IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 1 अक्टूबर से लागू होगा। कानून को बनाने से पहले सरकार ने गेमिंग कंपनियों, बैंकों और अन्य हिस्सेदारों से कई बार चर्चा की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकार पूरी तरह से बातचीत और सलाह लेने के लिए तैयार है। नियम लागू होने से पहले भी गेमिंग इंडस्ट्री के साथ एक और बैठक की जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो नियम लागू करने के लिए और समय भी दिया जा सकता है। दरअसल, प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 देश में रियल मनी गेमिंग पर पूरी तरह से बैन लगाएगा। इसे 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी। अब ये कानून बन गया है। इससे पहले राज्यसभा में 21 अगस्त को और लोकसभा में 20 अगस्त को बिल पास हो गया था। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है। इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? इस कानून के आने के बाद ड्रीम11, गेम्स24×7, विंजो, गेम्सक्राफ्ट, और माय11सर्कल जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने अपने मनी-बेस्ड गेम्स बंद कर दिए हैं। उदाहरण के लिए: मनी बेस्ड गेमिंग से आर्थिक नुकसान हो रहा सरकार का कहना है कि मनी बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहती है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा, “ऑनलाइन मनी गेम्स से समाज में एक बड़ी समस्या पैदा हो रही है। इनसे नशा बढ़ रहा है, परिवारों की बचत खत्म हो रही है। अनुमान है कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है। ऑनलाइन गेमिंग मार्केट में 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से थी भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपए का है। इसमें से 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता था। 2029 तक इसके करीब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद थी। लेकिन अब इन्होंने रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं। इंडस्ट्री के लोग कह रहे हैं कि सरकार के इस कदम से 2 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। सरकार को हर साल करीब 20 हजार रुपए के टैक्स का नुकसान भी हो सकता है। ———————————
IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 1 अक्टूबर से लागू होगा। कानून को बनाने से पहले सरकार ने गेमिंग कंपनियों, बैंकों और अन्य हिस्सेदारों से कई बार चर्चा की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकार पूरी तरह से बातचीत और सलाह लेने के लिए तैयार है। नियम लागू होने से पहले भी गेमिंग इंडस्ट्री के साथ एक और बैठक की जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो नियम लागू करने के लिए और समय भी दिया जा सकता है। दरअसल, प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 देश में रियल मनी गेमिंग पर पूरी तरह से बैन लगाएगा। इसे 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी। अब ये कानून बन गया है। इससे पहले राज्यसभा में 21 अगस्त को और लोकसभा में 20 अगस्त को बिल पास हो गया था। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है। इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? इस कानून के आने के बाद ड्रीम11, गेम्स24×7, विंजो, गेम्सक्राफ्ट, और माय11सर्कल जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने अपने मनी-बेस्ड गेम्स बंद कर दिए हैं। उदाहरण के लिए: मनी बेस्ड गेमिंग से आर्थिक नुकसान हो रहा सरकार का कहना है कि मनी बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहती है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा, “ऑनलाइन मनी गेम्स से समाज में एक बड़ी समस्या पैदा हो रही है। इनसे नशा बढ़ रहा है, परिवारों की बचत खत्म हो रही है। अनुमान है कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है। ऑनलाइन गेमिंग मार्केट में 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से थी भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपए का है। इसमें से 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता था। 2029 तक इसके करीब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद थी। लेकिन अब इन्होंने रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं। इंडस्ट्री के लोग कह रहे हैं कि सरकार के इस कदम से 2 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। सरकार को हर साल करीब 20 हजार रुपए के टैक्स का नुकसान भी हो सकता है। ———————————