इंदौर में सोमवार शाम को बेकाबू ट्रक करीब एक किलोमीटर तक मौत बनकर दौड़ा। तेज रफ्तार ट्रक ने कई लोगों और वाहनों को कुचलl, टक्कर मारी। शहर के एयरपोर्ट रोड पर इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया। 12 घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की। इसके बाद कलेक्ट्रेट में अफसरों की बैठक ली। उन्होंने पुलिस उपायुक्त यातायात अरविन्द तिवारी, ACP सुरेश सिंह, प्रभारी ASI प्रेम सिंह, (बिजासन प्रभारी), चन्द्रेश मरावी प्रभारी सूबेदार (सुपर कोरिडोर प्रभारी), दीपक यादव निरीक्षक (सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी) और ड्यूटी पर तैनात सभी चार कॉन्स्टेबल निलंबित किया है। घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- दुर्घटना अत्यंत हृदय विदारक थी और उस पीड़ा से वे रात भर परेशान भी रहे। हादसे में मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपए की सहायता की जाएगी। वहीं घायलों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और उनके इलाज का खर्चा सरकार देगी। एसीएस होम सीएम को देंगे विस्तृत रिपोर्ट
सीएम ने आगे कहा कि कॉन्स्टेबल पंकज यादव और अनिल कोठारी ऑटो रिक्शा चालक को अच्छा काम करने के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। एसीएस होम घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देंगे। प्रोफेसर समेत तीन की गई थी जान
मृतकों के नाम इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा के वरिष्ठ सहायक कैलाशचंद्र जोशी और वैशाली नगर निवासी प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी (47) बताए गए हैं। वहीं, महेश खतवासे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक नंबर MP09 ZP 4069 ने करीब 15 लोगों को चपेट में लिया। हादसे के दौरान ट्रक में आग लग गई। पहले ये सूचना आई थी कि गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगा दी। फिर पुष्टि हुई कि ट्रक की टक्कर के बाद उसमें एक बाइक फंस गई थी। ट्रक लगातार बाइक को रगड़ते हुए चल रहा था, जिससे उसमें ब्लास्ट हो गया और ट्रक में आग लग गई। मृतकों के परिजन और घायलों से मिले सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। वे इंदौर के अस्पतालों में भर्ती घायलों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा से कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीड़ित संदीप बिजवा और अनिल नामदेव से बात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा- जांच के लिए अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सुशासन के सिस्टम में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हम सभी के लिए पीड़ादायक होती है। मुख्यमंत्री की विजिट के दौरान गीतांजलि अस्पताल के बाहर जाम की स्थिति भी बनी। सीएम डॉ. यादव ने अरविंद अस्पताल में हादसे में मृत महेश कैसवास की पत्नी रजनी की हालत जानी। सीएम ने उन्हें मदद और सरकारी सर्विस में मदद की बात कही। इसके बाद में भंडारी हॉस्पिटल पहुंचे। यहां घायल संस्कृति (17) की हाल जाना। आग में लिपटे जोशी को ट्रक के नीचे से निकाला
हादसे के दौरान बाइक सवार कैलाशचंद्र जोशी ट्रक के नीचे फंस गए थे। बाइक के रगड़ने से चिंगारी निकली और दोनों गाड़ियों ने आग पकड़ ली। जोशी के कपड़ों में भी आग लग गई। जलती हालत में जोशी को लोगों ने बाहर निकाला लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसे में घायल रिक्शा चालक अनिल कोठार ने बताया कि सीएम मोहन यादव ने उसके इलाज के लिए एक लाख देने की बात कही है। वहीं हादसे में अनिल ने कई लोगों की जान बचाई है। इसके लिए उसे 26 जनवरी पर सम्मानित करने की बात कही है। इधर, ACS शिवशेखर शुक्ला ने घटना स्थल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। 12 घायलों में 4 एक ही परिवार के सदस्य
12 घायलों में से गीतांजलि अस्पताल में 6, वर्मा यूनियन अस्पताल में 2, बांठिया अस्पताल में 2, अरबिंदो अस्पताल में एक और भंडारी अस्पताल में एक व्यक्ति को भर्ती कराया गया है। 2 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें से चार- अशोक कुमार गोपलानी, काजल देवी गोपलानी, अंकिता डूडानी और संवेद डूडानी एक ही परिवार के सदस्य हैं। पोलो ग्राउंड जाना था, रास्ता भूला ड्राइवर
पुलिस के मुताबिक, ट्रक जैन ट्रांसपोर्ट का है। यह सांवेर रोड से गत्ते लेकर निकला था। ट्रक को पोलो ग्राउंड पहुंचना था, लेकिन ड्राइवर रास्ता भूलकर सुपर कॉरिडोर से एयरपोर्ट की तरफ आ गया। शाम के समय शहर में ट्रकों की एंट्री बैन रहती है। ऐसे में ये ट्रक नो एंट्री में घुस गया। कालानी नगर में पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन ड्राइवर रफ्तार बढ़ाकर ट्रक को लेकर भागा। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे लक्ष्मीनारायण
हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्मीनारायण सोनी की पहचान उनके आधार कार्ड से की गई। परिवार में पत्नी, बेटा, बुजुर्ग मां और दो विवाहित बहनें हैं। लक्ष्मीनारायण परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके भतीजे रवि ने कहा- चाचा मेडिकैप्स कॉलेज में प्रोफेसर थे। सुखदेव कॉलोनी में रहते थे। रोज रात 8 बजे से पहले घर लौट आते थे। रोजाना रामचंद्र नगर के पेट्रोल पंप पर बाइक खड़ी कर बस से कॉलेज आते-जाते थे। सोमवार को जब रात 9 बजे तक वे घर नहीं लौटे तो पत्नी संतोष (43) और बेटे वासू (20) ने उन्हें कॉल करना शुरू किया। दोस्तों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। करीब आधे घंटे बाद पुलिस घर पहुंची और बताया कि लक्ष्मीनारायण का एक्सीडेंट हो गया है। वे जिला अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि वे कॉलेज बस से उतरकर पेट्रोल पंप से बाइक लेकर निकले ही थे कि ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। परिजन ने पूछा- पुलिस चेकिंग के बीच ट्रक कैसे घुसा?
वैशाली नगर स्थित मिहिर अपार्टमेंट में रहने वाले कैलाशचंद्र जोशी की भी हादसे में मौत हो गई। घर में उनकी पत्नी साधना और भतीजा आशीष रहते हैं। भाई महेश जोशी उज्जैन में रहते हैं। उनके देवास निवासी भतीजे अभिषेक जोशी ने कहा- चाचा शाम 6 से 7 बजे के बीच घर लौट आते थे, लेकिन सोमवार को वे नहीं लौटे। परिवार ने कई जगह फोन कर खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रात 11:30 बजे पुलिस उनके घर पहुंची और गाड़ी के आधार पर पहचान करते हुए एक्सीडेंट की सूचना दी। परिवार को यह भी नहीं पता कि जोशी मल्हारगंज क्यों गए थे? वे आमतौर पर ऑफिस से सीधे घर लौट आते थे। अभिषेक ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा- शहर में इतने भारी ट्रैफिक के बीच ट्रक कैसे घुस गया? जगह-जगह पुलिस चेकिंग चल रही थी, फिर भी यह हादसा हो गया। पुणे से आए परिवार के चार लोग घायल
हादसे में गोपलानी परिवार के चार सदस्य घायल हुए हैं। अमित गोपलानी ने बताया- मैं ऑफिस में था। तभी सूचना मिली कि एक ट्रक ने कुछ लोगों को टक्कर मार दी है। इसमें मेरी मम्मी काजल देवी गोपलानी, पापा अशोक कुमार गोपलानी, बहन अंकिता डूडानी और दो साल का भांजा संवेद डूडानी घायल हुए हैं। सभी को गीतांजलि अस्पताल ले जाया गया। वे पुणे से इंदौर आए थे और राजवाड़ा जा रहे थे, तभी ट्रक ने उन्हें चपेट में ले लिया। परिवार दो दिन बाद पुणे लौटने वाला था। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा- ट्रक के ब्रेक फेल थे
प्रत्यक्षदर्शी सुभाष सोनी ने बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल थे। ड्राइवर भी नशे में था। मेरे जीजा जी के दोनों पैर कटकर अलग हो गए। प्रदीप देवलिया ने कहा कि तेज रफ्तार ट्रक विद्या पैलेस से गुजरते हुए लोगों को उड़ाता हुआ निकला। पहले उसने एक मैडम को उड़ाया और उसके बाद लाइन से कई लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। अगले साल रिटायर होने वाले थे जोशी
देवाशीष शुक्ला और राजा रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने ही ट्रक के नीचे फंसे बाइक सवार कैलाशचंद्र जोशी को बाहर निकाला था। उनके कपड़ों में आग लगी थी। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में जोशी और उनकी पत्नी ही हैं। वे अगले साल अप्रैल में रिटायर होने वाले थे। कलेक्टर पहुंचे अस्पताल, घायलों का हाल जाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर घायलों का हालचाल जानने और उनके इलाज की मॉनिटरिंग करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा खुद अस्पताल पहुंचे। अरविंदो अस्पताल में भर्ती एक बच्ची को देख कलेक्टर भावुक हो गए। उन्होंने कहा- यह मेरी बेटी है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी घायलों के इलाज के लिए डॉक्टरों से बात की। मौके पर मौजूद सभी परिजन को बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें सीधे निर्देश दिया है कि घायलों की हरसंभव मदद हो। ट्रक ने सबसे पहले दो बाइक को टक्कर मारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक ने सबसे पहले रामचन्द्र नगर चौराहे पर दो बाइक सवारों को टक्कर मारी। ये दोनों ही बाइक ट्रक में फंस गईं। इसके बावजूद ट्रक की रफ्तार तेज ही रही। ट्रक में फंसी बाइक घिसटती चली गई। लोगों ने ड्राइवर को आवाज देकर ट्रक रुकवाने की कोशिश भी की लेकिन वह नहीं रुका। लोगों ने बताया कि बड़ा गणपति चौराहे से पहले ही ट्रक बेकाबू हो गया था। रामचंद्र नगर चौराहे से बड़ा गणपति की दूरी करीब एक किलोमीटर है। बताया गया है कि रामचन्द्र नगर चौराहे के दोनों तरफ पुलिस जवान चालानी कार्रवाई कर रहे थे। शराब के नशे में था ट्रक ड्राइवर
इंदौर जोन-1 के डीसीपी कृष्णा लालचंदानी ने बताया कि ड्राइवर शराब के नशे में था। उसे पकड़ लिया गया है। ट्रक को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधायक बोलीं- सिटी में ट्रक की एंट्री बड़ी चूक
विधायक मालिनी गौड़ और पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों से बात कर जानकारी ली। गौड़ गीतांजलि हॉस्पिटल भी गईं, जहां उन्होंने घायलों से बात की। उन्होंने कहा- जिनकी मौत हुई है, उनके प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं। ट्रकों को सिटी में घुसने की अनुमति नहीं है। पता नहीं, कैसे यह अंदर आ गया। ऐसा आगे न हो, इसका पुलिस प्रशासन को ध्यान रखना होगा। ट्रक की एंट्री में चूक हुई है। विधायक रमेश मेंदोला और गोलू शुक्ला भी घायलों से मिलने पहुंचे। एक्सीडेंट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बस ने मां और 15 दिन की नवजात को कुचला रायसेन में एक बस ने घर के बाहर बैठी महिला और उसकी 15 दिन की नवजात बच्ची को कुचल दिया। दोनों की मौत हो गई। घटना सागर-भोपाल रोड पर नकतरा के पास हुई। गुस्साए लोगों ने बस में तोड़फोड़ कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाय को बचाने के चक्कर में बस पहले एक बाइक से भिड़ गई। उसके बाद घर के बाहर बैठी महिला और बच्ची को रौंद दिया। पढ़ें पूरी खबर…
इंदौर में सोमवार शाम को बेकाबू ट्रक करीब एक किलोमीटर तक मौत बनकर दौड़ा। तेज रफ्तार ट्रक ने कई लोगों और वाहनों को कुचलl, टक्कर मारी। शहर के एयरपोर्ट रोड पर इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया। 12 घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की। इसके बाद कलेक्ट्रेट में अफसरों की बैठक ली। उन्होंने पुलिस उपायुक्त यातायात अरविन्द तिवारी, ACP सुरेश सिंह, प्रभारी ASI प्रेम सिंह, (बिजासन प्रभारी), चन्द्रेश मरावी प्रभारी सूबेदार (सुपर कोरिडोर प्रभारी), दीपक यादव निरीक्षक (सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी) और ड्यूटी पर तैनात सभी चार कॉन्स्टेबल निलंबित किया है। घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- दुर्घटना अत्यंत हृदय विदारक थी और उस पीड़ा से वे रात भर परेशान भी रहे। हादसे में मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपए की सहायता की जाएगी। वहीं घायलों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और उनके इलाज का खर्चा सरकार देगी। एसीएस होम सीएम को देंगे विस्तृत रिपोर्ट
सीएम ने आगे कहा कि कॉन्स्टेबल पंकज यादव और अनिल कोठारी ऑटो रिक्शा चालक को अच्छा काम करने के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। एसीएस होम घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देंगे। प्रोफेसर समेत तीन की गई थी जान
मृतकों के नाम इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा के वरिष्ठ सहायक कैलाशचंद्र जोशी और वैशाली नगर निवासी प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी (47) बताए गए हैं। वहीं, महेश खतवासे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक नंबर MP09 ZP 4069 ने करीब 15 लोगों को चपेट में लिया। हादसे के दौरान ट्रक में आग लग गई। पहले ये सूचना आई थी कि गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगा दी। फिर पुष्टि हुई कि ट्रक की टक्कर के बाद उसमें एक बाइक फंस गई थी। ट्रक लगातार बाइक को रगड़ते हुए चल रहा था, जिससे उसमें ब्लास्ट हो गया और ट्रक में आग लग गई। मृतकों के परिजन और घायलों से मिले सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। वे इंदौर के अस्पतालों में भर्ती घायलों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा से कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीड़ित संदीप बिजवा और अनिल नामदेव से बात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा- जांच के लिए अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सुशासन के सिस्टम में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हम सभी के लिए पीड़ादायक होती है। मुख्यमंत्री की विजिट के दौरान गीतांजलि अस्पताल के बाहर जाम की स्थिति भी बनी। सीएम डॉ. यादव ने अरविंद अस्पताल में हादसे में मृत महेश कैसवास की पत्नी रजनी की हालत जानी। सीएम ने उन्हें मदद और सरकारी सर्विस में मदद की बात कही। इसके बाद में भंडारी हॉस्पिटल पहुंचे। यहां घायल संस्कृति (17) की हाल जाना। आग में लिपटे जोशी को ट्रक के नीचे से निकाला
हादसे के दौरान बाइक सवार कैलाशचंद्र जोशी ट्रक के नीचे फंस गए थे। बाइक के रगड़ने से चिंगारी निकली और दोनों गाड़ियों ने आग पकड़ ली। जोशी के कपड़ों में भी आग लग गई। जलती हालत में जोशी को लोगों ने बाहर निकाला लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसे में घायल रिक्शा चालक अनिल कोठार ने बताया कि सीएम मोहन यादव ने उसके इलाज के लिए एक लाख देने की बात कही है। वहीं हादसे में अनिल ने कई लोगों की जान बचाई है। इसके लिए उसे 26 जनवरी पर सम्मानित करने की बात कही है। इधर, ACS शिवशेखर शुक्ला ने घटना स्थल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। 12 घायलों में 4 एक ही परिवार के सदस्य
12 घायलों में से गीतांजलि अस्पताल में 6, वर्मा यूनियन अस्पताल में 2, बांठिया अस्पताल में 2, अरबिंदो अस्पताल में एक और भंडारी अस्पताल में एक व्यक्ति को भर्ती कराया गया है। 2 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें से चार- अशोक कुमार गोपलानी, काजल देवी गोपलानी, अंकिता डूडानी और संवेद डूडानी एक ही परिवार के सदस्य हैं। पोलो ग्राउंड जाना था, रास्ता भूला ड्राइवर
पुलिस के मुताबिक, ट्रक जैन ट्रांसपोर्ट का है। यह सांवेर रोड से गत्ते लेकर निकला था। ट्रक को पोलो ग्राउंड पहुंचना था, लेकिन ड्राइवर रास्ता भूलकर सुपर कॉरिडोर से एयरपोर्ट की तरफ आ गया। शाम के समय शहर में ट्रकों की एंट्री बैन रहती है। ऐसे में ये ट्रक नो एंट्री में घुस गया। कालानी नगर में पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन ड्राइवर रफ्तार बढ़ाकर ट्रक को लेकर भागा। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे लक्ष्मीनारायण
हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्मीनारायण सोनी की पहचान उनके आधार कार्ड से की गई। परिवार में पत्नी, बेटा, बुजुर्ग मां और दो विवाहित बहनें हैं। लक्ष्मीनारायण परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके भतीजे रवि ने कहा- चाचा मेडिकैप्स कॉलेज में प्रोफेसर थे। सुखदेव कॉलोनी में रहते थे। रोज रात 8 बजे से पहले घर लौट आते थे। रोजाना रामचंद्र नगर के पेट्रोल पंप पर बाइक खड़ी कर बस से कॉलेज आते-जाते थे। सोमवार को जब रात 9 बजे तक वे घर नहीं लौटे तो पत्नी संतोष (43) और बेटे वासू (20) ने उन्हें कॉल करना शुरू किया। दोस्तों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। करीब आधे घंटे बाद पुलिस घर पहुंची और बताया कि लक्ष्मीनारायण का एक्सीडेंट हो गया है। वे जिला अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि वे कॉलेज बस से उतरकर पेट्रोल पंप से बाइक लेकर निकले ही थे कि ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। परिजन ने पूछा- पुलिस चेकिंग के बीच ट्रक कैसे घुसा?
वैशाली नगर स्थित मिहिर अपार्टमेंट में रहने वाले कैलाशचंद्र जोशी की भी हादसे में मौत हो गई। घर में उनकी पत्नी साधना और भतीजा आशीष रहते हैं। भाई महेश जोशी उज्जैन में रहते हैं। उनके देवास निवासी भतीजे अभिषेक जोशी ने कहा- चाचा शाम 6 से 7 बजे के बीच घर लौट आते थे, लेकिन सोमवार को वे नहीं लौटे। परिवार ने कई जगह फोन कर खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रात 11:30 बजे पुलिस उनके घर पहुंची और गाड़ी के आधार पर पहचान करते हुए एक्सीडेंट की सूचना दी। परिवार को यह भी नहीं पता कि जोशी मल्हारगंज क्यों गए थे? वे आमतौर पर ऑफिस से सीधे घर लौट आते थे। अभिषेक ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा- शहर में इतने भारी ट्रैफिक के बीच ट्रक कैसे घुस गया? जगह-जगह पुलिस चेकिंग चल रही थी, फिर भी यह हादसा हो गया। पुणे से आए परिवार के चार लोग घायल
हादसे में गोपलानी परिवार के चार सदस्य घायल हुए हैं। अमित गोपलानी ने बताया- मैं ऑफिस में था। तभी सूचना मिली कि एक ट्रक ने कुछ लोगों को टक्कर मार दी है। इसमें मेरी मम्मी काजल देवी गोपलानी, पापा अशोक कुमार गोपलानी, बहन अंकिता डूडानी और दो साल का भांजा संवेद डूडानी घायल हुए हैं। सभी को गीतांजलि अस्पताल ले जाया गया। वे पुणे से इंदौर आए थे और राजवाड़ा जा रहे थे, तभी ट्रक ने उन्हें चपेट में ले लिया। परिवार दो दिन बाद पुणे लौटने वाला था। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा- ट्रक के ब्रेक फेल थे
प्रत्यक्षदर्शी सुभाष सोनी ने बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल थे। ड्राइवर भी नशे में था। मेरे जीजा जी के दोनों पैर कटकर अलग हो गए। प्रदीप देवलिया ने कहा कि तेज रफ्तार ट्रक विद्या पैलेस से गुजरते हुए लोगों को उड़ाता हुआ निकला। पहले उसने एक मैडम को उड़ाया और उसके बाद लाइन से कई लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। अगले साल रिटायर होने वाले थे जोशी
देवाशीष शुक्ला और राजा रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने ही ट्रक के नीचे फंसे बाइक सवार कैलाशचंद्र जोशी को बाहर निकाला था। उनके कपड़ों में आग लगी थी। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार में जोशी और उनकी पत्नी ही हैं। वे अगले साल अप्रैल में रिटायर होने वाले थे। कलेक्टर पहुंचे अस्पताल, घायलों का हाल जाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर घायलों का हालचाल जानने और उनके इलाज की मॉनिटरिंग करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा खुद अस्पताल पहुंचे। अरविंदो अस्पताल में भर्ती एक बच्ची को देख कलेक्टर भावुक हो गए। उन्होंने कहा- यह मेरी बेटी है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी घायलों के इलाज के लिए डॉक्टरों से बात की। मौके पर मौजूद सभी परिजन को बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें सीधे निर्देश दिया है कि घायलों की हरसंभव मदद हो। ट्रक ने सबसे पहले दो बाइक को टक्कर मारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक ने सबसे पहले रामचन्द्र नगर चौराहे पर दो बाइक सवारों को टक्कर मारी। ये दोनों ही बाइक ट्रक में फंस गईं। इसके बावजूद ट्रक की रफ्तार तेज ही रही। ट्रक में फंसी बाइक घिसटती चली गई। लोगों ने ड्राइवर को आवाज देकर ट्रक रुकवाने की कोशिश भी की लेकिन वह नहीं रुका। लोगों ने बताया कि बड़ा गणपति चौराहे से पहले ही ट्रक बेकाबू हो गया था। रामचंद्र नगर चौराहे से बड़ा गणपति की दूरी करीब एक किलोमीटर है। बताया गया है कि रामचन्द्र नगर चौराहे के दोनों तरफ पुलिस जवान चालानी कार्रवाई कर रहे थे। शराब के नशे में था ट्रक ड्राइवर
इंदौर जोन-1 के डीसीपी कृष्णा लालचंदानी ने बताया कि ड्राइवर शराब के नशे में था। उसे पकड़ लिया गया है। ट्रक को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधायक बोलीं- सिटी में ट्रक की एंट्री बड़ी चूक
विधायक मालिनी गौड़ और पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों से बात कर जानकारी ली। गौड़ गीतांजलि हॉस्पिटल भी गईं, जहां उन्होंने घायलों से बात की। उन्होंने कहा- जिनकी मौत हुई है, उनके प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं। ट्रकों को सिटी में घुसने की अनुमति नहीं है। पता नहीं, कैसे यह अंदर आ गया। ऐसा आगे न हो, इसका पुलिस प्रशासन को ध्यान रखना होगा। ट्रक की एंट्री में चूक हुई है। विधायक रमेश मेंदोला और गोलू शुक्ला भी घायलों से मिलने पहुंचे। एक्सीडेंट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बस ने मां और 15 दिन की नवजात को कुचला रायसेन में एक बस ने घर के बाहर बैठी महिला और उसकी 15 दिन की नवजात बच्ची को कुचल दिया। दोनों की मौत हो गई। घटना सागर-भोपाल रोड पर नकतरा के पास हुई। गुस्साए लोगों ने बस में तोड़फोड़ कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाय को बचाने के चक्कर में बस पहले एक बाइक से भिड़ गई। उसके बाद घर के बाहर बैठी महिला और बच्ची को रौंद दिया। पढ़ें पूरी खबर…