हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के लिपा गांव में आज सुबह बादल फटने से भोगती नाले में अचानक बाढ़ आ गई। इसके कारण दो घर जमींदोज हुए और दो लोग दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुल्लू के आनी में भारी बारिश के बाद पटारना गांव में लैंडस्लाइड हुआ, जिससे 2 मकान क्षतिग्रस्त हुए और दो महिलाएं मलबे में दब गई। इससे एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी की तलाश जारी है। कुल्लू के ही खादवी गांव में भी 3 मकान लैंडस्लाइड की चपेट में आए। भारी बारिश ने मणिमहेश यात्रा में भी खलल डाला। इस यात्रा पर निकले 11 श्रद्धालुओं की 25 से 28 अगस्त के बीच मौत हो चुकी है। इनमें से 9 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मृतकों में 3 पंजाब, 1 उत्तर प्रदेश और 5 चंबा के निवासी हैं। 2 शवों की अभी पहचान होनी बाकी है। इनकी मौत पत्थर गिरने और ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई हैं। 16 अगस्त से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान अबतक कुल 22 श्रद्धालुओं की जान गई है। वहीं भरमौर भरमौर प्रशासन ने कलसुई से पठानकोट के लिए 150 श्रद्धालुओं को लेकर 3 HRTC की बसें रवाना कर दी गई है। ये लोग मणिमहेश यात्रा के दौरान भारी बारिश के बाद फंस गए थे। आज सुबह भरमौर से 5 हजार श्रद्धालु पैदल चंबा के लिए निकले। इस बीच मौसम विभाग ने 29 से 31 अगस्त तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज रात में ऊना, कांगड़ा, मंडी व सिरमौर जिला तथा अगले कल चंबा कांगड़ा व कुल्लू जिला में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। सड़क टूटने और खराब मौसम के कारण कई स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद हैं। कुल्लू-मनाली में पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की आपूर्ति बाधित है। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन भी लैंडस्लाइड के कारण बंद है। 1,500 से अधिक टूरिस्ट सड़क बंद होने से घर नहीं लौट पा रहे हैं। बारिश की परेशानी से जुड़े PHOTOS… मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के लिपा गांव में आज सुबह बादल फटने से भोगती नाले में अचानक बाढ़ आ गई। इसके कारण दो घर जमींदोज हुए और दो लोग दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुल्लू के आनी में भारी बारिश के बाद पटारना गांव में लैंडस्लाइड हुआ, जिससे 2 मकान क्षतिग्रस्त हुए और दो महिलाएं मलबे में दब गई। इससे एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी की तलाश जारी है। कुल्लू के ही खादवी गांव में भी 3 मकान लैंडस्लाइड की चपेट में आए। भारी बारिश ने मणिमहेश यात्रा में भी खलल डाला। इस यात्रा पर निकले 11 श्रद्धालुओं की 25 से 28 अगस्त के बीच मौत हो चुकी है। इनमें से 9 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मृतकों में 3 पंजाब, 1 उत्तर प्रदेश और 5 चंबा के निवासी हैं। 2 शवों की अभी पहचान होनी बाकी है। इनकी मौत पत्थर गिरने और ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई हैं। 16 अगस्त से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान अबतक कुल 22 श्रद्धालुओं की जान गई है। वहीं भरमौर भरमौर प्रशासन ने कलसुई से पठानकोट के लिए 150 श्रद्धालुओं को लेकर 3 HRTC की बसें रवाना कर दी गई है। ये लोग मणिमहेश यात्रा के दौरान भारी बारिश के बाद फंस गए थे। आज सुबह भरमौर से 5 हजार श्रद्धालु पैदल चंबा के लिए निकले। इस बीच मौसम विभाग ने 29 से 31 अगस्त तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज रात में ऊना, कांगड़ा, मंडी व सिरमौर जिला तथा अगले कल चंबा कांगड़ा व कुल्लू जिला में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। सड़क टूटने और खराब मौसम के कारण कई स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद हैं। कुल्लू-मनाली में पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की आपूर्ति बाधित है। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन भी लैंडस्लाइड के कारण बंद है। 1,500 से अधिक टूरिस्ट सड़क बंद होने से घर नहीं लौट पा रहे हैं। बारिश की परेशानी से जुड़े PHOTOS… मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…