भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मौत के मामले में शुक्रवार को दिल्ली से स्पेशल एफएसएल टीम गांव सिंघानी पहुंची। टीम ने खेतों में घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां मनीषा का शव पाया गया था, और मौत से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इस दौरान सीबीआई ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। वहीं डीएसपी तोशाम दलीप कुमार, लोहारू डीएसपी संजीव कुमार, लोहारू थाने से सस्पेंड की गई पुलिस कर्मचारी शंकुतला, बकरी पालक मनीषा के शव को पहले देखने वाले सत्यपाल, खेत मालिक पवन और सांझी तथा शव को पहले देखने वाले ईश्वर से भी मौके पर पूछताछ की गई। सभी को घटनास्थल पर बुलाकर छानबीन की। 3 गाड़ियों में सवार होकर आई टीम
जांच का उद्देश्य मनीषा की मौत की असली वजह तक पहुंचना है। सीबीआई की टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। शुक्रवार को दिल्ली से तीन वाहनों में सवार एफएसएल टीम घटनास्थल पहुंची और लगभग ढाई घंटे तक निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल किया था
पुलिस ने पहले ही घटनास्थल को टेप लगाकर सील किया हुआ था ताकि जांच में कोई बाधा न आए। इसके अलावा, घटनास्थल से जुड़े फोटो और वीडियो पुलिस द्वारा सीबीआई को सौंपे गए हैं। इससे पहले भी सीबीआई की टीम ने घटनास्थल पर जाकर अपने स्तर पर जांच की थी। जांच के दौरान मनीषा के परिवार, प्ले स्कूल संचालक, नर्सिंग कॉलेज संचालक और लाइब्रेरी संचालकों से भी पूछताछ की गई है। 11 को हुई थी लापता, 13 को मिला था शव
मनीषा 11 अगस्त को घर से प्ले स्कूल में पढ़ाने के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। 13 अगस्त को उनका शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा मिला। एक महीना बीत जाने के बावजूद मनीषा की मौत की वजह लोगों के लिए रहस्य बनी हुई है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या है या आत्महत्या। भिवानी पुलिस ने सुसाइड नोट जारी करते हुए इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन परिवार और अन्य लोग इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसी कारण मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। टीम 3 सितंबर से भिवानी में मौजूद है और हर पहलू से मनीषा की मौत की छानबीन में जुटी हुई है।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मौत के मामले में शुक्रवार को दिल्ली से स्पेशल एफएसएल टीम गांव सिंघानी पहुंची। टीम ने खेतों में घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां मनीषा का शव पाया गया था, और मौत से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इस दौरान सीबीआई ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। वहीं डीएसपी तोशाम दलीप कुमार, लोहारू डीएसपी संजीव कुमार, लोहारू थाने से सस्पेंड की गई पुलिस कर्मचारी शंकुतला, बकरी पालक मनीषा के शव को पहले देखने वाले सत्यपाल, खेत मालिक पवन और सांझी तथा शव को पहले देखने वाले ईश्वर से भी मौके पर पूछताछ की गई। सभी को घटनास्थल पर बुलाकर छानबीन की। 3 गाड़ियों में सवार होकर आई टीम
जांच का उद्देश्य मनीषा की मौत की असली वजह तक पहुंचना है। सीबीआई की टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। शुक्रवार को दिल्ली से तीन वाहनों में सवार एफएसएल टीम घटनास्थल पहुंची और लगभग ढाई घंटे तक निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल किया था
पुलिस ने पहले ही घटनास्थल को टेप लगाकर सील किया हुआ था ताकि जांच में कोई बाधा न आए। इसके अलावा, घटनास्थल से जुड़े फोटो और वीडियो पुलिस द्वारा सीबीआई को सौंपे गए हैं। इससे पहले भी सीबीआई की टीम ने घटनास्थल पर जाकर अपने स्तर पर जांच की थी। जांच के दौरान मनीषा के परिवार, प्ले स्कूल संचालक, नर्सिंग कॉलेज संचालक और लाइब्रेरी संचालकों से भी पूछताछ की गई है। 11 को हुई थी लापता, 13 को मिला था शव
मनीषा 11 अगस्त को घर से प्ले स्कूल में पढ़ाने के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। 13 अगस्त को उनका शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा मिला। एक महीना बीत जाने के बावजूद मनीषा की मौत की वजह लोगों के लिए रहस्य बनी हुई है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या है या आत्महत्या। भिवानी पुलिस ने सुसाइड नोट जारी करते हुए इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन परिवार और अन्य लोग इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसी कारण मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। टीम 3 सितंबर से भिवानी में मौजूद है और हर पहलू से मनीषा की मौत की छानबीन में जुटी हुई है।