ब्रिटेन के एक कब्रिस्तान ने मोटे व्यक्ति पर मरने के बाद दफन होने पर एक्स्ट्रा टैक्स लगाने की तैयारी की है। वहीं अब यूरोप के देशों में चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने और कम कपड़े पहनकर घूमने पर जुर्माना लगेगा। ब्रिटेन के डैनेस्कॉर्ट कब्रिस्तान ने मोटे लोगों पर मरने के बाद चौड़ी कब्र देने के लिए एक्स्ट्रा टैक्स लगाने का फैसला किया है। इस फैसले की कड़ी आलोचना हो रही है। लोग इसे ‘फैट टैक्स’ कह रहे हैं। कब्रिस्तान ने कहा- एक स्टैंडर्ड कब्र की कीमत करीब ₹1.37 लाख होती है। लेकिन चौड़े ताबूतों के लिए 4 फीट की चौड़ी कब्रों की जरूरत होती है। अब इसके लिए करीब ₹2.21 लाख देना होगा। काउंसिल ने कहा- मोटे लोगों की कब्र खोदने में ज्यादा मेहनत लगती है इस मामले पर काउंसिल का कहना है कि शहर में मोटापा बढ़ रहा है। इसलिए बड़े ताबूतों की मांग बढ़ी है। ऐसी कब्रें खोदने में ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इसलिए ये शुल्क लिया जा रहा है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह भेदभावपूर्ण है। यह मोटापे से पीड़ित लोगों को अपमानित करता है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गरमा गया है। लोग इस नीति को ‘शर्मनाक’ बता रहे हैं। इस साल यूरोप के कई बड़े शहरों में टूरिस्ट पर सख्ती बढ़ गई है। यहां मामूली गलतियों के लिए भी भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है। इसका मकसद ‘ओवर-टूरिज्म’ से निपटना और स्थानीय लोगों की जिंदगी को आसान बनाना है। ये हैं कुछ कड़े नियम और जुर्माने टूरिज्म एक्सपर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में टूरिस्ट आने से स्थानीय लोग तंग आ चुके हैं। इस नियम से लोकल लोगों को सुरक्षित रखकर और सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा मिलेगा। यह जुर्माना एक कम्युनिटी पीस को बढ़ाने का सिम्बल है। अमेरिका में खरगोशों के चेहरे पर सींग निकल रहे हैं। लोग इसे ‘ज़ोंबी वायरस’ की कह रहे हैं। लेकिन अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने अब इसकी सच्चाई बताई है। यह एक ‘शोपे पैपिलोमा वायरस’ है। इस वायरस की वजह से खरगोशों के चेहरे और सिर पर बड़े मस्से हो जाते हैं। ये मस्से की बार सींग जैसे हो जाते हैं। दरअसल यह वायरस जंगलों में पाए जाने वाले कीड़ों के काटने से फैलता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह वायरस इंसान या पालतू जानवरों के लिए खतरनाक नहीं है। लेकिन सावधानी के तौर पर लोगों को इन खरगोशों से दूर रहने की सलाह दी गई है। कुछ समय बाद यह संक्रमण खुद ब खुद खत्म हो जाएगा। डिजिटल युग में पैसे कमाने के कई अनोखे तरीके हैं। ब्राजील की एक महिला ने एक ऐसा तरीका निकाला है। वह सिर्फ सोते हुए लाखों रुपए कमा रही है। डेबोरा पिक्सोटो नाम की 32 साल की महिला एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है। वह रात में अपने सोने का लाइव वीडियो स्ट्रीम करती हैं। इसे उन्होंने अपना ‘नाइट टाइम रियलिटी शो’ नाम दिया है। लोग उन्हें सोते हुए देखने के लिए एक रात का ₹9,500 तक देते हैं। हर रात करीब 40 लोग उन्हें लाइव देखते भी हैं। यह सुनने में अजीब लगता है। लेकिन डेबोरा बताती हैं कि उनके दर्शकों को इसमें शांति और अपनापन महसूस होता है। कई लोग कहते थे कि उन्हें सिर्फ उनकी मौजूदगी चाहिए। उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है। डेबोरा ने अब इसे अपना फुलटाइम पेशा बना लिया। दांतों को मजबूत बनाने के लिए फ्लोराइड वाली टूथपेस्ट का इस्तेमाल होता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पदार्थ खोजा है, जो फ्लोराइड से भी ज्यादा असरदार है। यह पदार्थ आपके सिर के बाल में पाया जाता है। किंग्स कॉलेज लंदन के रिसर्चर ने यह खोज की है। उन्होंने पाया कि ‘केराटिन’ नाम का एक प्रोटीन यह काम कर सकता है। केराटिन इंसान के बाल, त्वचा और नाखून में होता है। यह दांतों पर एक मजबूत परत बनाता है। यह नैचुरल इनेमल जैसा होता है। इससे दांतों की सड़न रुकती है। यह दांतों की सेंस्टेविटी को भी ठीक कर सकता है। यह टूथपेस्ट 2-3 सालों में मार्केट में आ सकता है वैज्ञानिकों ने इस केराटिन को टूथपेस्ट या एक खास जेल में इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। उनका अनुमान है कि यह प्रोडक्ट दो से तीन साल में बाजार में आ सकता है। इसकी खास बात यह है कि इसे बॉयो वेस्ट (जैसे बाल और ऊन) से बनाया जा सकता है। यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
ब्रिटेन के एक कब्रिस्तान ने मोटे व्यक्ति पर मरने के बाद दफन होने पर एक्स्ट्रा टैक्स लगाने की तैयारी की है। वहीं अब यूरोप के देशों में चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने और कम कपड़े पहनकर घूमने पर जुर्माना लगेगा। ब्रिटेन के डैनेस्कॉर्ट कब्रिस्तान ने मोटे लोगों पर मरने के बाद चौड़ी कब्र देने के लिए एक्स्ट्रा टैक्स लगाने का फैसला किया है। इस फैसले की कड़ी आलोचना हो रही है। लोग इसे ‘फैट टैक्स’ कह रहे हैं। कब्रिस्तान ने कहा- एक स्टैंडर्ड कब्र की कीमत करीब ₹1.37 लाख होती है। लेकिन चौड़े ताबूतों के लिए 4 फीट की चौड़ी कब्रों की जरूरत होती है। अब इसके लिए करीब ₹2.21 लाख देना होगा। काउंसिल ने कहा- मोटे लोगों की कब्र खोदने में ज्यादा मेहनत लगती है इस मामले पर काउंसिल का कहना है कि शहर में मोटापा बढ़ रहा है। इसलिए बड़े ताबूतों की मांग बढ़ी है। ऐसी कब्रें खोदने में ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इसलिए ये शुल्क लिया जा रहा है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह भेदभावपूर्ण है। यह मोटापे से पीड़ित लोगों को अपमानित करता है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गरमा गया है। लोग इस नीति को ‘शर्मनाक’ बता रहे हैं। इस साल यूरोप के कई बड़े शहरों में टूरिस्ट पर सख्ती बढ़ गई है। यहां मामूली गलतियों के लिए भी भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है। इसका मकसद ‘ओवर-टूरिज्म’ से निपटना और स्थानीय लोगों की जिंदगी को आसान बनाना है। ये हैं कुछ कड़े नियम और जुर्माने टूरिज्म एक्सपर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में टूरिस्ट आने से स्थानीय लोग तंग आ चुके हैं। इस नियम से लोकल लोगों को सुरक्षित रखकर और सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा मिलेगा। यह जुर्माना एक कम्युनिटी पीस को बढ़ाने का सिम्बल है। अमेरिका में खरगोशों के चेहरे पर सींग निकल रहे हैं। लोग इसे ‘ज़ोंबी वायरस’ की कह रहे हैं। लेकिन अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने अब इसकी सच्चाई बताई है। यह एक ‘शोपे पैपिलोमा वायरस’ है। इस वायरस की वजह से खरगोशों के चेहरे और सिर पर बड़े मस्से हो जाते हैं। ये मस्से की बार सींग जैसे हो जाते हैं। दरअसल यह वायरस जंगलों में पाए जाने वाले कीड़ों के काटने से फैलता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह वायरस इंसान या पालतू जानवरों के लिए खतरनाक नहीं है। लेकिन सावधानी के तौर पर लोगों को इन खरगोशों से दूर रहने की सलाह दी गई है। कुछ समय बाद यह संक्रमण खुद ब खुद खत्म हो जाएगा। डिजिटल युग में पैसे कमाने के कई अनोखे तरीके हैं। ब्राजील की एक महिला ने एक ऐसा तरीका निकाला है। वह सिर्फ सोते हुए लाखों रुपए कमा रही है। डेबोरा पिक्सोटो नाम की 32 साल की महिला एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है। वह रात में अपने सोने का लाइव वीडियो स्ट्रीम करती हैं। इसे उन्होंने अपना ‘नाइट टाइम रियलिटी शो’ नाम दिया है। लोग उन्हें सोते हुए देखने के लिए एक रात का ₹9,500 तक देते हैं। हर रात करीब 40 लोग उन्हें लाइव देखते भी हैं। यह सुनने में अजीब लगता है। लेकिन डेबोरा बताती हैं कि उनके दर्शकों को इसमें शांति और अपनापन महसूस होता है। कई लोग कहते थे कि उन्हें सिर्फ उनकी मौजूदगी चाहिए। उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है। डेबोरा ने अब इसे अपना फुलटाइम पेशा बना लिया। दांतों को मजबूत बनाने के लिए फ्लोराइड वाली टूथपेस्ट का इस्तेमाल होता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पदार्थ खोजा है, जो फ्लोराइड से भी ज्यादा असरदार है। यह पदार्थ आपके सिर के बाल में पाया जाता है। किंग्स कॉलेज लंदन के रिसर्चर ने यह खोज की है। उन्होंने पाया कि ‘केराटिन’ नाम का एक प्रोटीन यह काम कर सकता है। केराटिन इंसान के बाल, त्वचा और नाखून में होता है। यह दांतों पर एक मजबूत परत बनाता है। यह नैचुरल इनेमल जैसा होता है। इससे दांतों की सड़न रुकती है। यह दांतों की सेंस्टेविटी को भी ठीक कर सकता है। यह टूथपेस्ट 2-3 सालों में मार्केट में आ सकता है वैज्ञानिकों ने इस केराटिन को टूथपेस्ट या एक खास जेल में इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। उनका अनुमान है कि यह प्रोडक्ट दो से तीन साल में बाजार में आ सकता है। इसकी खास बात यह है कि इसे बॉयो वेस्ट (जैसे बाल और ऊन) से बनाया जा सकता है। यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…