चंडीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में सिफ्ट सिटी (Chandigarh International Finance Tech City) बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर बनने वाली यह सिटी चंडीगढ़ की नई पहचान होगी। प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया है। उद्योग सचिव निशांत कुमार यादव के मुताबिक, 30 नवंबर तक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी बजट में इसकी घोषणा हो सके। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को मिलेगा न्योता इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चंडीगढ़ को ग्लोबल लेवल का फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी खाली जमीन है। खासकर फेज-3 में 153 एकड़ भूमि लगभग पूरी तरह खाली है, जिसे सिफ्ट सिटी के लिए विकसित किया जाएगा। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि शहर को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने माना कि बीते वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इसे तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है।
चंडीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में सिफ्ट सिटी (Chandigarh International Finance Tech City) बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर बनने वाली यह सिटी चंडीगढ़ की नई पहचान होगी। प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया है। उद्योग सचिव निशांत कुमार यादव के मुताबिक, 30 नवंबर तक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी बजट में इसकी घोषणा हो सके। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को मिलेगा न्योता इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चंडीगढ़ को ग्लोबल लेवल का फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी खाली जमीन है। खासकर फेज-3 में 153 एकड़ भूमि लगभग पूरी तरह खाली है, जिसे सिफ्ट सिटी के लिए विकसित किया जाएगा। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि शहर को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने माना कि बीते वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इसे तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है।