लखनऊ के एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला 1 साल बाद भारत आ रहे हैं। वो अमेरिका से रवाना हो चुके हैं। फ्लाइट में चढ़ने के बाद उन्होंने शनिवार को खुद इसकी जानकारी दी। इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर लिखा- यूं ही चला चल राही… जीवन गाड़ी है, समय पहिया। मुझे अपने देश पहुंचने की बेसब्री है। रविवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर शुभांशु उतरेंगे। यहां से पीएम मोदी से मिलने जाएंगे। इसके बाद बेंगलुरु जाएंगे। 23 अगस्त को इसरो के इंटरनेशनल स्पेस-डे सेलिब्रेशन में शामिल होंगे। 25 अगस्त को अपने घर लखनऊ आ सकते हैं। एक्सियम मिशन 4 के तहत 25 जून को शुभांशु शुक्ला सहित चार एस्ट्रोनॉट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। 26 जून को भारतीय समयानुसार शाम 4:01 बजे ISS पहुंचे थे। 18 दिन रहने के बाद 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट थे। कैलिफोर्निया के तट पर लैंडिंग हुई थी इसके बाद से वो डॉक्टरों की निगरानी में थे। रोजाना चार घंटे चलने की प्रैक्टिस करते थे। शुभांशु की हूबहू पोस्ट पढ़िए… भारत वापस आने के लिए विमान में बैठते ही मेरे दिल में कई तरह की भावनाएं उमड़ रही हैं। मुझे उन शानदार लोगों को पीछे छोड़कर जाने का दुख है, जो इस मिशन के दौरान एक साल से मेरे दोस्त और परिवार थे। मैं मिशन के बाद पहली बार अपने दोस्तों, परिवार और देशवासियों से मिलने को लेकर उत्साहित हूं। मुझे लगता है कि जिंदगी यही है… सबकुछ एक साथ। मिशन के दौरान और बाद में सभी से अविश्वसनीय प्यार और समर्थन मिला। मुझे अपने देश पहुंचने की बेसब्री है। मैं आप सभी के साथ अपने अनुभव साझा करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। अलविदा कहना मुश्किल होता है, लेकिन हमें जिंदगी में आगे बढ़ते रहना चाहिए। जैसा कि मेरी कमांडर @astro_peggy (पैगी व्हिटसन) प्यार से कहती हैं- अंतरिक्ष उड़ान में एकमात्र स्थिर चीज बदलाव है। मेरा मानना है कि यह बात जिंदगी पर भी लागू होती है। मुझे लगता है – यूं ही चला चल राही…जीवन गाड़ी है… समय पहिया।
पिता ने भास्कर को पहले ही बताया था- 17 अगस्त को आएंगे शुभांशु
21 जुलाई को एस्ट्रोनॉट के पिता शंभु दयाल शुक्ला ने दैनिक भास्कर से बताया था कि शुभांशु शुक्ला 17 अगस्त को भारत आएंगे। कहा था- बेटा अभी अमेरिका में है, उससे गले मिले एक साल हो गया। वहीं, मां आशा शुक्ला ने बताया था- वह काफी कमजोर दिख रहे हैं। वीडियो कॉल पर बेटे को इस हालत में देखती हूं तो इमोशनल हो जाती हूं। घर आए तो जो कहेगा, वही बनाकर खिलाऊंगी। लखनऊ में स्वागत की तैयारियां चल रहीं
लखनऊ में उनके स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। त्रिवेणीनगर में उनका परिवार उनके भव्य स्वागत की तैयारी में जुटा है। साथ ही जिस सीएमएस स्कूल से शुभांशु ने पढ़ाई की थी, वहां उनके स्वागत कार्यक्रम की तैयारी चल रही है। स्कूल के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया- सीएमएस गोमतीनगर एक्सटेंशन तक रैली निकाले जाने की योजना है। सीएम योगी को भी न्योता भेजा जाएगा। उनकी सहमति मिलने के बाद बड़े स्तर पर कार्यक्रम की तैयारी शुरू होगी। 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और भारतीय एजेंसी इसरो के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को इस मिशन के लिए चुना गया था। शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले और स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। इससे 41 साल पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष यात्रा की थी। शुभांशु का ये अनुभव भारत के गगनयान मिशन में काम आएगा। ये भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसका उद्देश्य भारतीय गगनयात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और सुरक्षित रूप से वापस लाना है। इसके 2027 में लॉन्च होने की संभावना है। भारत में एस्ट्रोनॉट को गगनयात्री कहा जाता है। इसी तरह रूस में कॉस्मोनॉट और चीन में ताइकोनॉट कहते हैं। —————————— शुभांशु को और पढ़िए… शुभांशु पृथ्वी पर लौटे तो लखनऊ में मां रो पड़ीं:पति के कंधे पर सिर रखा; पिता बोले- अब बेटे को सामने से देखना चाहता हूं शुभांशु शुक्ला सहित चार एस्ट्रोनॉट 20 दिन अंतरिक्ष यात्रा के बाद पृथ्वी पर लौट आए हैं। शुभांशु के सकुशल लौटने पर उनका परिवार बेहद खुश है। लखनऊ के सीएमएस स्कूल में माता-पिता ने बेटे की लाइव लैंडिंग देखी। (पूरी खबर पढ़िए) ————————– एस्ट्रोनॉट बेटा अंतरिक्ष को रवाना हुआ तो मां रो पड़ीं:लखनऊ में शुभांशु के स्कूल से मां-पिता ने लाइव देखा; लॉन्चिंग के बाद भांगड़ा किया लखनऊ के शुभांशु शुक्ला एक्सिओम मिशन-4 के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी ISS पर रवाना हो गए। उनके साथ तीन अन्य एस्ट्रोनॉट भी स्पेस स्टेशन जा रहे हैं। शुभांशु को LDA की CMS ब्रांच से लोगों ने स्पेस स्टेशन में जाते हुए देखा। मिशन लॉन्चिंग का लाइव टेलीकास्ट देखने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। (पूरी खबर पढ़िए)
लखनऊ के एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला 1 साल बाद भारत आ रहे हैं। वो अमेरिका से रवाना हो चुके हैं। फ्लाइट में चढ़ने के बाद उन्होंने शनिवार को खुद इसकी जानकारी दी। इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर लिखा- यूं ही चला चल राही… जीवन गाड़ी है, समय पहिया। मुझे अपने देश पहुंचने की बेसब्री है। रविवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर शुभांशु उतरेंगे। यहां से पीएम मोदी से मिलने जाएंगे। इसके बाद बेंगलुरु जाएंगे। 23 अगस्त को इसरो के इंटरनेशनल स्पेस-डे सेलिब्रेशन में शामिल होंगे। 25 अगस्त को अपने घर लखनऊ आ सकते हैं। एक्सियम मिशन 4 के तहत 25 जून को शुभांशु शुक्ला सहित चार एस्ट्रोनॉट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। 26 जून को भारतीय समयानुसार शाम 4:01 बजे ISS पहुंचे थे। 18 दिन रहने के बाद 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट थे। कैलिफोर्निया के तट पर लैंडिंग हुई थी इसके बाद से वो डॉक्टरों की निगरानी में थे। रोजाना चार घंटे चलने की प्रैक्टिस करते थे। शुभांशु की हूबहू पोस्ट पढ़िए… भारत वापस आने के लिए विमान में बैठते ही मेरे दिल में कई तरह की भावनाएं उमड़ रही हैं। मुझे उन शानदार लोगों को पीछे छोड़कर जाने का दुख है, जो इस मिशन के दौरान एक साल से मेरे दोस्त और परिवार थे। मैं मिशन के बाद पहली बार अपने दोस्तों, परिवार और देशवासियों से मिलने को लेकर उत्साहित हूं। मुझे लगता है कि जिंदगी यही है… सबकुछ एक साथ। मिशन के दौरान और बाद में सभी से अविश्वसनीय प्यार और समर्थन मिला। मुझे अपने देश पहुंचने की बेसब्री है। मैं आप सभी के साथ अपने अनुभव साझा करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। अलविदा कहना मुश्किल होता है, लेकिन हमें जिंदगी में आगे बढ़ते रहना चाहिए। जैसा कि मेरी कमांडर @astro_peggy (पैगी व्हिटसन) प्यार से कहती हैं- अंतरिक्ष उड़ान में एकमात्र स्थिर चीज बदलाव है। मेरा मानना है कि यह बात जिंदगी पर भी लागू होती है। मुझे लगता है – यूं ही चला चल राही…जीवन गाड़ी है… समय पहिया।
पिता ने भास्कर को पहले ही बताया था- 17 अगस्त को आएंगे शुभांशु
21 जुलाई को एस्ट्रोनॉट के पिता शंभु दयाल शुक्ला ने दैनिक भास्कर से बताया था कि शुभांशु शुक्ला 17 अगस्त को भारत आएंगे। कहा था- बेटा अभी अमेरिका में है, उससे गले मिले एक साल हो गया। वहीं, मां आशा शुक्ला ने बताया था- वह काफी कमजोर दिख रहे हैं। वीडियो कॉल पर बेटे को इस हालत में देखती हूं तो इमोशनल हो जाती हूं। घर आए तो जो कहेगा, वही बनाकर खिलाऊंगी। लखनऊ में स्वागत की तैयारियां चल रहीं
लखनऊ में उनके स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। त्रिवेणीनगर में उनका परिवार उनके भव्य स्वागत की तैयारी में जुटा है। साथ ही जिस सीएमएस स्कूल से शुभांशु ने पढ़ाई की थी, वहां उनके स्वागत कार्यक्रम की तैयारी चल रही है। स्कूल के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया- सीएमएस गोमतीनगर एक्सटेंशन तक रैली निकाले जाने की योजना है। सीएम योगी को भी न्योता भेजा जाएगा। उनकी सहमति मिलने के बाद बड़े स्तर पर कार्यक्रम की तैयारी शुरू होगी। 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और भारतीय एजेंसी इसरो के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को इस मिशन के लिए चुना गया था। शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले और स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। इससे 41 साल पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष यात्रा की थी। शुभांशु का ये अनुभव भारत के गगनयान मिशन में काम आएगा। ये भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसका उद्देश्य भारतीय गगनयात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और सुरक्षित रूप से वापस लाना है। इसके 2027 में लॉन्च होने की संभावना है। भारत में एस्ट्रोनॉट को गगनयात्री कहा जाता है। इसी तरह रूस में कॉस्मोनॉट और चीन में ताइकोनॉट कहते हैं। —————————— शुभांशु को और पढ़िए… शुभांशु पृथ्वी पर लौटे तो लखनऊ में मां रो पड़ीं:पति के कंधे पर सिर रखा; पिता बोले- अब बेटे को सामने से देखना चाहता हूं शुभांशु शुक्ला सहित चार एस्ट्रोनॉट 20 दिन अंतरिक्ष यात्रा के बाद पृथ्वी पर लौट आए हैं। शुभांशु के सकुशल लौटने पर उनका परिवार बेहद खुश है। लखनऊ के सीएमएस स्कूल में माता-पिता ने बेटे की लाइव लैंडिंग देखी। (पूरी खबर पढ़िए) ————————– एस्ट्रोनॉट बेटा अंतरिक्ष को रवाना हुआ तो मां रो पड़ीं:लखनऊ में शुभांशु के स्कूल से मां-पिता ने लाइव देखा; लॉन्चिंग के बाद भांगड़ा किया लखनऊ के शुभांशु शुक्ला एक्सिओम मिशन-4 के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी ISS पर रवाना हो गए। उनके साथ तीन अन्य एस्ट्रोनॉट भी स्पेस स्टेशन जा रहे हैं। शुभांशु को LDA की CMS ब्रांच से लोगों ने स्पेस स्टेशन में जाते हुए देखा। मिशन लॉन्चिंग का लाइव टेलीकास्ट देखने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। (पूरी खबर पढ़िए)