पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज चौथा व आखिरी दिन है। इसमें CM भगवंत मान की ओर से सोमवार (14 जुलाई) को पेश किए धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर बिल पर बहस हुई। हालांकि, बहस के बाद इसे पास नहीं किया गया, बल्कि CM मान के प्रस्ताव पर इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया। अब सेलेक्ट कमेटी इस बिल पर काम करते हुए सभी धार्मिक संस्थाओं और लोगों से राय लेगी। इसके लिए 6 महीने का समय तय किया गया है। इसके बाद इस बिल को दोबारा विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में चारों धर्मों के ग्रंथों की बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। वहीं, बिल पर CM भगवंत मान ने कहा कि इसे नमोशी (अपमान या बदनामी) वाला बिल न कहा जाए। यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। बहस के दौरान नेताओं के बयान… बहस से पहले अरदास हुई
बहस से पहले विधानसभा में अरदास की गई। बहस के लिए 2 घंटे का टाइम रखा गया था। इसमें कांग्रेस को 16 मिनट, AAP को 1 घंटा 35 मिनट, अकाली दल के लिए 3 मिनट, बीजेपी को 2, बसपा को 2 मिनट व निर्दलीय के लिए 2 मिनट का टाइम दिया गया। हालांकि, साढ़े 12 बजे समय पूरा होने के बाद भी बिल पर बहस जारी रही। बता दें कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के पास 117 में से 93 MLA हैं। इस लिहाज से इस बिल का पास होना तय है, लेकिन यह कानून तभी बनेगा, जब राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलेगी। विधानसभा में बहस के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज चौथा व आखिरी दिन है। इसमें CM भगवंत मान की ओर से सोमवार (14 जुलाई) को पेश किए धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर बिल पर बहस हुई। हालांकि, बहस के बाद इसे पास नहीं किया गया, बल्कि CM मान के प्रस्ताव पर इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया। अब सेलेक्ट कमेटी इस बिल पर काम करते हुए सभी धार्मिक संस्थाओं और लोगों से राय लेगी। इसके लिए 6 महीने का समय तय किया गया है। इसके बाद इस बिल को दोबारा विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में चारों धर्मों के ग्रंथों की बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। वहीं, बिल पर CM भगवंत मान ने कहा कि इसे नमोशी (अपमान या बदनामी) वाला बिल न कहा जाए। यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। बहस के दौरान नेताओं के बयान… बहस से पहले अरदास हुई
बहस से पहले विधानसभा में अरदास की गई। बहस के लिए 2 घंटे का टाइम रखा गया था। इसमें कांग्रेस को 16 मिनट, AAP को 1 घंटा 35 मिनट, अकाली दल के लिए 3 मिनट, बीजेपी को 2, बसपा को 2 मिनट व निर्दलीय के लिए 2 मिनट का टाइम दिया गया। हालांकि, साढ़े 12 बजे समय पूरा होने के बाद भी बिल पर बहस जारी रही। बता दें कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के पास 117 में से 93 MLA हैं। इस लिहाज से इस बिल का पास होना तय है, लेकिन यह कानून तभी बनेगा, जब राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलेगी। विधानसभा में बहस के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…