केरल के एर्नाकुलम जिले के कोच्चि में केनरा बैंक के एक मैनेजर ने कैंटीन में बीफ बैन कर दिया। इसके विरोध में कर्मचारियों ने बीफ फेस्टिवल का आयोजन करके एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बैंक मैनेजर के केबिन के सामने बीफ और पराठा खाकर पार्टी की। मामला 28 अगस्त का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बैंक के रीजनल मैनेजर मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। हाल ही में केरल में उनकी नियुक्ति हुई है। बैंक की कैंटीन में कभी-कभी बीफ परोसा जाता था। बैंक मैनेजर ने कैंटीन में बीफ परोसने पर रोक लगा दी और कैंटीन कर्मचारियों को आदेश दिया कि अब बीफ नहीं बनना चाहिए। इसके बाद बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) के नेतृत्व में कर्मचारियों विरोध प्रदर्शन किया। फेडरेशन के नेता एसएस अनिल ने बताया कि शुरुआत में हमलोग बैंक मैनेजर के अपमानजनक व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। हालांकि, बीफ बैन करने के बाद, हमने बीफ फेस्टिवल मनाने का फैसला किया। फेडरेशन ने कहा कि यह बैंक संविधान के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करता है। कौन क्या खाएगा, यह एक व्यक्तिगत मामला है। भारत में, हर व्यक्ति को अपना भोजन चुनने का अधिकार है। हम किसी को और को बीफ खाने के लिए मजबूर तो नहीं कर रहे हैं। विधायक बोले- केरल में संघ का एजेंडा नहीं चलेगा बैंक कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को राज्य के नेताओं का भी समर्थन मिला। वाम समर्थित निर्दलीय विधायक केटी जलील ने प्रदर्शन की तारीफ करते हुए फेसबुक पर लिखा, ‘केरल में संघ परिवार का कोई भी एजेंडा नहीं चलेगा। क्या पहनना है, क्या खाना है और क्या सोचना है, यह कोई और तय नहीं करेगा।’ विधायक केटी जलील ने कहा, ‘यह मिट्टी लाल है। इस धरती का हृदय लाल है। जहां कहीं भी लाल झंडा लहराता है, आप बिना किसी डर के फासीवादियों के खिलाफ बोल सकते हैं और कार्रवाई कर सकते हैं। कोई आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगा। जब तक कम्युनिस्ट एकजुट हैं, तब तक हम किसी को भगवा झंडा फहराने की इजाजत नहीं देंगे।’ केरल में पहले भी बीफ बैन के खिलाफ प्रदर्शन हुए 1. 2015 – त्रिशूर कॉलेज में छात्रों का बीफ फेस्ट
त्रिशूर जिले के एक सरकारी कॉलेज, श्री केरल वर्मा कॉलेज में छात्रों ने बीफ फेस्ट का आयोजन किया। यह विरोध यूपी के दादरी में एक व्यक्ति की कथित बीफ खाने के आरोप पर हत्या को लेकर हुआ था।इस पर कॉलेज के छह छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया था। 2. दिसंबर, 2024- कॉलेज कैंपस में बीफ फेस्ट
राज्य के विभिन्न कॉलेजों में CPM समर्थित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने बीफ फेस्ट आयोजित किए। यह विरोध उन डायटरी कंट्रोल्स (आहार नियंत्रण) के खिलाफ था, जो उत्तर भारत में लगाए जा रहे थे। 3. दिसंबर, 2024- त्रिवेंद्रम में DYFI का बीफ फेस्ट
महाराष्ट्र में बीफ बैन के विरोध में, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) ने त्रिवेंद्रम में बीफ फेस्ट का आयोजन किया। इसमें हिन्दू और मुस्लिम सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने एक साथ बैठकर बीफ का खाया और बैन को लोकतांत्रिक अधिकार और खाने की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
केरल के एर्नाकुलम जिले के कोच्चि में केनरा बैंक के एक मैनेजर ने कैंटीन में बीफ बैन कर दिया। इसके विरोध में कर्मचारियों ने बीफ फेस्टिवल का आयोजन करके एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बैंक मैनेजर के केबिन के सामने बीफ और पराठा खाकर पार्टी की। मामला 28 अगस्त का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बैंक के रीजनल मैनेजर मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। हाल ही में केरल में उनकी नियुक्ति हुई है। बैंक की कैंटीन में कभी-कभी बीफ परोसा जाता था। बैंक मैनेजर ने कैंटीन में बीफ परोसने पर रोक लगा दी और कैंटीन कर्मचारियों को आदेश दिया कि अब बीफ नहीं बनना चाहिए। इसके बाद बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) के नेतृत्व में कर्मचारियों विरोध प्रदर्शन किया। फेडरेशन के नेता एसएस अनिल ने बताया कि शुरुआत में हमलोग बैंक मैनेजर के अपमानजनक व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। हालांकि, बीफ बैन करने के बाद, हमने बीफ फेस्टिवल मनाने का फैसला किया। फेडरेशन ने कहा कि यह बैंक संविधान के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करता है। कौन क्या खाएगा, यह एक व्यक्तिगत मामला है। भारत में, हर व्यक्ति को अपना भोजन चुनने का अधिकार है। हम किसी को और को बीफ खाने के लिए मजबूर तो नहीं कर रहे हैं। विधायक बोले- केरल में संघ का एजेंडा नहीं चलेगा बैंक कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को राज्य के नेताओं का भी समर्थन मिला। वाम समर्थित निर्दलीय विधायक केटी जलील ने प्रदर्शन की तारीफ करते हुए फेसबुक पर लिखा, ‘केरल में संघ परिवार का कोई भी एजेंडा नहीं चलेगा। क्या पहनना है, क्या खाना है और क्या सोचना है, यह कोई और तय नहीं करेगा।’ विधायक केटी जलील ने कहा, ‘यह मिट्टी लाल है। इस धरती का हृदय लाल है। जहां कहीं भी लाल झंडा लहराता है, आप बिना किसी डर के फासीवादियों के खिलाफ बोल सकते हैं और कार्रवाई कर सकते हैं। कोई आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगा। जब तक कम्युनिस्ट एकजुट हैं, तब तक हम किसी को भगवा झंडा फहराने की इजाजत नहीं देंगे।’ केरल में पहले भी बीफ बैन के खिलाफ प्रदर्शन हुए 1. 2015 – त्रिशूर कॉलेज में छात्रों का बीफ फेस्ट
त्रिशूर जिले के एक सरकारी कॉलेज, श्री केरल वर्मा कॉलेज में छात्रों ने बीफ फेस्ट का आयोजन किया। यह विरोध यूपी के दादरी में एक व्यक्ति की कथित बीफ खाने के आरोप पर हत्या को लेकर हुआ था।इस पर कॉलेज के छह छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया था। 2. दिसंबर, 2024- कॉलेज कैंपस में बीफ फेस्ट
राज्य के विभिन्न कॉलेजों में CPM समर्थित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने बीफ फेस्ट आयोजित किए। यह विरोध उन डायटरी कंट्रोल्स (आहार नियंत्रण) के खिलाफ था, जो उत्तर भारत में लगाए जा रहे थे। 3. दिसंबर, 2024- त्रिवेंद्रम में DYFI का बीफ फेस्ट
महाराष्ट्र में बीफ बैन के विरोध में, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) ने त्रिवेंद्रम में बीफ फेस्ट का आयोजन किया। इसमें हिन्दू और मुस्लिम सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने एक साथ बैठकर बीफ का खाया और बैन को लोकतांत्रिक अधिकार और खाने की स्वतंत्रता पर हमला बताया।