बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सेंट्रल हॉल में NDA की बैठक हुई। इसमें विधायकों के लिए लंच में मटन का इंतजाम किया गया था। सावन की दूसरी सोमवारी पर विधायकों के लिए ये व्यवस्था की गई थी। सावन महीने में मटन को विधायक देखते रहें। सबसे पहले मंत्री जमा खान ने मटन खाने की शुरुआत की। इस पार्टी में पत्रकार भी मौजूद थे। कहीं कोई फोटो ना ले ले इस डर से JDU के मंत्री अलग बैठकर मटन खाते दिखाई दिए। डिप्टी CM सम्राट चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने लंच में फलाहार लिया। NDA की बैठक में विधायकों के लिए लंच में मटन की व्यवस्था पर बिहार कांग्रेस प्रभारी अल्लावरु ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘कौन क्या खा रहा है, क्या नहीं खा रहा है, ये मुद्दा नहीं है। बिहार में असली मुद्दा ये है कि यहां कोई सुरक्षित नहीं है।’ ‘वो बकरा मारे मुर्गी मारे या मछली मारे, ये उनकी बात है। यहां दिनदहाड़े लोगों को मारा जा रहा है। साधारण हो या अमीर, सभी तरह के लोगों को टारगेट किया जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े है।’ ‘नीतीश कुमार सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री रह गए है। असली मुख्यमंत्री दिल्ली में बैठे नरेंद्र मोदी और अमित शाह है। जब से इन दोनों ने बिहार को संभालना शुरू किया है, तब से प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर और खराब हुआ है, क्राइम बढ़ा है।’ तेजस्वी और नीतीश में नमस्कार तक नहीं हुआ बिहार विधानसभा का मानसून सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में बिहार में गुंडाराज के नारे गूंजे। AIMIM के विधायक वेल में आ गए। विपक्षी विधायक पोस्टर दिखाने लगे। स्पीकर सभी को शांत रहने के लिए कहते रहे। सरकार की ओर से 57 हजार 946 करोड़ रुपए का पहला सप्लीमेंट्री बजट पेश किया गया। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया। सदन की कार्यवाही के दौरान CM नीतीश आए और अपनी सीट पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उनसे थोड़ी दूर पर ही बैठे थे। दोनों में बातचीत तो दूर नमस्कार तक नहीं हुआ। बढ़ते क्राइम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि ‘नीतीश कुमार इस्तीफा दें और अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाएं।’ विधानसभा परिसर में विपक्ष का हंगामा इधर, कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सदन नहीं चलने देने की बात की। विपक्षी विधायकों ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा कि ‘बिहार में अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी गई है। बिहार के लोग पलायन, बेरोजगारी से परेशान हैं। ऐसी परिस्थिति में सदन के चलने का कोई औचित्य बनता है क्या?’ ‘वो बजट पास करना चाहेंगे। राज्य और केंद्र सरकार, विपक्ष की बात सुनती ही नहीं है। ऐसे में विपक्ष जनता के सवालों को लेकर घेराव करेगा।’ वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि ‘सर्वदलीय बैठक में हम लोगों ने दो मांग रखी थी कि लॉ एंड ऑर्डर और SIR के सवाल पर सरकार जवाब दे। सरकार इस पर तैयार नहीं हुई। इसलिए हम लोग सदन को चलने नहीं देंगे और जरूरत पड़ी तो सत्ता पक्ष के लोगों को भी सदन में जाने से रोकेंगे।’ कांग्रेस ने नकली दवा के मामले में मंत्री जीवेश मिश्रा का इस्तीफा मांगा। विधानसभा चुनाव से पहले का ये आखिरी सत्र है, जो 25 जुलाई तक चलेगा। विपक्ष के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें…. तेजस्वी बोले- SIR पर चर्चा हो, सरकार को जवाब देना होगा तेजस्वी यादव ने कहा-‘ हमारी गठबंधन दल की बैठक हुई है। हम वोटर वेरिफिकेशन पर सदन में चर्चा कराने की मांग करते हैं। बिहार लोकतंत्र की जननी है, यहां से लोकतंत्र को समाप्त करने का काम नहीं किया जाएगा, तो हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। हर जगह हमारे गरीबों को वोट के अधिकार से वंचित ना किया जाए, उनका अस्तित्व ना मिटाया जाए इसलिए हम यह लड़ाई लड़ेंगे।’ ‘संसद में भी इंडी गठबंधन सरकार को घेर रही है। चर्चा के लिए अगर बिहार सरकार नहीं मानेगी तो आनेवाले समय में इनका जवाब देना मुश्किल होगा। बिहार में कल बहुत मजबूत तरीके से विपक्ष इस मुद्दे को उठाने जा रहा है।’ नहीं पहुंचे तेजप्रताप यादव तेजप्रताप यादव मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा नहीं पहुंचे। बता दें कि लालू प्रसाद ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। हालांकि लेकिन अब तक विधान सभा अध्यक्ष को इस बारे में लिखकर नहीं दिया है। दूसरी तरफ तेजप्रताप यादव अपनी गतिविधियों से बता रहे हैं कि वो महुआ या हसनपुर से चुनाव जरूर लड़ेंगे। अभी वो हसनपुर से RJD के विधायक हैं। 24 जुलाई को सप्लीमेंट्री बजट चर्चा विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 जुलाई को राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे और अलग-अलग राजकीय कार्य होंगे। 24 जुलाई को अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान के बाद विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। अंतिम दिन 25 जुलाई को गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। बिहार विधान परिषद में भी चालू वित्तीय वर्ष के लिए सप्लीमेंट्री बजट पेश किया जाएगा। पांच दिनों के सत्र में विधायक और पार्षदों के सवालों के जवाब भी सरकार के मंत्रियों की ओर से दिए जाएंगे। सावन में ललन सिंह के कार्यक्रम में मटन-भात की पार्टी 16 जुलाई को लखीसराय में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सावन महीने में कार्यकर्ताओं के लिए मटन पार्टी रखी थी। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मंच से मुस्कुराते हुए कहा था कि, भोजन का बढ़िया इंतजाम है। जो सावन मनाता है। उसके लिए भी इंतजाम है और जो नहीं मनाता है। उसके लिए भी इंतजाम किया गया है। ललन सिंह के साथ ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे। मटन-पार्टी की 3 तस्वीरें देखिए विधानसभा के मानसूत्र सत्र से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सेंट्रल हॉल में NDA की बैठक हुई। इसमें विधायकों के लिए लंच में मटन का इंतजाम किया गया था। सावन की दूसरी सोमवारी पर विधायकों के लिए ये व्यवस्था की गई थी। सावन महीने में मटन को विधायक देखते रहें। सबसे पहले मंत्री जमा खान ने मटन खाने की शुरुआत की। इस पार्टी में पत्रकार भी मौजूद थे। कहीं कोई फोटो ना ले ले इस डर से JDU के मंत्री अलग बैठकर मटन खाते दिखाई दिए। डिप्टी CM सम्राट चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने लंच में फलाहार लिया। NDA की बैठक में विधायकों के लिए लंच में मटन की व्यवस्था पर बिहार कांग्रेस प्रभारी अल्लावरु ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘कौन क्या खा रहा है, क्या नहीं खा रहा है, ये मुद्दा नहीं है। बिहार में असली मुद्दा ये है कि यहां कोई सुरक्षित नहीं है।’ ‘वो बकरा मारे मुर्गी मारे या मछली मारे, ये उनकी बात है। यहां दिनदहाड़े लोगों को मारा जा रहा है। साधारण हो या अमीर, सभी तरह के लोगों को टारगेट किया जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े है।’ ‘नीतीश कुमार सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री रह गए है। असली मुख्यमंत्री दिल्ली में बैठे नरेंद्र मोदी और अमित शाह है। जब से इन दोनों ने बिहार को संभालना शुरू किया है, तब से प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर और खराब हुआ है, क्राइम बढ़ा है।’ तेजस्वी और नीतीश में नमस्कार तक नहीं हुआ बिहार विधानसभा का मानसून सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में बिहार में गुंडाराज के नारे गूंजे। AIMIM के विधायक वेल में आ गए। विपक्षी विधायक पोस्टर दिखाने लगे। स्पीकर सभी को शांत रहने के लिए कहते रहे। सरकार की ओर से 57 हजार 946 करोड़ रुपए का पहला सप्लीमेंट्री बजट पेश किया गया। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया। सदन की कार्यवाही के दौरान CM नीतीश आए और अपनी सीट पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उनसे थोड़ी दूर पर ही बैठे थे। दोनों में बातचीत तो दूर नमस्कार तक नहीं हुआ। बढ़ते क्राइम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि ‘नीतीश कुमार इस्तीफा दें और अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाएं।’ विधानसभा परिसर में विपक्ष का हंगामा इधर, कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सदन नहीं चलने देने की बात की। विपक्षी विधायकों ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा कि ‘बिहार में अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी गई है। बिहार के लोग पलायन, बेरोजगारी से परेशान हैं। ऐसी परिस्थिति में सदन के चलने का कोई औचित्य बनता है क्या?’ ‘वो बजट पास करना चाहेंगे। राज्य और केंद्र सरकार, विपक्ष की बात सुनती ही नहीं है। ऐसे में विपक्ष जनता के सवालों को लेकर घेराव करेगा।’ वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि ‘सर्वदलीय बैठक में हम लोगों ने दो मांग रखी थी कि लॉ एंड ऑर्डर और SIR के सवाल पर सरकार जवाब दे। सरकार इस पर तैयार नहीं हुई। इसलिए हम लोग सदन को चलने नहीं देंगे और जरूरत पड़ी तो सत्ता पक्ष के लोगों को भी सदन में जाने से रोकेंगे।’ कांग्रेस ने नकली दवा के मामले में मंत्री जीवेश मिश्रा का इस्तीफा मांगा। विधानसभा चुनाव से पहले का ये आखिरी सत्र है, जो 25 जुलाई तक चलेगा। विपक्ष के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें…. तेजस्वी बोले- SIR पर चर्चा हो, सरकार को जवाब देना होगा तेजस्वी यादव ने कहा-‘ हमारी गठबंधन दल की बैठक हुई है। हम वोटर वेरिफिकेशन पर सदन में चर्चा कराने की मांग करते हैं। बिहार लोकतंत्र की जननी है, यहां से लोकतंत्र को समाप्त करने का काम नहीं किया जाएगा, तो हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। हर जगह हमारे गरीबों को वोट के अधिकार से वंचित ना किया जाए, उनका अस्तित्व ना मिटाया जाए इसलिए हम यह लड़ाई लड़ेंगे।’ ‘संसद में भी इंडी गठबंधन सरकार को घेर रही है। चर्चा के लिए अगर बिहार सरकार नहीं मानेगी तो आनेवाले समय में इनका जवाब देना मुश्किल होगा। बिहार में कल बहुत मजबूत तरीके से विपक्ष इस मुद्दे को उठाने जा रहा है।’ नहीं पहुंचे तेजप्रताप यादव तेजप्रताप यादव मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा नहीं पहुंचे। बता दें कि लालू प्रसाद ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। हालांकि लेकिन अब तक विधान सभा अध्यक्ष को इस बारे में लिखकर नहीं दिया है। दूसरी तरफ तेजप्रताप यादव अपनी गतिविधियों से बता रहे हैं कि वो महुआ या हसनपुर से चुनाव जरूर लड़ेंगे। अभी वो हसनपुर से RJD के विधायक हैं। 24 जुलाई को सप्लीमेंट्री बजट चर्चा विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 जुलाई को राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे और अलग-अलग राजकीय कार्य होंगे। 24 जुलाई को अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान के बाद विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। अंतिम दिन 25 जुलाई को गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। बिहार विधान परिषद में भी चालू वित्तीय वर्ष के लिए सप्लीमेंट्री बजट पेश किया जाएगा। पांच दिनों के सत्र में विधायक और पार्षदों के सवालों के जवाब भी सरकार के मंत्रियों की ओर से दिए जाएंगे। सावन में ललन सिंह के कार्यक्रम में मटन-भात की पार्टी 16 जुलाई को लखीसराय में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सावन महीने में कार्यकर्ताओं के लिए मटन पार्टी रखी थी। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मंच से मुस्कुराते हुए कहा था कि, भोजन का बढ़िया इंतजाम है। जो सावन मनाता है। उसके लिए भी इंतजाम है और जो नहीं मनाता है। उसके लिए भी इंतजाम किया गया है। ललन सिंह के साथ ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे। मटन-पार्टी की 3 तस्वीरें देखिए विधानसभा के मानसूत्र सत्र से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…