वाराणसी एयरपोर्ट पर गुरुवार रात बेंगलुरु जाने के लिए फ्लाइट तैयार थी। इसी दौरान एक यात्री ने इमरजेंसी गेट की हैंडल का कवर खोल दिया। इससे क्रू मेंबर घबरा गए। विमान को रनवे से वापस एप्रन पर लाना पड़ा। इस दौरान एक घंटे की देरी से उड़ान भर सकी। अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट QP-1491 मुंबई से वाराणसी पहुंची। वही फ्लाइट QP-1424 बनकर रात 7.55 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होने वाली थी। फ्लाइट को एप्रन से पुशबैक कर रनवे की ओर बढ़ाया गया। इसी बीच सुल्तानपुर के रहने वाले पैसेंजर अजय तिवारी ने अचानक इमरजेंसी गेट के हैंडल की कवर खोल दी। फूलपुर पुलिस ने पैसेंजर को हिरासत में लिया
क्रू मेंबर ने तुरंत पायलट को सूचना दी। पायलट ने ATC यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। फ्लाइट को वापस रनवे पर लाया गया। सुरक्षा नियमों के तहत पैसेंजर को तत्काल फ्लाइट से उतार दिया गया। एयरपोर्ट सुरक्षा बल और एयरलाइन पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद सभी जांच और सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक घंटे की देरी से 8.55 बजे फ्लाइट बेंगलुरु के लिए उड़ान भर सकी। एयरपोर्ट प्रशासन ने फूलपुर थाने को सूचना दी। फूलपुर पुलिस ने पैसेंजर अजय तिवारी को हिरासत में लिया। एयरपोर्ट प्रशासन की तहरीर पर पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस बोली- पैसेंजर ने गलती से गेट खोला
फूलपुर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया- आरोपी अजय तिवारी से पूछताछ की जा रही है। बेंगलुरु में वह प्राइवेट नौकरी करता है। अभी तक की पूछताछ में उसने बताया कि गेट के पास कुछ इंस्ट्रक्शन लिखे थे। उसी को पढ़ते-पढ़ते गलती से खोल दिया था। शांतिभंग में चालान किया जा रहा है। यात्री की सीट इमरजेंसी गेट के पास थी
अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट QP-1491 में अजय तिवारी सीट नंबर 16ए पर बैठा था। उनकी सीट इमरजेंसी गेट के पास थी। आसपास के यात्रियों ने क्रू मेंबर को बताया कि फ्लाइट में बैठते ही यात्री इधर-उधर हरकतें कर रहा था। इसी बीच वह इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ करने लगा। प्लेन के इमरजेंसी गेट का कवर खुलते ही यात्री, पायलट्स और क्रू मेंबर घबरा गए। क्रू मेंबर में से एक ने तुरंत एक्शन लेते हुए कवर को दोबारा लगाया और पैसेंजर को फ्लाइट से उतारा। इमरजेंसी गेट का कवर खुलने से गेट खुलने का खतरा
सेफ्टी एक्सपर्ट के मुताबिक, इमरजेंसी गेट के हैंडल पर एक कवर होता है जो उसे केबिन के दबाव या किसी और वजह से खुलने से बचाता है। अगर कवर हटा दिया जाता है, तो हैंडल खुला रहता है। ऐसे में प्लेन की लैंडिग के दौरान इमरजेंसी गेट खुल सकता है। इससे प्लेन को खतरा हो सकता है। इमरजेंसी गेट का कवर ऐसा है कि वो गलती से नहीं खुल सकता है। उसे जानबूझकर ही खोला या निकाला जा सकता है। उसे बाहर निकालना पड़ता है। इसके लिए आपको जोर लगाना पड़ता है। ————————- ये खबर भी पढ़िए- ऐशन्या बोलीं- आंखों के सामने पति को मारा…दृश्य भूलता नहीं: प्रेमानंद महाराज का जवाब- हर इंसान की उम्र निश्चित, काल ऐसे संयोग बना देता है पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिवार ने मथुरा में प्रेमानंदजी महाराज से मुलाकात की। इस दौरान शुभम की पत्नी ऐशन्या ने कहा- महाराज मेरे पति को आंखों के सामने मार दिया गया। मैं उस दृश्य को भूल नहीं पा रही हूं। इस पर प्रेमानंद महाराज ने ऐशन्या को समझाया। कहा- भगवान का नियम निश्चित होता है। जिसका जब समय तय होता है, वो उतना ही रहता है। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी एयरपोर्ट पर गुरुवार रात बेंगलुरु जाने के लिए फ्लाइट तैयार थी। इसी दौरान एक यात्री ने इमरजेंसी गेट की हैंडल का कवर खोल दिया। इससे क्रू मेंबर घबरा गए। विमान को रनवे से वापस एप्रन पर लाना पड़ा। इस दौरान एक घंटे की देरी से उड़ान भर सकी। अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट QP-1491 मुंबई से वाराणसी पहुंची। वही फ्लाइट QP-1424 बनकर रात 7.55 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होने वाली थी। फ्लाइट को एप्रन से पुशबैक कर रनवे की ओर बढ़ाया गया। इसी बीच सुल्तानपुर के रहने वाले पैसेंजर अजय तिवारी ने अचानक इमरजेंसी गेट के हैंडल की कवर खोल दी। फूलपुर पुलिस ने पैसेंजर को हिरासत में लिया
क्रू मेंबर ने तुरंत पायलट को सूचना दी। पायलट ने ATC यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। फ्लाइट को वापस रनवे पर लाया गया। सुरक्षा नियमों के तहत पैसेंजर को तत्काल फ्लाइट से उतार दिया गया। एयरपोर्ट सुरक्षा बल और एयरलाइन पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद सभी जांच और सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक घंटे की देरी से 8.55 बजे फ्लाइट बेंगलुरु के लिए उड़ान भर सकी। एयरपोर्ट प्रशासन ने फूलपुर थाने को सूचना दी। फूलपुर पुलिस ने पैसेंजर अजय तिवारी को हिरासत में लिया। एयरपोर्ट प्रशासन की तहरीर पर पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस बोली- पैसेंजर ने गलती से गेट खोला
फूलपुर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया- आरोपी अजय तिवारी से पूछताछ की जा रही है। बेंगलुरु में वह प्राइवेट नौकरी करता है। अभी तक की पूछताछ में उसने बताया कि गेट के पास कुछ इंस्ट्रक्शन लिखे थे। उसी को पढ़ते-पढ़ते गलती से खोल दिया था। शांतिभंग में चालान किया जा रहा है। यात्री की सीट इमरजेंसी गेट के पास थी
अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट QP-1491 में अजय तिवारी सीट नंबर 16ए पर बैठा था। उनकी सीट इमरजेंसी गेट के पास थी। आसपास के यात्रियों ने क्रू मेंबर को बताया कि फ्लाइट में बैठते ही यात्री इधर-उधर हरकतें कर रहा था। इसी बीच वह इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ करने लगा। प्लेन के इमरजेंसी गेट का कवर खुलते ही यात्री, पायलट्स और क्रू मेंबर घबरा गए। क्रू मेंबर में से एक ने तुरंत एक्शन लेते हुए कवर को दोबारा लगाया और पैसेंजर को फ्लाइट से उतारा। इमरजेंसी गेट का कवर खुलने से गेट खुलने का खतरा
सेफ्टी एक्सपर्ट के मुताबिक, इमरजेंसी गेट के हैंडल पर एक कवर होता है जो उसे केबिन के दबाव या किसी और वजह से खुलने से बचाता है। अगर कवर हटा दिया जाता है, तो हैंडल खुला रहता है। ऐसे में प्लेन की लैंडिग के दौरान इमरजेंसी गेट खुल सकता है। इससे प्लेन को खतरा हो सकता है। इमरजेंसी गेट का कवर ऐसा है कि वो गलती से नहीं खुल सकता है। उसे जानबूझकर ही खोला या निकाला जा सकता है। उसे बाहर निकालना पड़ता है। इसके लिए आपको जोर लगाना पड़ता है। ————————- ये खबर भी पढ़िए- ऐशन्या बोलीं- आंखों के सामने पति को मारा…दृश्य भूलता नहीं: प्रेमानंद महाराज का जवाब- हर इंसान की उम्र निश्चित, काल ऐसे संयोग बना देता है पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिवार ने मथुरा में प्रेमानंदजी महाराज से मुलाकात की। इस दौरान शुभम की पत्नी ऐशन्या ने कहा- महाराज मेरे पति को आंखों के सामने मार दिया गया। मैं उस दृश्य को भूल नहीं पा रही हूं। इस पर प्रेमानंद महाराज ने ऐशन्या को समझाया। कहा- भगवान का नियम निश्चित होता है। जिसका जब समय तय होता है, वो उतना ही रहता है। पढ़ें पूरी खबर…