बिहार में ड्राफ्ट सूची से बाहर किए 65 लाख मतदाताओं की लिस्ट जारी कर दी गई है। वोटर अपने नाम जिलों की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। वोटर लिस्ट में नाम चेक करने की प्रोसेस वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए सबसे पहले वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04 जाएं। यहां अपना जिला सिलेक्ट करें। इसके बाद अपनी विधानसभा का नाम दर्ज करें। भाषा सिलेक्ट करें। ROLL TYPE वाले ऑप्शन में SIR 2025 दर्ज करें। इसके बाद कैप्चा डालें। आपकी विधानसभा की पूरी लिस्ट आ जाएगी। जिसमें आपके बूथ का नाम दिया गया है। इसमें अपना बूथ सर्च करें। आपका नाम मिल जाएगा। मृतकों की लिस्ट में नाम है तो हमें बताएं अगर आपका वोट कट गया है और वो मृतकों की लिस्ट में आ गया है इसकी जानकारी हमें 62016 80214 इस नंबर पर वॉट्सऐप करें। अपना नाम, पता और वोटर लिस्ट की फोटो भेजें। हम आपकी आवाज को आयोग और जनता तक पहुंचाएंगे और बताएंगे कि BLO ने कैसे लापरवाही कर के आपका नाम मृतकों की लिस्ट में डाल दिया। अब नीचे पढ़िए चुनाव आयोग ने क्या जानकारी दी है विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह लिस्ट सार्वजनिक की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई की थी।’ आयोग ने बताया, ‘कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि हटाए गए नामों का डिटेल और कारण सार्वजनिक किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 56 घंटे के भीतर लिस्ट जिलों की वेबसाइट पर डाल दी गई। यह विधानसभा क्षेत्रवार और मतदान केंद्रवार तैयार की गई है। इसमें यह भी दर्ज है कि नाम किस कारण से हटाया गया। नाम हटाने के मुख्य कारणों में मृत्यु, परमानेंट लोकेशन (यानी जो बिहार छोड़ चुके हैं), लंबे समय से गायब और डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। कुछ नेता बिहार में गलत सूचना फैला रहे वहीं, मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘क्या बिना शपथपत्र हम 1.5 लाख वोटर्स को नोटिस जारी कर दें? आयोग हर मतदाता के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। CEC ने कहा, आप निराधार आरोप लगाएंगे और कहेंगे चोरी हो रही है, तो गलत है। किसी के दो जगह वोट हों, तब भी एक ही जगह वोट करता है। दो जगह वोट देना अपराध है। कोई ऐसा कहता है, तो सबूत चाहिए। सबूत मांगा था, लेकिन नहीं मिला।’ ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘यह चिंता का विषय है कि कुछ दल और उनके नेता बिहार में SIR के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं। आयोग सभी राजनीतिक दलों से बिहार में ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने का आग्रह करता है।’ अभी 15 दिन बाकी हैं। अगर चुनाव याचिकाएं 45 दिन के भीतर दायर नहीं की जातीं, लेकिन वोट चोरी के आरोप लगाए जाते हैं, तो यह भारतीय संविधान का अपमान है।’ ‘एक झूठ, चाहे जितनी बार दोहराया जाए, सच नहीं बन जाता। निर्वाचन आयोग और मतदाता, ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों से डरते नहीं हैं।’ CEC बोले- हलफनामा दे या माफी मांगें चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा- सभी मतदाताओं को अपराधी बनाया जा रहा है। इस पर चुनाव आयोग शांत रहेगा, ऐसा संभव नहीं है। हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी। तीसरा कोई विकल्प नहीं है। अगर 7 दिनों के अंदर हलफनामा नहीं मिलता है, तो इसका मतलब है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। 65 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं बिहार में SIR के तहत 1 अगस्त को जारी वोटर लिस्ट में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। आयोग का कहना है, जिनके नाम कटे हैं वो मृत हैं या फिर स्थाई तौर पर स्थानांतरित हो गए हैं या फिर जिसके एक से ज्यादा वोटर कार्ड हैं। कई संगठनों और याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं। —————————— ये खबर भी पढ़ें… राहुल की ‘वोट अधिकार यात्रा’ का दूसरा दिन:औरंगाबाद के सतबहिनी मंदिर में पूजा कर सकते हैं, अंबा चौक पर हो सकती है सभा बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR, सामान्य शब्दों में वोटर लिस्ट रिवीजन) के खिलाफ राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ का आज दूसरा दिन है। सोमवार को औरंगाबाद से राहुल गांधी का काफिला रवाना हुआ है। औरंगाबाद के बभंडीह खेल मैदान राहुल गांधी निकल गए हैं। उनके साथ में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम हैं। अंबा होते हुए देव के लिए रवाना हो गए हैं। देव रोड में अंबा बाजार के अलावा तेलहारा, रतिखाप, नरहर अंबा, निरंजनपुर, कझपा समेत अन्य गांव में उनका स्वागत हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
बिहार में ड्राफ्ट सूची से बाहर किए 65 लाख मतदाताओं की लिस्ट जारी कर दी गई है। वोटर अपने नाम जिलों की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। वोटर लिस्ट में नाम चेक करने की प्रोसेस वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए सबसे पहले वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04 जाएं। यहां अपना जिला सिलेक्ट करें। इसके बाद अपनी विधानसभा का नाम दर्ज करें। भाषा सिलेक्ट करें। ROLL TYPE वाले ऑप्शन में SIR 2025 दर्ज करें। इसके बाद कैप्चा डालें। आपकी विधानसभा की पूरी लिस्ट आ जाएगी। जिसमें आपके बूथ का नाम दिया गया है। इसमें अपना बूथ सर्च करें। आपका नाम मिल जाएगा। मृतकों की लिस्ट में नाम है तो हमें बताएं अगर आपका वोट कट गया है और वो मृतकों की लिस्ट में आ गया है इसकी जानकारी हमें 62016 80214 इस नंबर पर वॉट्सऐप करें। अपना नाम, पता और वोटर लिस्ट की फोटो भेजें। हम आपकी आवाज को आयोग और जनता तक पहुंचाएंगे और बताएंगे कि BLO ने कैसे लापरवाही कर के आपका नाम मृतकों की लिस्ट में डाल दिया। अब नीचे पढ़िए चुनाव आयोग ने क्या जानकारी दी है विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह लिस्ट सार्वजनिक की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई की थी।’ आयोग ने बताया, ‘कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि हटाए गए नामों का डिटेल और कारण सार्वजनिक किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 56 घंटे के भीतर लिस्ट जिलों की वेबसाइट पर डाल दी गई। यह विधानसभा क्षेत्रवार और मतदान केंद्रवार तैयार की गई है। इसमें यह भी दर्ज है कि नाम किस कारण से हटाया गया। नाम हटाने के मुख्य कारणों में मृत्यु, परमानेंट लोकेशन (यानी जो बिहार छोड़ चुके हैं), लंबे समय से गायब और डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। कुछ नेता बिहार में गलत सूचना फैला रहे वहीं, मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘क्या बिना शपथपत्र हम 1.5 लाख वोटर्स को नोटिस जारी कर दें? आयोग हर मतदाता के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। CEC ने कहा, आप निराधार आरोप लगाएंगे और कहेंगे चोरी हो रही है, तो गलत है। किसी के दो जगह वोट हों, तब भी एक ही जगह वोट करता है। दो जगह वोट देना अपराध है। कोई ऐसा कहता है, तो सबूत चाहिए। सबूत मांगा था, लेकिन नहीं मिला।’ ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘यह चिंता का विषय है कि कुछ दल और उनके नेता बिहार में SIR के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं। आयोग सभी राजनीतिक दलों से बिहार में ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने का आग्रह करता है।’ अभी 15 दिन बाकी हैं। अगर चुनाव याचिकाएं 45 दिन के भीतर दायर नहीं की जातीं, लेकिन वोट चोरी के आरोप लगाए जाते हैं, तो यह भारतीय संविधान का अपमान है।’ ‘एक झूठ, चाहे जितनी बार दोहराया जाए, सच नहीं बन जाता। निर्वाचन आयोग और मतदाता, ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों से डरते नहीं हैं।’ CEC बोले- हलफनामा दे या माफी मांगें चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा- सभी मतदाताओं को अपराधी बनाया जा रहा है। इस पर चुनाव आयोग शांत रहेगा, ऐसा संभव नहीं है। हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी। तीसरा कोई विकल्प नहीं है। अगर 7 दिनों के अंदर हलफनामा नहीं मिलता है, तो इसका मतलब है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। 65 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं बिहार में SIR के तहत 1 अगस्त को जारी वोटर लिस्ट में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। आयोग का कहना है, जिनके नाम कटे हैं वो मृत हैं या फिर स्थाई तौर पर स्थानांतरित हो गए हैं या फिर जिसके एक से ज्यादा वोटर कार्ड हैं। कई संगठनों और याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं। —————————— ये खबर भी पढ़ें… राहुल की ‘वोट अधिकार यात्रा’ का दूसरा दिन:औरंगाबाद के सतबहिनी मंदिर में पूजा कर सकते हैं, अंबा चौक पर हो सकती है सभा बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR, सामान्य शब्दों में वोटर लिस्ट रिवीजन) के खिलाफ राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ का आज दूसरा दिन है। सोमवार को औरंगाबाद से राहुल गांधी का काफिला रवाना हुआ है। औरंगाबाद के बभंडीह खेल मैदान राहुल गांधी निकल गए हैं। उनके साथ में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम हैं। अंबा होते हुए देव के लिए रवाना हो गए हैं। देव रोड में अंबा बाजार के अलावा तेलहारा, रतिखाप, नरहर अंबा, निरंजनपुर, कझपा समेत अन्य गांव में उनका स्वागत हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…