बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जमीन विवाद को लेकर बिल्डर अशोक साह ने शूटर उमेश से खेमका की हत्या करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ‘मर्डर की डील 4 लाख में हुई थी। हत्या के तीसरे दिन उमेश ने अपने बच्चों की 45 हजार रुपए फीस भरी। वो बेटे की फीस जमाकर स्कूल से लौट रहा था, तभी उसे अरेस्ट कर लिया।’ पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि उमेश का नाम पटना की अपराध की दुनिया में नहीं था। अशोक साह ये बात अच्छी तरह जानता था। इसलिए उसने उमेश को मर्डर की सुपारी दी। अशोक को यकीन था कि मर्डर का शक उमेश पर नहीं जाएगा। वो ओवर कॉन्फिडेंट था। इसलिए मर्डर करवाने के बाद भी वो अपने उदयगिरी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 601 में आराम से बैठा रहा। पुलिस ने उमेश को गिरफ्तार किया तो उसने अशोक साह का पता बताया।पढ़िए गोपाल खेमका हत्याकांड के शूटर उमेश की पूरी कहानी… केबल ऑपरेटर से शूटर बना उमेश उमेश यादव पटना सिटी में मालसलामी थाना के तहत जलकद्दर बाग का रहने वाला है। 3 भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई शैलेश यादव है, जो झारखंड में पेंटर है। दूसरा भाई रमेश यादव एक प्रेस में काम करता है। तीसरे नंबर पर उमेश यादव है। उमेश पहले दो तरह का काम करता था। एक केबल ऑपरेटर के तौर पर दूसरा बिजली कटने पर अपने इलाके में जनरेटर चलवाता था, लेकिन मुनाफा नहीं होने की वजह से दोनों काम बंद हो गया था। उमेश के परिवार में पत्नी और 2 बच्चे हैं। काफी समय से वो आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उमेश बेटे की फीस नहीं चुका पा रहा था। घर में पैसों को लेकर तनाव चल रहा था। इसी वजह से वो झटपट घटना को अंजाम देने के लिए तैयार हो गया। अशोक साह और उमेश की मुलाकात डेढ़ साल पहले बिहारशरीफ में एक शादी समारोह में हुई थी। तब से उमेश अशोक के छोटे मोटे काम में मदद किया करता था। इस दौरान ही दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ गया था। उमेश तक कैसे पहुंची पुलिस 4 जुलाई की रात गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का CCTV भी सामने आया। इसमें शूटर हेलमेट लगाए साफ दिख रहा है। पुलिस के लिए उमेश की कद काठी बड़े क्लू के तौर पर केस को सॉल्व करने में काम कर गई। इसके साथ ही जिस गाड़ी से उसने वारदात को अंजाम दिया था, पुलिस उसे ट्रेस करते हुए उसके घर तक पहुंची। ऐसे उमेश ने खेमका की हत्या की, 4 तस्वीरें… हत्या के बाद उमेश अपने घर चला गया दरअसल, पुलिस ने उमेश की कद काठी पर गौर किया। उसके बाद क्रिमिनल्स की लिस्ट में उसके जैसे हट्टे कट्टे बदमाश की तलाश करने लगी। दूसरी और पुलिस मर्डर कर अपराधी जिस रास्ते भागे था, वहां की CCTV खंगालने लगी। पुलिस को CCTV से एक बड़ा क्लू मिला। खेमका की हत्या करने के बाद उमेश बाइक से जेपी गोलंबर, एसपी वर्मा रोड, जमाल रोड, चिरैयाटांड पुल, पुराना बाइपास होते हुए मालसलामी स्थित घर पहुंचा था। पुलिस अब तक शूटर के बारे में बहुत कुछ पता कर चुकी थी। मसलन वो जान गई थी कि शूटर मालसलामी इलाके का ही रहने वाला है। जांच तेजी से आगे बढ़ रही थी। पुलिस को शूटर उमेश की बाइक भी मिल गई, लेकिन उसने उसका नंबर बदल रखा था। मालसलामी इलाके में पुलिस ने अपने इनफॉर्मर्स को एक्टिव किया और शूटर की कद काठी बताई, लोकल नेटवर्क ने उमेश की पहचान कर ली। अब उमेश और विकास का कनेक्शन समझिए बिल्डर अशोक साह ने गोपाल खेमका की हत्या की सुपारी उमेश को दी थी। 4 लाख में हत्या की डील हुई थी। उमेश ने सोचा मर्डर का ठेका मालसलामी के ही रहने वाले विकास को दे दिया जाए। उमेश ने विकास से मर्डर करने की बात की, लेकिन विकास ने इसके लिए 4 लाख की डिमांड की दी। यहीं दोनों की बात बिगड़ गई। उमेश ने सोचा क्यों न खुद ही मर्डर कर सुपारी के पूरे पैसे रख लिया जाएं। इसके बाद बिल्डर अशोक साह उमेश को पिस्टल और हथियार मुहैया करवाया। साथ ही गोपाल खेमका की फोटो और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिया। उमेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मंगलवार की रात करीब 2.45 बजे पुलिस विकास के घर पहुंची। पुलिस को देखते ही विकास ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, जिसमें विकास मारा गया। एनकाउंटर की 3 तस्वीरें देखिए… डेढ़ महीने पहले रची साजिश, उमेश ने शुरू की रेकी गोपाल खेमका की हत्या से पहले उमेश ने गोपाल खेमका की रेकी शुरू की। उसने पाया कि गोपाल खेमका रोज शाम 8:00 बजे बांकीपुर क्लब जाते थे और रात 11:30 बजे खुद गाड़ी चला कर घर वापस लौटते थे। क्लब से निकलते समय अपने मित्र सुदेश सरीन को बाकरगंज मोड पर उतारकर घर जाते थे। उसके बाद उमेश ने तय किया कि जैसे ही गोपाल खेमका अपार्टमेंट की गेट पर पहुंचेंगे वो वारदात को अंजाम देगा और भाग निकलेगा। 4 जुलाई को उसने अपने प्लान के मुताबिक काम किया और वारदात को अंजाम देने के बाद वो स्कूटी से जमाल रोड होते हुए बाईपास थाने के रास्ते मालसलामी चला गया। ————– ये भी पढ़ें… ‘बेटा निर्दोष था, पूछताछ के लिए ले गए, मार डाला’:खेमका हत्याकांड में एनकाउंटर में ढेर विकास की मां बोली- पिता के इलाज के लिए आया था बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 4 बजे एक आरोपी विकास उर्फ राजा का एनकाउंटर कर दिया है। पुलिस का दावा है कि शूटर उमेश ने गोपाल खेमका के मर्डर की सुपारी पहले विकास को ही दी थी, लेकिन विकास ने इसके लिए ज्यादा पैसे मांगे थे। इसके बाद उमेश ने खुद ही गोपाल खेमका के मर्डर की प्लानिंग कर ली। पूरी खबर पढ़िए
बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जमीन विवाद को लेकर बिल्डर अशोक साह ने शूटर उमेश से खेमका की हत्या करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ‘मर्डर की डील 4 लाख में हुई थी। हत्या के तीसरे दिन उमेश ने अपने बच्चों की 45 हजार रुपए फीस भरी। वो बेटे की फीस जमाकर स्कूल से लौट रहा था, तभी उसे अरेस्ट कर लिया।’ पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि उमेश का नाम पटना की अपराध की दुनिया में नहीं था। अशोक साह ये बात अच्छी तरह जानता था। इसलिए उसने उमेश को मर्डर की सुपारी दी। अशोक को यकीन था कि मर्डर का शक उमेश पर नहीं जाएगा। वो ओवर कॉन्फिडेंट था। इसलिए मर्डर करवाने के बाद भी वो अपने उदयगिरी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 601 में आराम से बैठा रहा। पुलिस ने उमेश को गिरफ्तार किया तो उसने अशोक साह का पता बताया।पढ़िए गोपाल खेमका हत्याकांड के शूटर उमेश की पूरी कहानी… केबल ऑपरेटर से शूटर बना उमेश उमेश यादव पटना सिटी में मालसलामी थाना के तहत जलकद्दर बाग का रहने वाला है। 3 भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई शैलेश यादव है, जो झारखंड में पेंटर है। दूसरा भाई रमेश यादव एक प्रेस में काम करता है। तीसरे नंबर पर उमेश यादव है। उमेश पहले दो तरह का काम करता था। एक केबल ऑपरेटर के तौर पर दूसरा बिजली कटने पर अपने इलाके में जनरेटर चलवाता था, लेकिन मुनाफा नहीं होने की वजह से दोनों काम बंद हो गया था। उमेश के परिवार में पत्नी और 2 बच्चे हैं। काफी समय से वो आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उमेश बेटे की फीस नहीं चुका पा रहा था। घर में पैसों को लेकर तनाव चल रहा था। इसी वजह से वो झटपट घटना को अंजाम देने के लिए तैयार हो गया। अशोक साह और उमेश की मुलाकात डेढ़ साल पहले बिहारशरीफ में एक शादी समारोह में हुई थी। तब से उमेश अशोक के छोटे मोटे काम में मदद किया करता था। इस दौरान ही दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ गया था। उमेश तक कैसे पहुंची पुलिस 4 जुलाई की रात गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का CCTV भी सामने आया। इसमें शूटर हेलमेट लगाए साफ दिख रहा है। पुलिस के लिए उमेश की कद काठी बड़े क्लू के तौर पर केस को सॉल्व करने में काम कर गई। इसके साथ ही जिस गाड़ी से उसने वारदात को अंजाम दिया था, पुलिस उसे ट्रेस करते हुए उसके घर तक पहुंची। ऐसे उमेश ने खेमका की हत्या की, 4 तस्वीरें… हत्या के बाद उमेश अपने घर चला गया दरअसल, पुलिस ने उमेश की कद काठी पर गौर किया। उसके बाद क्रिमिनल्स की लिस्ट में उसके जैसे हट्टे कट्टे बदमाश की तलाश करने लगी। दूसरी और पुलिस मर्डर कर अपराधी जिस रास्ते भागे था, वहां की CCTV खंगालने लगी। पुलिस को CCTV से एक बड़ा क्लू मिला। खेमका की हत्या करने के बाद उमेश बाइक से जेपी गोलंबर, एसपी वर्मा रोड, जमाल रोड, चिरैयाटांड पुल, पुराना बाइपास होते हुए मालसलामी स्थित घर पहुंचा था। पुलिस अब तक शूटर के बारे में बहुत कुछ पता कर चुकी थी। मसलन वो जान गई थी कि शूटर मालसलामी इलाके का ही रहने वाला है। जांच तेजी से आगे बढ़ रही थी। पुलिस को शूटर उमेश की बाइक भी मिल गई, लेकिन उसने उसका नंबर बदल रखा था। मालसलामी इलाके में पुलिस ने अपने इनफॉर्मर्स को एक्टिव किया और शूटर की कद काठी बताई, लोकल नेटवर्क ने उमेश की पहचान कर ली। अब उमेश और विकास का कनेक्शन समझिए बिल्डर अशोक साह ने गोपाल खेमका की हत्या की सुपारी उमेश को दी थी। 4 लाख में हत्या की डील हुई थी। उमेश ने सोचा मर्डर का ठेका मालसलामी के ही रहने वाले विकास को दे दिया जाए। उमेश ने विकास से मर्डर करने की बात की, लेकिन विकास ने इसके लिए 4 लाख की डिमांड की दी। यहीं दोनों की बात बिगड़ गई। उमेश ने सोचा क्यों न खुद ही मर्डर कर सुपारी के पूरे पैसे रख लिया जाएं। इसके बाद बिल्डर अशोक साह उमेश को पिस्टल और हथियार मुहैया करवाया। साथ ही गोपाल खेमका की फोटो और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिया। उमेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मंगलवार की रात करीब 2.45 बजे पुलिस विकास के घर पहुंची। पुलिस को देखते ही विकास ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, जिसमें विकास मारा गया। एनकाउंटर की 3 तस्वीरें देखिए… डेढ़ महीने पहले रची साजिश, उमेश ने शुरू की रेकी गोपाल खेमका की हत्या से पहले उमेश ने गोपाल खेमका की रेकी शुरू की। उसने पाया कि गोपाल खेमका रोज शाम 8:00 बजे बांकीपुर क्लब जाते थे और रात 11:30 बजे खुद गाड़ी चला कर घर वापस लौटते थे। क्लब से निकलते समय अपने मित्र सुदेश सरीन को बाकरगंज मोड पर उतारकर घर जाते थे। उसके बाद उमेश ने तय किया कि जैसे ही गोपाल खेमका अपार्टमेंट की गेट पर पहुंचेंगे वो वारदात को अंजाम देगा और भाग निकलेगा। 4 जुलाई को उसने अपने प्लान के मुताबिक काम किया और वारदात को अंजाम देने के बाद वो स्कूटी से जमाल रोड होते हुए बाईपास थाने के रास्ते मालसलामी चला गया। ————– ये भी पढ़ें… ‘बेटा निर्दोष था, पूछताछ के लिए ले गए, मार डाला’:खेमका हत्याकांड में एनकाउंटर में ढेर विकास की मां बोली- पिता के इलाज के लिए आया था बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 4 बजे एक आरोपी विकास उर्फ राजा का एनकाउंटर कर दिया है। पुलिस का दावा है कि शूटर उमेश ने गोपाल खेमका के मर्डर की सुपारी पहले विकास को ही दी थी, लेकिन विकास ने इसके लिए ज्यादा पैसे मांगे थे। इसके बाद उमेश ने खुद ही गोपाल खेमका के मर्डर की प्लानिंग कर ली। पूरी खबर पढ़िए