कुशीनगर में RSS के जिला सह संघ चालक के बेटे की घेर कर हत्या कर दी गई। वजह यह थी कि युवक खेत में फसल खा रहे जानवरों को देखकर आपत्ति जताई थी। इससे आरोपी भड़क गए। 4 आरोपियों ने युवक को खेत में पीटा। किसी तरह से खुद को छुड़ाकर भागा। आरोपियों ने उसे दौड़ा कर पकड़ लिया। फरसे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। युवक की आंख फोड़ दी और कान काट डाले। मरने तक मारते रहे। चीख-पुकार सुनकर घरवाले पहुंचे। देखा तो आरोपी युवक की गर्दन दबाकर बैठे थे। इसी बीच, पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को देखकर एक आरोपी भाग गया। तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी घायल हैं। इनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पूरी वारदात शुक्रवार को कुबेर स्थान थाना क्षेत्र के सेमरा गांव की है। शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव एम्बुलेंस से गांव लाया गया। गुस्साए परिजनों ने शव उतारने से इनकार कर दिया। करीब 200 लोग मौके पर मौजूद हैं। स्थिति को देखते पीएसी और 4 थानों की फोर्स और तैनात कर दी गई है। परिजनों की मांग है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने अपराधियों ने मकान को बुलडोजर से हटाया जाए। उनकी कॉल डिटेल निकलवाई जाए। पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही बेटी की शिक्षा के लिए 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता दी जाए। एसपी-एसडीएम के मान-मनौवल और आरोपियों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए हैं। मृतक के शव का दाह संस्कार करने की तैयारी कर रहे हैं। जानिए पूरा मामला सेमरा गांव के रहने वाले इंद्रजीत सिंह RSS के जिला सह संघ चालक हैं। उनके बेटे उत्कर्ष सिंह (44) अखिल भारतीय गहरवार क्षत्रिय महासभा के जिला संगठन मंत्री थे। पिता इंद्रजीत सिंह ने बताया- शुक्रवार देर शाम 7 बजे बेटा घर पर था, तभी पड़ोसी ने बताया कि आपके खेत में पशु घुस गए हैं। उत्कर्ष पशुओं को देखने के लिए खेत में गया। वहां पशुओं को चरते देख उसने पास में झोपड़ी डालकर रहने वाले कन्हई यादव से इस पर आपत्ति जताई और पशुओं को बाहर निकालने के लिए कहा। यह सुनते ही कन्हई के चारों बेटे सच्चिदानंद, श्रीनिवास, देवेंद्र और ज्ञान भड़क गए। चारों बेटे कहासुनी करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि चारों ने उत्कर्ष को घेरकर पीटा। मौके पर मौजूद लोगों ने मुझे बताया कि बेटा जान बचाकर भागने लगा तो आरोपियों ने पीछा कर घेर लिया और फरसे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इंद्रजीत सिंह ने बताया- बेटे को पीटने के बाद आरोपियों ने उसकी एक आंख फोड़ दी और एक कान काट लिया। शोर सुनकर हम लोग दौड़कर पहुंचे। देखा तो आरोपी बेटे की गर्दन दबाकर बैठे थे। इसी बीच पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने मौके से कन्हई के 3 बेटों को हिरासत में लिया। तीन आरोपी भी घायल, गांव में फोर्स तैनात
कुबेरस्थान थाना अध्यक्ष अश्विनी राय ने बताया- RSS नेता ने कन्हई यादव और उसके चारों बेटों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि संघर्ष में उत्कर्ष सिंह की मौत हो गई, जबकि विपक्षी पक्ष के तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस कस्टडी में उनका इलाज चल रहा है। इनमें से एक को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद पुलिस पहुंची तो चारों आरोपी वहीं मौजूद थे। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों के बयान दर्ज किए। वारदात की जानकारी पर विधायक मनीष मंटू जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख आशुतोष बहुगुणा और भाजपा नेता मनोज सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। उत्कर्ष सिंह की शादी 10 साल पहले हुई थी। एक 8 साल की बेटी है। वे घर पर रहकर खेती करवाते थे। आरोपियों का घर सामने ही था, जिससे गाड़ी खड़ी करने को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। उत्कर्ष पर किसी महिला को लेकर गलत नजर रखने के भी आरोप थे। पिता इंद्रजीत सिंह जिला सत्र न्यायालय में वकील भी हैं। बड़े भाई असीम सिंह बिजली विभाग में सहायक अभियंता हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ेंः- पुलवामा में तैनात CRPF इंस्पेक्टर का शव कार में मिला:कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 12 घंटे से खड़ी थी, पत्नी से झगड़ाकर घर से निकले थे कानपुर में कार के अंदर सीआरपीएफ इंस्पेक्टर का शव मिला। वह शुक्रवार सुबह 7 बजे ससुराल से निकले। इसके करीब 12 घंटे बाद उनकी बॉडी कानपुर सेंट्रल स्टेशन की पार्किंग में खड़ी गाड़ी में मिली। पढ़ें पूरी खबर…
कुशीनगर में RSS के जिला सह संघ चालक के बेटे की घेर कर हत्या कर दी गई। वजह यह थी कि युवक खेत में फसल खा रहे जानवरों को देखकर आपत्ति जताई थी। इससे आरोपी भड़क गए। 4 आरोपियों ने युवक को खेत में पीटा। किसी तरह से खुद को छुड़ाकर भागा। आरोपियों ने उसे दौड़ा कर पकड़ लिया। फरसे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। युवक की आंख फोड़ दी और कान काट डाले। मरने तक मारते रहे। चीख-पुकार सुनकर घरवाले पहुंचे। देखा तो आरोपी युवक की गर्दन दबाकर बैठे थे। इसी बीच, पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को देखकर एक आरोपी भाग गया। तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी घायल हैं। इनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पूरी वारदात शुक्रवार को कुबेर स्थान थाना क्षेत्र के सेमरा गांव की है। शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव एम्बुलेंस से गांव लाया गया। गुस्साए परिजनों ने शव उतारने से इनकार कर दिया। करीब 200 लोग मौके पर मौजूद हैं। स्थिति को देखते पीएसी और 4 थानों की फोर्स और तैनात कर दी गई है। परिजनों की मांग है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने अपराधियों ने मकान को बुलडोजर से हटाया जाए। उनकी कॉल डिटेल निकलवाई जाए। पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही बेटी की शिक्षा के लिए 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता दी जाए। एसपी-एसडीएम के मान-मनौवल और आरोपियों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए हैं। मृतक के शव का दाह संस्कार करने की तैयारी कर रहे हैं। जानिए पूरा मामला सेमरा गांव के रहने वाले इंद्रजीत सिंह RSS के जिला सह संघ चालक हैं। उनके बेटे उत्कर्ष सिंह (44) अखिल भारतीय गहरवार क्षत्रिय महासभा के जिला संगठन मंत्री थे। पिता इंद्रजीत सिंह ने बताया- शुक्रवार देर शाम 7 बजे बेटा घर पर था, तभी पड़ोसी ने बताया कि आपके खेत में पशु घुस गए हैं। उत्कर्ष पशुओं को देखने के लिए खेत में गया। वहां पशुओं को चरते देख उसने पास में झोपड़ी डालकर रहने वाले कन्हई यादव से इस पर आपत्ति जताई और पशुओं को बाहर निकालने के लिए कहा। यह सुनते ही कन्हई के चारों बेटे सच्चिदानंद, श्रीनिवास, देवेंद्र और ज्ञान भड़क गए। चारों बेटे कहासुनी करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि चारों ने उत्कर्ष को घेरकर पीटा। मौके पर मौजूद लोगों ने मुझे बताया कि बेटा जान बचाकर भागने लगा तो आरोपियों ने पीछा कर घेर लिया और फरसे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इंद्रजीत सिंह ने बताया- बेटे को पीटने के बाद आरोपियों ने उसकी एक आंख फोड़ दी और एक कान काट लिया। शोर सुनकर हम लोग दौड़कर पहुंचे। देखा तो आरोपी बेटे की गर्दन दबाकर बैठे थे। इसी बीच पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने मौके से कन्हई के 3 बेटों को हिरासत में लिया। तीन आरोपी भी घायल, गांव में फोर्स तैनात
कुबेरस्थान थाना अध्यक्ष अश्विनी राय ने बताया- RSS नेता ने कन्हई यादव और उसके चारों बेटों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि संघर्ष में उत्कर्ष सिंह की मौत हो गई, जबकि विपक्षी पक्ष के तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस कस्टडी में उनका इलाज चल रहा है। इनमें से एक को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद पुलिस पहुंची तो चारों आरोपी वहीं मौजूद थे। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों के बयान दर्ज किए। वारदात की जानकारी पर विधायक मनीष मंटू जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख आशुतोष बहुगुणा और भाजपा नेता मनोज सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। उत्कर्ष सिंह की शादी 10 साल पहले हुई थी। एक 8 साल की बेटी है। वे घर पर रहकर खेती करवाते थे। आरोपियों का घर सामने ही था, जिससे गाड़ी खड़ी करने को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। उत्कर्ष पर किसी महिला को लेकर गलत नजर रखने के भी आरोप थे। पिता इंद्रजीत सिंह जिला सत्र न्यायालय में वकील भी हैं। बड़े भाई असीम सिंह बिजली विभाग में सहायक अभियंता हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ेंः- पुलवामा में तैनात CRPF इंस्पेक्टर का शव कार में मिला:कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 12 घंटे से खड़ी थी, पत्नी से झगड़ाकर घर से निकले थे कानपुर में कार के अंदर सीआरपीएफ इंस्पेक्टर का शव मिला। वह शुक्रवार सुबह 7 बजे ससुराल से निकले। इसके करीब 12 घंटे बाद उनकी बॉडी कानपुर सेंट्रल स्टेशन की पार्किंग में खड़ी गाड़ी में मिली। पढ़ें पूरी खबर…