हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव ने भोजपुरी इंडस्ट्री छोड़ने का ऐलान कर दिया है। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर सरेआम भोजपुरी एक्टर पवन सिंह ने अंजलि की कमर छुई। जिससे वे काफी परेशान हुईं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पवन सिंह अंजलि की कमर छूते दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद विवाद इतना बढ़ा कि अंजलि ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर भोजपुरी इंडस्ट्री छोड़ने की बात कही है। अंजलि ने कहा कि उनके कमर छूने से मैं खुद असहज महसूस कर रही थी, लेकिन कार्यक्रम में उनके फैंस के सामने मैं कुछ कहती तो कोई मेरी बात नहीं सुनता। अगर ये सब हरियाणा में हुआ होता, तो पब्लिक खुद जवाब दे देती। इस विवाद के बीच पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर लिखा- एक कहावत है- जिस तन लागे सो तन जाने, कोई न जाने पीर पराई। अंजलि ने कही 4 अहम बातें… खबर आगे पढ़ने से पहले पोल पर अपनी राय जरूर दें… कौन हैं अंजलि राघव
अंजलि राघव हरियाणवी डांसर, एक्ट्रेस और मॉडल हैं। उन्होंने कई सुपरहिट हरियाणवी म्यूजिक एल्बम में काम किया है। ‘चंद्रवाल देखूंगी’ और ‘गिरे ये आंसू’ जैसे म्यूजिक वीडियो से अंजलि को खूब पॉपुलैरिटी मिली। एक्ट्रेस का जन्म 6 जून 1992 में दिल्ली में हुआ था। बचपन से ही उन्हें सिंगिंग और डांसिंग का शौक था। अंजलि ने 2018 में अपना पहला लाइव डांस किया था। उन्हें बेस्ट फीमेल मॉडल हरियाणा के खिताब से भी नवाजा जा चुका है। अंजलि अभी अनमैरिड हैं। बॉलीवुड फिल्म में भी काम कर चुकी हैं
वह बॉलीवुड फिल्म तेवर में भी काम कर चुकी हैं। ‘कैरी-रिश्ता खट्टा मीठा’ नाम की धारावाहिक में भी नजर आई हैं। उन्हें हाय रे मेरी मोटो गाने ने दुनियाभर में पहचान दिलाई है। अंजलि ने कई रीजनल म्यूजिक वीडियोज भी किए हैं। अंजलि राघव ने पवन गिल के साथ गाना ‘मैडम नाचे नाचे रे तू तो’ में भी काम किया है। किस तरह इंडस्ट्री में आईं अंजलि
दैनिक भास्कर से इंटरव्यू में अंजलि ने बताया था कि 8वीं और 9वीं में होस्टल में थी। 10वीं में ही मैं दिल्ली आई थी। मैं अपनी सिस्टर के शोज देखने जाया करती थी। मेरी दोनों बड़ी बहनें परफॉर्म करती थी। जब वे हरियाणा म्यूजिक वीडियो किया करती थी। मैं देखने जाया करती थी। लोग मुझे पीछे खड़ा कर देते थे। मैं बिना इंटरेस्ट के खड़ी हो जाती थी। इसमें मुझे बिल्कुल मजा नहीं आता था। 11वीं आते आते मैंने इसे छोड़ दिया। साइंस में एडमिशन ले लिया। उस दौरान शनिवार-रविवार को काम आ जाता था। कुछ पैसे भी मिल जाते थे। मैं पैसे के लिए कर लेती थी। टीचर बनना ड्रीम था, जो कर नहीं पाई। आर्टिस्ट के तौर पर करते- करते यहां तक पहुंची हूं। स्कूल में पढ़ाई के दौरान पिता की किडनियां फैल हुईं
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि हर जगह लाइफ चेंजिंग फेस आता है। मैं उस वक्त बहुत खुशी से जीवन जी रही थी। सपनों को पूरा करने वाली ही थी। 11वीं, 12वीं के दौरान ही पापा की दोनों किडनियां फैल हो गई थीं। वे डायलसिस पर आ गए थे। मंथली खर्चा बहुत हो जाता था। दोनों बहनें उस वक्त काम किया करती थी। मैं भी सोचती थी कि पापा की मदद नहीं कर सकती, लेकिन खुद के लिए तो कर ही सकती हूं। एक्ट्रेस ने बताया कि शनिवार-रविवार को शूट कर लिया करती थी। जो कमाई होती थी, उससे अपनी ट्यूशन फीस और स्कूल फीस को कवर कर लिया करती थी। इससे घर पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता था। पापा के लिए बहनें किया करती थी। पांच साल पापा बेड रेस्ट पर रहे। मम्मी उस वक्त बिल्कुल ठीक थीं। हम यह सोच रहे थे कि पापा को कुछ होगा। मम्मी के लिए सोचने का मौका ही नहीं मिला। मां की मौत के 6 महीने के बाद पिता की मौत
अंजलि ने बताया कि पापा के गुजरने से छह महीने पहले मम्मी की डेथ हो गई। मैं कॉलेज गई हुई थी। फर्स्ट ईयर में थी। घर आई तो मम्मी नहीं बच पाई थी। उस समय ब्रेन हेमरेज बहुत ज्यादा हो रहा था। पापा भी ब्रेन हेमरेज से गए। वे किडनी पेशेंट थे। मां की मौत के छह महीने बाद चले गए। एक साल में दोनों की डेथ देख ली। पापा की डेथ को तो बयां भी नहीं कर पाती हूं। ब्रेन हेमरेज तो हमने किसी भी तरह बचा लिया था, ऑपरेशन भी सक्सेसफुल हो गया था। हॉस्पिटल में आग लग गई। इस दौरान उनकी मौत हो गई। काम को छोड़ने का कई बार मन बनाया
इसके बाद यह काम करना मेरी मजबूरी बन गई। हर साल मैं इसे छोड़ने का मन बना लेती थी, लेकिन उसी वक्त एक गाना हिट हो जाता था। लोगों की नजर में आने लग गई थी। हिट होने के बाद लालच आ जाता है। कौन हैं पवन सिंह, ग्राफिक्स में देखिए
हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव ने भोजपुरी इंडस्ट्री छोड़ने का ऐलान कर दिया है। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर सरेआम भोजपुरी एक्टर पवन सिंह ने अंजलि की कमर छुई। जिससे वे काफी परेशान हुईं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पवन सिंह अंजलि की कमर छूते दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद विवाद इतना बढ़ा कि अंजलि ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर भोजपुरी इंडस्ट्री छोड़ने की बात कही है। अंजलि ने कहा कि उनके कमर छूने से मैं खुद असहज महसूस कर रही थी, लेकिन कार्यक्रम में उनके फैंस के सामने मैं कुछ कहती तो कोई मेरी बात नहीं सुनता। अगर ये सब हरियाणा में हुआ होता, तो पब्लिक खुद जवाब दे देती। इस विवाद के बीच पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर लिखा- एक कहावत है- जिस तन लागे सो तन जाने, कोई न जाने पीर पराई। अंजलि ने कही 4 अहम बातें… खबर आगे पढ़ने से पहले पोल पर अपनी राय जरूर दें… कौन हैं अंजलि राघव
अंजलि राघव हरियाणवी डांसर, एक्ट्रेस और मॉडल हैं। उन्होंने कई सुपरहिट हरियाणवी म्यूजिक एल्बम में काम किया है। ‘चंद्रवाल देखूंगी’ और ‘गिरे ये आंसू’ जैसे म्यूजिक वीडियो से अंजलि को खूब पॉपुलैरिटी मिली। एक्ट्रेस का जन्म 6 जून 1992 में दिल्ली में हुआ था। बचपन से ही उन्हें सिंगिंग और डांसिंग का शौक था। अंजलि ने 2018 में अपना पहला लाइव डांस किया था। उन्हें बेस्ट फीमेल मॉडल हरियाणा के खिताब से भी नवाजा जा चुका है। अंजलि अभी अनमैरिड हैं। बॉलीवुड फिल्म में भी काम कर चुकी हैं
वह बॉलीवुड फिल्म तेवर में भी काम कर चुकी हैं। ‘कैरी-रिश्ता खट्टा मीठा’ नाम की धारावाहिक में भी नजर आई हैं। उन्हें हाय रे मेरी मोटो गाने ने दुनियाभर में पहचान दिलाई है। अंजलि ने कई रीजनल म्यूजिक वीडियोज भी किए हैं। अंजलि राघव ने पवन गिल के साथ गाना ‘मैडम नाचे नाचे रे तू तो’ में भी काम किया है। किस तरह इंडस्ट्री में आईं अंजलि
दैनिक भास्कर से इंटरव्यू में अंजलि ने बताया था कि 8वीं और 9वीं में होस्टल में थी। 10वीं में ही मैं दिल्ली आई थी। मैं अपनी सिस्टर के शोज देखने जाया करती थी। मेरी दोनों बड़ी बहनें परफॉर्म करती थी। जब वे हरियाणा म्यूजिक वीडियो किया करती थी। मैं देखने जाया करती थी। लोग मुझे पीछे खड़ा कर देते थे। मैं बिना इंटरेस्ट के खड़ी हो जाती थी। इसमें मुझे बिल्कुल मजा नहीं आता था। 11वीं आते आते मैंने इसे छोड़ दिया। साइंस में एडमिशन ले लिया। उस दौरान शनिवार-रविवार को काम आ जाता था। कुछ पैसे भी मिल जाते थे। मैं पैसे के लिए कर लेती थी। टीचर बनना ड्रीम था, जो कर नहीं पाई। आर्टिस्ट के तौर पर करते- करते यहां तक पहुंची हूं। स्कूल में पढ़ाई के दौरान पिता की किडनियां फैल हुईं
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि हर जगह लाइफ चेंजिंग फेस आता है। मैं उस वक्त बहुत खुशी से जीवन जी रही थी। सपनों को पूरा करने वाली ही थी। 11वीं, 12वीं के दौरान ही पापा की दोनों किडनियां फैल हो गई थीं। वे डायलसिस पर आ गए थे। मंथली खर्चा बहुत हो जाता था। दोनों बहनें उस वक्त काम किया करती थी। मैं भी सोचती थी कि पापा की मदद नहीं कर सकती, लेकिन खुद के लिए तो कर ही सकती हूं। एक्ट्रेस ने बताया कि शनिवार-रविवार को शूट कर लिया करती थी। जो कमाई होती थी, उससे अपनी ट्यूशन फीस और स्कूल फीस को कवर कर लिया करती थी। इससे घर पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता था। पापा के लिए बहनें किया करती थी। पांच साल पापा बेड रेस्ट पर रहे। मम्मी उस वक्त बिल्कुल ठीक थीं। हम यह सोच रहे थे कि पापा को कुछ होगा। मम्मी के लिए सोचने का मौका ही नहीं मिला। मां की मौत के 6 महीने के बाद पिता की मौत
अंजलि ने बताया कि पापा के गुजरने से छह महीने पहले मम्मी की डेथ हो गई। मैं कॉलेज गई हुई थी। फर्स्ट ईयर में थी। घर आई तो मम्मी नहीं बच पाई थी। उस समय ब्रेन हेमरेज बहुत ज्यादा हो रहा था। पापा भी ब्रेन हेमरेज से गए। वे किडनी पेशेंट थे। मां की मौत के छह महीने बाद चले गए। एक साल में दोनों की डेथ देख ली। पापा की डेथ को तो बयां भी नहीं कर पाती हूं। ब्रेन हेमरेज तो हमने किसी भी तरह बचा लिया था, ऑपरेशन भी सक्सेसफुल हो गया था। हॉस्पिटल में आग लग गई। इस दौरान उनकी मौत हो गई। काम को छोड़ने का कई बार मन बनाया
इसके बाद यह काम करना मेरी मजबूरी बन गई। हर साल मैं इसे छोड़ने का मन बना लेती थी, लेकिन उसी वक्त एक गाना हिट हो जाता था। लोगों की नजर में आने लग गई थी। हिट होने के बाद लालच आ जाता है। कौन हैं पवन सिंह, ग्राफिक्स में देखिए