पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के UBS में पढ़ा रहीं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा गुलाटी को पंजाब शिक्षा विभाग की ओर से 12वीं कक्षा के हुनर शिक्षा स्कूलों का सिलेबस सुधारने और अंतिम रूप देने की ज़िम्मेदारी दी गई है। डॉ. गुलाटी शिक्षा के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम हैं। उन्हें 22 साल का टीचिंग अनुभव है। वो अब तक देशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में 150 से ज्यादा एक्सटेंशन लेक्चर दे चुकी हैं। ये लेक्चर उन्होंने चंडीगढ़, शिमला, पुणे, इंदौर, जम्मू, देहरादून, गुवाहाटी, राजकोट, नैनीताल समेत कई शहरों में दिए हैं। उन्होंने 3 किताबें भी लिखी हैं और ‘एंड-नोट सीरीज’ और ‘वेब ऑफ साइंस सीरीज’ की ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। उन्हें यूजीसी की ओर से देशभर के टीचर्स को ट्रेनिंग देने के लिए भी चुना गया है। साल 2018 में उन्हें पढ़ाई और रिसर्च के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है, और MCA में गोल्ड मेडल भी हासिल कर चुकी हैं। शिक्षा मंत्रालय ने रिसोर्स पर्सन’ चुना डॉ. गुलाटी ने बताया उन्हें शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी के टीचरों को ट्रेनिंग देने के लिए ‘रिसोर्स पर्सन’ चुना था। ये ट्रेनिंग नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत ‘सूचना और संचार तकनीक’ (Information and Communication Technology) के टॉपिक पर देती थी। शिक्षा मंत्रालय 5 सितंबर 2023 को टीचर्स डे के मौके पर मदन मोहन मालवीय मिशन के तहत ये ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया। इसके लिए देशभर से 110 संस्थानों को मालवीय मिशन सेंटर बनाया गया है। इस प्रोग्राम का मकसद टीचरों की काबिलियत बढ़ाना और शिक्षा की क्वालिटी को सुधारना था।
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के UBS में पढ़ा रहीं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा गुलाटी को पंजाब शिक्षा विभाग की ओर से 12वीं कक्षा के हुनर शिक्षा स्कूलों का सिलेबस सुधारने और अंतिम रूप देने की ज़िम्मेदारी दी गई है। डॉ. गुलाटी शिक्षा के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम हैं। उन्हें 22 साल का टीचिंग अनुभव है। वो अब तक देशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में 150 से ज्यादा एक्सटेंशन लेक्चर दे चुकी हैं। ये लेक्चर उन्होंने चंडीगढ़, शिमला, पुणे, इंदौर, जम्मू, देहरादून, गुवाहाटी, राजकोट, नैनीताल समेत कई शहरों में दिए हैं। उन्होंने 3 किताबें भी लिखी हैं और ‘एंड-नोट सीरीज’ और ‘वेब ऑफ साइंस सीरीज’ की ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। उन्हें यूजीसी की ओर से देशभर के टीचर्स को ट्रेनिंग देने के लिए भी चुना गया है। साल 2018 में उन्हें पढ़ाई और रिसर्च के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है, और MCA में गोल्ड मेडल भी हासिल कर चुकी हैं। शिक्षा मंत्रालय ने रिसोर्स पर्सन’ चुना डॉ. गुलाटी ने बताया उन्हें शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी के टीचरों को ट्रेनिंग देने के लिए ‘रिसोर्स पर्सन’ चुना था। ये ट्रेनिंग नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत ‘सूचना और संचार तकनीक’ (Information and Communication Technology) के टॉपिक पर देती थी। शिक्षा मंत्रालय 5 सितंबर 2023 को टीचर्स डे के मौके पर मदन मोहन मालवीय मिशन के तहत ये ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया। इसके लिए देशभर से 110 संस्थानों को मालवीय मिशन सेंटर बनाया गया है। इस प्रोग्राम का मकसद टीचरों की काबिलियत बढ़ाना और शिक्षा की क्वालिटी को सुधारना था।