नाबालिग से रेप के मामले में सजा काट रहे आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त की सुनवाई में उसकी अंतरिम जमानत आगे बढ़ाने से मना कर दिया था। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने फैसले में कहा था कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आसाराम की तबीयत स्थिर है। उसे हॉस्पिटल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत नहीं है। आसाराम को 7 जनवरी 2025 में 12 साल के बाद पहली बार जमानत मिली थी। सबसे पहले जानिए- अंतरिम जमानत आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए कोर्ट ने क्या कहा था… अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड की ओर से दी गई रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि आसाराम ने पिछले 3-4 महीनों में इलाज के लिए कई यात्राएं की हैं। उसने कई शहरों में अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज भी कराया है, लेकिन किसी भी हॉस्पिटल में नियमित फॉलोअप नहीं कराया है। वकील की दलील खारिज 27 अगस्त की सुनवाई में आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने कहा था कि- 21 अगस्त को आसाराम को एम्स जोधपुर ले जाया गया था। वहां के डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट दी है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। 18 अगस्त को हुई थी मेडिकल जांच
कोर्ट के निर्देशानुसार- अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के सक्षम अधिकारी ने आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया था। इसमें 6 डॉक्टर्स शामिल थे। 18 अगस्त को उसकी जांच हुई थी। बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया था कि… फिलहाल याचिका लगने की गुंजाइश नहीं
आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत या नियमित जमानत के लिए कोर्ट में कोई याचिका लंबित नहीं है। फिलहाल इस संबंध में याचिका लगने की गुंजाइश नहीं है। हालांकि, गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम की ओर से रेप केस में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की हुई है। उसमें सुनवाई होनी है। आसाराम के वकील क्या बोले
वकील निशांत बोड़ा ने बताया- आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत या नियमित जमानत के लिए कोर्ट में कोई याचिका लंबित नहीं है। रेप केस में सजा के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका राजस्थान हाईकोर्ट में पहले से ही लंबित चल रही है। इसमें अगली सुनवाई 25 सितंबर 2025 को हो सकती है। कोर्ट में लिस्ट होने पर पक्ष रखा जाएगा। गुजरात केस में आसाराम को दोषी करार दिए जाने को दी गई चुनौती की याचिका पर 29 अगस्त को सुनवाई होनी थी, लेकिन इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई एक बार फिर टल गई थी। फिलहाल, कोर्ट से सुनवाई की अगली तारीख तय नहीं हुई है। आसाराम की ओर से 13 मार्च 2023 को यह अपील की गई थी, जो 14 मार्च 2023 को रजिस्टर हुई थी। इस अपील पर आखिरी बार 19 अगस्त 2025 को सुनवाई हुई थी। 11 साल बाद बेटे से भी मिला था आसाराम करीब साढ़े सात महीने की जमानत के दौरान आसाराम 11 साल में पहली बार अपने बेटे नारायण साईं से भी मिला था। नारायण साईं 25 जून को सूरत जेल से जोधपुर के पाल गांव स्थित आसाराम आश्रम पहुंचा और पिता से मुलाकात की। पूरी खबर पढ़िए… —
ये खबर भी पढ़ें- आसाराम को 3 दिन बाद करना होगा सरेंडर:राजस्थान हाईकोर्ट का अंतरिम जमानत बढ़ाने से इंकार, कहा- सेहत इतनी गंभीर नहीं 86 साल के आसाराम को 30 अगस्त की सुबह 10 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा। वह गुजरात और राजस्थान में रेप के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)
नाबालिग से रेप के मामले में सजा काट रहे आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त की सुनवाई में उसकी अंतरिम जमानत आगे बढ़ाने से मना कर दिया था। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने फैसले में कहा था कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आसाराम की तबीयत स्थिर है। उसे हॉस्पिटल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत नहीं है। आसाराम को 7 जनवरी 2025 में 12 साल के बाद पहली बार जमानत मिली थी। सबसे पहले जानिए- अंतरिम जमानत आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए कोर्ट ने क्या कहा था… अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड की ओर से दी गई रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि आसाराम ने पिछले 3-4 महीनों में इलाज के लिए कई यात्राएं की हैं। उसने कई शहरों में अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज भी कराया है, लेकिन किसी भी हॉस्पिटल में नियमित फॉलोअप नहीं कराया है। वकील की दलील खारिज 27 अगस्त की सुनवाई में आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने कहा था कि- 21 अगस्त को आसाराम को एम्स जोधपुर ले जाया गया था। वहां के डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट दी है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। 18 अगस्त को हुई थी मेडिकल जांच
कोर्ट के निर्देशानुसार- अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के सक्षम अधिकारी ने आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया था। इसमें 6 डॉक्टर्स शामिल थे। 18 अगस्त को उसकी जांच हुई थी। बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया था कि… फिलहाल याचिका लगने की गुंजाइश नहीं
आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत या नियमित जमानत के लिए कोर्ट में कोई याचिका लंबित नहीं है। फिलहाल इस संबंध में याचिका लगने की गुंजाइश नहीं है। हालांकि, गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम की ओर से रेप केस में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की हुई है। उसमें सुनवाई होनी है। आसाराम के वकील क्या बोले
वकील निशांत बोड़ा ने बताया- आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत या नियमित जमानत के लिए कोर्ट में कोई याचिका लंबित नहीं है। रेप केस में सजा के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका राजस्थान हाईकोर्ट में पहले से ही लंबित चल रही है। इसमें अगली सुनवाई 25 सितंबर 2025 को हो सकती है। कोर्ट में लिस्ट होने पर पक्ष रखा जाएगा। गुजरात केस में आसाराम को दोषी करार दिए जाने को दी गई चुनौती की याचिका पर 29 अगस्त को सुनवाई होनी थी, लेकिन इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई एक बार फिर टल गई थी। फिलहाल, कोर्ट से सुनवाई की अगली तारीख तय नहीं हुई है। आसाराम की ओर से 13 मार्च 2023 को यह अपील की गई थी, जो 14 मार्च 2023 को रजिस्टर हुई थी। इस अपील पर आखिरी बार 19 अगस्त 2025 को सुनवाई हुई थी। 11 साल बाद बेटे से भी मिला था आसाराम करीब साढ़े सात महीने की जमानत के दौरान आसाराम 11 साल में पहली बार अपने बेटे नारायण साईं से भी मिला था। नारायण साईं 25 जून को सूरत जेल से जोधपुर के पाल गांव स्थित आसाराम आश्रम पहुंचा और पिता से मुलाकात की। पूरी खबर पढ़िए… —
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