कहता हूं मत बोल यार…अननेसेसरी की बातें हैं। घृणित सोच आदमी को विकार की दिशा में ले जाती है। जीवन का अंतिम चरण है, जीवन को सद्चरित्र के साथ जियो। उन्हें कभी भी मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। दशहरा आते ही, विजयवर्गीय रावण जैसे हो जाते
वर्मा ने पिछले हफ्ते कहा था- जैसे ही दशहरा नजदीक आता है, वैसे ही कैलाश विजयवर्गीय का चाल-चरित्र और चेहरा रावण जैसा हो जाता है। वर्मा ने यह बयान मंत्री विजयवर्गीय के राहुल और प्रियंका को लेकर दिए बयान के बाद दिया था। वर्मा ने उस दौरान कहा था कि बीजेपी की खाल में छिपे हुए ये भेड़िए ही मोदी की लंका में आग लगाएंगे। विजयवर्गीय को लेकर पहले भी बयान दे चुके हैं
सज्जन सिंह वर्मा पहले भी कैलाश विजयवर्गीय को लेकर इस तरह के बयान दे चुके हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान कहा था कि विजवयर्गीय ने सांवेर में ही कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को चुन्नू-मुन्नू कहा है, जवाब तो देना ही पड़ेगा। वो कभी-कभी राहुल गांधी को पप्पू बोलते हैं। सुनो कैलाश तुम्हारी औकात कितनी है। अपनों से बड़ों पर मुंह उठाकर थूंकोगे तो थूंक तुम्हारे ऊपर ही गिरेगा। अब अपनी कहानी मुझ से सुन लो। भूल गए जब साड़ी पहन के बाल बड़े-बड़े करके, नाक में नथुनी पहनकर, हाथ में चूड़ी पहनकर तंत्र-मंत्र करते थे। बाल बड़े कर लिए, चोटी गूंथ ली… अरे पाखंडी…। अपनी बात भूल गए। मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे थे। अब भाजपा ने उठाकर कहां फेंक दिया। वहां जाकर जादू करो, लेकिन वहां उससे बड़ी जादूगरनी ममता बनर्जी बैठी हुई हैं। दशहरा जैसे-जैसे पास आता है इसका चेहरा रावण जैसा होने लगता है। मैंने बहुत पास से इसे देखा है। आंखें छोटी-छोटी…नाक पकौड़ा जैसी हो जाती है।