राजस्थान के चुरू में बुधवार को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जैट क्रैश में शहीद हुए हरियाणा के रोहतक के पायलट लोकेंद्र सिंह सिंधु (32) को आज (10 जुलाई) अंतिम विदाई दी जाएगी। दोपहर बाद करीब 3 बजे उनकी पार्थिव देह रोहतक पहुंचेगी। जहां सैन्य सम्मान से उनका शीला बाईपास चौक के पास स्थित रामबाग में अंतिम संस्कार किया जाएगा। लोकेंद्र एयरफोर्स में पायलट के तौर पर भर्ती हुए थे लेकिन अब स्क्वॉड्रन लीडर थे। लोकेंद्र के बड़े भाई ज्ञानेंद्र ने बताया कि लोकेंद्र बुधवार सुबह जगुआर जैट पर ट्रेनिंग के लिए निकले थे। इससे पहले उन्होंने सुबह 10 बजे पिता को फोन किया। उन्होंने फैमिली वॉट्सऐप ग्रुप में अपने बेटे के फोटो भी शेयर किए। उन्होंने अपने बेटे का चेहरा देखने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद परिवार ने उन्हें बेटे को दिखाया। 10 जून को ही लोकेंद्र के बेटे का जन्म हुआ था। 30 जून को लोकेंद्र ड्यूटी पर लौटे थे। लोकेंद्र और उनकी बहन अंशी एक ही पद पर तैनात थे, लेकिन बहन रिटायर हो चुकी हैं। जीजा अब भी विंग कमांडर हैं। शहीद के बड़े भाई ने हादसे और छोटे भाई को लेकर क्या कहा… 1992 में हुआ जन्म, 2025 में हुए शहीद
लोकेंद्र सिंधु का जन्म 9 नवंबर 1992 को जोगेंद्र सिंधु के घर हुआ। 2010 में 12वीं कक्षा पास करने के साथ ही एनडीए की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में परीक्षा पास करते हुए चयनित हो गया। 3 साल एनडीए की ट्रेनिंग की और एक साल बंगलौर में ट्रेनिंग करने के बाद 2015 में पायलट के तौर पर कमीशन प्राप्त हुआ। 2024 में ही लोकेंद्र की पोस्टिंग राजस्थान के सूरतगढ़ में हुई थी। शहीद की अंतिम विदाई से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
राजस्थान के चुरू में बुधवार को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जैट क्रैश में शहीद हुए हरियाणा के रोहतक के पायलट लोकेंद्र सिंह सिंधु (32) को आज (10 जुलाई) अंतिम विदाई दी जाएगी। दोपहर बाद करीब 3 बजे उनकी पार्थिव देह रोहतक पहुंचेगी। जहां सैन्य सम्मान से उनका शीला बाईपास चौक के पास स्थित रामबाग में अंतिम संस्कार किया जाएगा। लोकेंद्र एयरफोर्स में पायलट के तौर पर भर्ती हुए थे लेकिन अब स्क्वॉड्रन लीडर थे। लोकेंद्र के बड़े भाई ज्ञानेंद्र ने बताया कि लोकेंद्र बुधवार सुबह जगुआर जैट पर ट्रेनिंग के लिए निकले थे। इससे पहले उन्होंने सुबह 10 बजे पिता को फोन किया। उन्होंने फैमिली वॉट्सऐप ग्रुप में अपने बेटे के फोटो भी शेयर किए। उन्होंने अपने बेटे का चेहरा देखने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद परिवार ने उन्हें बेटे को दिखाया। 10 जून को ही लोकेंद्र के बेटे का जन्म हुआ था। 30 जून को लोकेंद्र ड्यूटी पर लौटे थे। लोकेंद्र और उनकी बहन अंशी एक ही पद पर तैनात थे, लेकिन बहन रिटायर हो चुकी हैं। जीजा अब भी विंग कमांडर हैं। शहीद के बड़े भाई ने हादसे और छोटे भाई को लेकर क्या कहा… 1992 में हुआ जन्म, 2025 में हुए शहीद
लोकेंद्र सिंधु का जन्म 9 नवंबर 1992 को जोगेंद्र सिंधु के घर हुआ। 2010 में 12वीं कक्षा पास करने के साथ ही एनडीए की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में परीक्षा पास करते हुए चयनित हो गया। 3 साल एनडीए की ट्रेनिंग की और एक साल बंगलौर में ट्रेनिंग करने के बाद 2015 में पायलट के तौर पर कमीशन प्राप्त हुआ। 2024 में ही लोकेंद्र की पोस्टिंग राजस्थान के सूरतगढ़ में हुई थी। शहीद की अंतिम विदाई से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…