हरियाणा सरकार अपना चुनावी वादा निभाने के लिए 25 सितंबर से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू करने की तैयारी में है। CM नायब सैनी कह चुके हैं कि जल्द ही आवेदन के लिए पोर्टल खुलेगा। इसके लिए आज से जिलों में ट्रायल शुरू होगा। हालांकि, अभी योजना की पात्रता की सभी शर्तें पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। हरियाणा में 15 साल की रिहाइश का सर्टिफिकेट सबसे अहम है। इस वजह से डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने की भीड़ लगी है। खासकर उन परिवारों में होड़ मची है, जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों से हैं और जिनकी शादी को 15 साल नहीं हुए हैं। ऐसे में पति अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) ने बड़े-बड़े इश्तिहार लगा दिए हैं। CM ने 28 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद घोषणा की थी कि योजना में 18 से 20 लाख महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए मिलेंगे। अब पढ़िए किन 3 शर्तों ने लाभार्थियों की लिस्ट छोटी की 1. उम्र की सीमा 23 साल से शुरू
योजना के लिए हरियाणा में 23 से 60 की उम्र पात्रता मानी है। दिल्ली में 18 साल, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में योजना के लाभ के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल रखी गई है। 2. दूसरे राज्यों के मुकाबले आय की टफ शर्त
हरियाणा में 1 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाभ मिलेगा। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में आय की सीमा 2.5 लाख रुपए है। कर्नाटक में राशन कार्ड में परिवार की मुखिया महिला को लाभ मिलता है। हरियाणा में यदि सभी BPL परिवारों को योजना का लाभपात्र माना जाता तो करीब 42 लाख परिवारों की महिलाएं लाभार्थी होतीं। 3. डोमिसाइल की शर्त सबसे भारी
आवेदक को हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। अविवाहित महिला खुद या विवाहित महिला का पति हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होना चाहिए। जबकि विधवा व निराश्रित पेंशन के लिए एक साल की रिहाइश पर भी पात्रता बनती है। 17 लाख से ज्यादा विवाहिता और पौने 3 लाख कुंवारी लाभ पात्र
परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में इस इनकम स्लैब में 23 से 60 साल तक की 17 लाख 25 हजार विवाहित महिलाएं हैं। जबकि 23 से 45 साल की 2.75 लाख कुंवारी यानी अविवाहित हैं। सीएम नायब सैनी ने भी कहा कि पहले चरण में करीब 19-20 लाख लाभार्थी होंगी। जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों की, वे डोमिसाइल बनवा रहे
इन दिनों सबसे ज्यादा भीड़ डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने वालों की लगी है। खासकर उन परिवारों में, जिनकी बहुएं हरियाणा से बाहर के राज्यों की हैं। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, सिरसा, नूंह जिलों में यह संख्या ज्यादा है। 5 राज्यों से घिरा हरियाणा, 20 जिलों के बाहर रोटी-बेटी के रिश्ते
हरियाणा के कुल 22 में से 20 जिलों की सीमाएं पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान व दिल्ली से जुड़ी हैं। ऐसे में इन जिलों के लोगों का पड़ोसी राज्यों से रोटी-बेटी का सामाजिक रिश्ता है। यानी आपस में शादी-ब्याह के रिश्ते बनते हैं। रोहतक और चरखी दादरी जिले ऐसे हैं, जिनकी सीमा किसी बाहरी राज्य से नहीं लगती। बाहर से आईं बहुएं बोलीं- अब तो हम भी हरियाणवी अब जानिए सरकार ने क्या तैयारी शुरू की कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से फॉर्म भरने का ट्रायल वर्जन आज से शुरू होगा। विभाग के कर्मचारियों को फॉर्म भरने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। ट्रायल के दौरान आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए वह तुरंत उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे। एक मोबाइल नंबर से भरे जा सकेंगे 3 फॉर्म
एक परिवार आईडी में एक मोबाइल नंबर से तीन फॉर्म भरे जा सकते हैं। भले ही वह नंबर फैमिली आईडी में पंजीकृत न हो। यह प्रावधान उन परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जहां एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कई सदस्य करते हैं। ये शर्तें भी पूरी करनी होंगी
लाभार्थी का आधार कार्ड उसके मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से जुड़ा होना अनिवार्य है। बैंक अकाउंट का फैमिली आईडी से लिंक होना भी आवश्यक है, ताकि सीधे खाते में राशि भेजी जा सके। फैमिली आईडी में लाभार्थी की जन्मतिथि का सत्यापन भी अनिवार्य है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें :- इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला बोले- मैं दुष्यंत-दिग्विजय को भाई नहीं मानता, वो माने या नहीं भिवानी पहुंचे सिरसा के रानिया से इनेलो विधायक ने कहा कि मैं दुष्यंत-दिग्विजय को भाई नहीं मानता, वो माने या नहीं। उसका मेरे को फर्क नहीं पड़ता। अब लोग जेजेपी को भूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पुराने सीएम (खट्टर) को लेकर लोगों में नाराजगी थी। इसलिए तो उन्हें बदल दिया और उन्हें हरियाणा छोड़ना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा सरकार अपना चुनावी वादा निभाने के लिए 25 सितंबर से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू करने की तैयारी में है। CM नायब सैनी कह चुके हैं कि जल्द ही आवेदन के लिए पोर्टल खुलेगा। इसके लिए आज से जिलों में ट्रायल शुरू होगा। हालांकि, अभी योजना की पात्रता की सभी शर्तें पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। हरियाणा में 15 साल की रिहाइश का सर्टिफिकेट सबसे अहम है। इस वजह से डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने की भीड़ लगी है। खासकर उन परिवारों में होड़ मची है, जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों से हैं और जिनकी शादी को 15 साल नहीं हुए हैं। ऐसे में पति अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं। कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) ने बड़े-बड़े इश्तिहार लगा दिए हैं। CM ने 28 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद घोषणा की थी कि योजना में 18 से 20 लाख महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए मिलेंगे। अब पढ़िए किन 3 शर्तों ने लाभार्थियों की लिस्ट छोटी की 1. उम्र की सीमा 23 साल से शुरू
योजना के लिए हरियाणा में 23 से 60 की उम्र पात्रता मानी है। दिल्ली में 18 साल, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में योजना के लाभ के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल रखी गई है। 2. दूसरे राज्यों के मुकाबले आय की टफ शर्त
हरियाणा में 1 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाभ मिलेगा। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में आय की सीमा 2.5 लाख रुपए है। कर्नाटक में राशन कार्ड में परिवार की मुखिया महिला को लाभ मिलता है। हरियाणा में यदि सभी BPL परिवारों को योजना का लाभपात्र माना जाता तो करीब 42 लाख परिवारों की महिलाएं लाभार्थी होतीं। 3. डोमिसाइल की शर्त सबसे भारी
आवेदक को हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। अविवाहित महिला खुद या विवाहित महिला का पति हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होना चाहिए। जबकि विधवा व निराश्रित पेंशन के लिए एक साल की रिहाइश पर भी पात्रता बनती है। 17 लाख से ज्यादा विवाहिता और पौने 3 लाख कुंवारी लाभ पात्र
परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में इस इनकम स्लैब में 23 से 60 साल तक की 17 लाख 25 हजार विवाहित महिलाएं हैं। जबकि 23 से 45 साल की 2.75 लाख कुंवारी यानी अविवाहित हैं। सीएम नायब सैनी ने भी कहा कि पहले चरण में करीब 19-20 लाख लाभार्थी होंगी। जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों की, वे डोमिसाइल बनवा रहे
इन दिनों सबसे ज्यादा भीड़ डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने वालों की लगी है। खासकर उन परिवारों में, जिनकी बहुएं हरियाणा से बाहर के राज्यों की हैं। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, सिरसा, नूंह जिलों में यह संख्या ज्यादा है। 5 राज्यों से घिरा हरियाणा, 20 जिलों के बाहर रोटी-बेटी के रिश्ते
हरियाणा के कुल 22 में से 20 जिलों की सीमाएं पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान व दिल्ली से जुड़ी हैं। ऐसे में इन जिलों के लोगों का पड़ोसी राज्यों से रोटी-बेटी का सामाजिक रिश्ता है। यानी आपस में शादी-ब्याह के रिश्ते बनते हैं। रोहतक और चरखी दादरी जिले ऐसे हैं, जिनकी सीमा किसी बाहरी राज्य से नहीं लगती। बाहर से आईं बहुएं बोलीं- अब तो हम भी हरियाणवी अब जानिए सरकार ने क्या तैयारी शुरू की कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से फॉर्म भरने का ट्रायल वर्जन आज से शुरू होगा। विभाग के कर्मचारियों को फॉर्म भरने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। ट्रायल के दौरान आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए वह तुरंत उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे। एक मोबाइल नंबर से भरे जा सकेंगे 3 फॉर्म
एक परिवार आईडी में एक मोबाइल नंबर से तीन फॉर्म भरे जा सकते हैं। भले ही वह नंबर फैमिली आईडी में पंजीकृत न हो। यह प्रावधान उन परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जहां एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कई सदस्य करते हैं। ये शर्तें भी पूरी करनी होंगी
लाभार्थी का आधार कार्ड उसके मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से जुड़ा होना अनिवार्य है। बैंक अकाउंट का फैमिली आईडी से लिंक होना भी आवश्यक है, ताकि सीधे खाते में राशि भेजी जा सके। फैमिली आईडी में लाभार्थी की जन्मतिथि का सत्यापन भी अनिवार्य है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें :- इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला बोले- मैं दुष्यंत-दिग्विजय को भाई नहीं मानता, वो माने या नहीं भिवानी पहुंचे सिरसा के रानिया से इनेलो विधायक ने कहा कि मैं दुष्यंत-दिग्विजय को भाई नहीं मानता, वो माने या नहीं। उसका मेरे को फर्क नहीं पड़ता। अब लोग जेजेपी को भूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पुराने सीएम (खट्टर) को लेकर लोगों में नाराजगी थी। इसलिए तो उन्हें बदल दिया और उन्हें हरियाणा छोड़ना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…