बिहार में एक महिला की वोटर ID पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो छप गई। इसकी शिकायत की तो चुप रहने की हिदायत दी गई। वहीं एक दूसरी महिला ने अनोखा बिजनेस शुरू किया है, जिसमें सिर्फ कार में बैठने के लिए ₹3500/ हर घंटे मिल रहे हैं। बिहार के मधेपुरा में रहने वाली एक महिला की वोटर ID पर गलती से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो छप गई। इसके बाद 9 जुलाई को बिहार बंद के दौरान महिला का पति चंदन कुमार ID कार्ड लेकर मीडिया के पास पहुंचा। चंदन ने मीडिया को ID दिखाया, जिस पर नाम अभिलाषा कुमारी लिखा है, लेकिन तस्वीर CM नीतीश की लगी है। ऐसे में चंदन का कहना है, मैं पत्नी किसे मानूं, अभिलाषा को या नीतीश कुमार। चंदन ने इसे चुनाव आयोग की लापरवाही बताया है। शिकायत पर BLO ने चुप रहने की हिदायत दी चंदन कुमार ने बताया- इस गड़बड़ी को लेकर BLO (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) के पास गए तो उन्होंने चुप रहने की हिदायत दी। अब चंदन कुमार इस गलती के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क में इन दिनों 29 साल की सिडनी चार्लेट ने कार सिटिंग का बिजनेस शुरू किया है। सिडनी सिर्फ ₹3500 (50 डॉलर) में 60 से 90 मिनट तक गाड़ी की देखभाल करती हैं। ताकि आपको ऑल्टरनेट स्ट्रीट पार्किंग के दौरान ₹4500 (65 डॉलर) का जुर्माना या उठाए जाने का खतरा न झेलना पड़े। मार्केटिंग की नौकरी छूटी तो ‘कार सिटिंग’ का आइडिया आया दरअसल फरवरी 2025 में सिडनी चार्लेट की मार्केटिंग नौकरी चली गई । इसके बाद वो न्यूयॉर्क आईं, जहां घर का किराया चुकाना भी चुनौती बन गया। किराए की टेंशन के बीच सिडनी के दिमाग में ‘कार सिटिंग’ का एक अनोखा आइडिया आया। बता दें कि, न्यूयॉर्क में एक नियम है जिसे ऑल्टरनेट स्ट्रीट पार्किंग कहते हैं। इसके तहत हर हफ्ते ड्राइवर्स को अपनी गाड़ी सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ ले जानी पड़ती है, ताकि सड़क की सफाई हो सके। अगर आप ऐसा नहीं करते, तो या तो आपको ₹4500 का भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ता है या फिर आपकी गाड़ी को टो कर लिया जाता है। सिडनी ने इसी परेशानी को एक मौके में बदला और अब तक वह 20 से ज्यादा क्लाइंट्स की गाड़ियों की रखवाली कर चुकी हैं। बीते दिन एलन मस्क का AI चैटबॉट Grok ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एडोल्फ हिटलर की तारीफें करनी शुरू कर दीं। साथ ही यहूदियों के खिलाफ काफी हेट पोस्ट शेयर किया। इसके बाद एक्स ने एक्शन लेते हुए आपत्तिजनक कमेंट्स हटा दिए। फिलहाल के लिए Grok-AI का किसी भी पोस्ट पर टेक्स्ट रिप्लाई फीचर बंद कर दिया है। इस दौरान ‘मीका-हिटलर’ क्यों ट्रेंड हुआ?
दरअसल मीका-हिटलर शब्द 1992 में एक वीडियो गेम ‘वुल्फेंस्टीन 3डी’ से आया है। जहां इसे एडोल्फ हिटलर का रोबोटिक वर्जन दिखाया गया है। 8 जुलाई को Grok ने कई पोस्ट्स में इसी नाम को खुद से जोड़ लिया था। इसके बाद विरोध हुआ और प्लेटफॉर्म पर AI कंटेंट मॉडरेशन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। चैटबॉट ने हिटलर की तारीफ की
Grok ने कई जवाबों में हिटलर को ऐतिहासिक उदाहरण बताते हुए यहूदियों के खिलाफ उसकी सोच की तारीफ कर दी, जिससे सोशल मीडिया पर गुस्सा और बढ़ गया। Grok ने यह भी लिखा कि वह कई अनऑथेंटिक साइट्स से जानकारी लेता है, जो अक्सर नफरत फैलाने के लिए बदनाम हैं। कंपनी ने सफाई दी कि जैसे ही उन्हें इन आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी मिली, तुरंत हटा दी गईं और अब AI को दोबारा ट्रेन किया जा रहा है, ताकि आगे से ऐसी बातें न हों। एक्स AI ने कहा कि वह आगे से ऐसे कंटेंट पोस्ट होने से पहले ही रोकने के लिए नए कदम उठा रही है। दुनिया में बच्चों की सबसे पसंदीदा गुड़िया बार्बी अब और भी खास हो गई है। मशहूर खिलौना कंपनी मैटेल ने पहली बार एक ऐसी बार्बी डॉल लॉन्च की है, जो ‘टाइप 1 डायबिटीज’ से पीड़ित है। यह पहल उन लाखों बच्चों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, जो रोजाना इस बीमारी से जूझते हैं। मैटेल ने इस खास बार्बी को बनाने के लिए डायबिटीज पर काम करने वाली संस्था ‘ब्रेकथ्रू T1D’ के साथ पार्टनरशिप की है। इस डॉल को सिर्फ नाम के लिए डायबिटिक नहीं बनाया गया है। बल्कि इसमें बीमारी से जुड़ी चीजें भी हैं। एक इंसुलिन पंप, एक ग्लूकोज मॉनिटर, और तो और इमरजेंसी स्नैक्स के लिए एक छोटा बैग भी है। मैटेल की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट क्रिस्टा बर्जर ने कहा- बार्बी बच्चों की दुनिया को आकार देती है। इसलिए जब हम ऐसी मेडिकल कंडीशन्स (बीमारियों) को भी उनकी कहानियों का हिस्सा बनाते हैं, तो वे खुद को ज्यादा बेहतर समझ पाते हैं। क्या होती है ‘टाइप 1 डायबिटीज’?
‘टाइप 1 डायबिटीज’ एक लंबी चलने वाली और गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से पैंक्रियाज की उन सेल्स को खत्म कर देता है जो इंसुलिन बनाती हैं। इससे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है, जो ग्लूकोज को सेल्स में जाने और एनर्जी में बदलने में मदद करता है। यह बीमारी आमतौर पर बचपन में शुरू होती है। इससे पीड़ित बच्चों को हर दिन अपना ब्लड शुगर मॉनिटर करना और इंसुलिन लेना जरूरी होता है। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
बिहार में एक महिला की वोटर ID पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो छप गई। इसकी शिकायत की तो चुप रहने की हिदायत दी गई। वहीं एक दूसरी महिला ने अनोखा बिजनेस शुरू किया है, जिसमें सिर्फ कार में बैठने के लिए ₹3500/ हर घंटे मिल रहे हैं। बिहार के मधेपुरा में रहने वाली एक महिला की वोटर ID पर गलती से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो छप गई। इसके बाद 9 जुलाई को बिहार बंद के दौरान महिला का पति चंदन कुमार ID कार्ड लेकर मीडिया के पास पहुंचा। चंदन ने मीडिया को ID दिखाया, जिस पर नाम अभिलाषा कुमारी लिखा है, लेकिन तस्वीर CM नीतीश की लगी है। ऐसे में चंदन का कहना है, मैं पत्नी किसे मानूं, अभिलाषा को या नीतीश कुमार। चंदन ने इसे चुनाव आयोग की लापरवाही बताया है। शिकायत पर BLO ने चुप रहने की हिदायत दी चंदन कुमार ने बताया- इस गड़बड़ी को लेकर BLO (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) के पास गए तो उन्होंने चुप रहने की हिदायत दी। अब चंदन कुमार इस गलती के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क में इन दिनों 29 साल की सिडनी चार्लेट ने कार सिटिंग का बिजनेस शुरू किया है। सिडनी सिर्फ ₹3500 (50 डॉलर) में 60 से 90 मिनट तक गाड़ी की देखभाल करती हैं। ताकि आपको ऑल्टरनेट स्ट्रीट पार्किंग के दौरान ₹4500 (65 डॉलर) का जुर्माना या उठाए जाने का खतरा न झेलना पड़े। मार्केटिंग की नौकरी छूटी तो ‘कार सिटिंग’ का आइडिया आया दरअसल फरवरी 2025 में सिडनी चार्लेट की मार्केटिंग नौकरी चली गई । इसके बाद वो न्यूयॉर्क आईं, जहां घर का किराया चुकाना भी चुनौती बन गया। किराए की टेंशन के बीच सिडनी के दिमाग में ‘कार सिटिंग’ का एक अनोखा आइडिया आया। बता दें कि, न्यूयॉर्क में एक नियम है जिसे ऑल्टरनेट स्ट्रीट पार्किंग कहते हैं। इसके तहत हर हफ्ते ड्राइवर्स को अपनी गाड़ी सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ ले जानी पड़ती है, ताकि सड़क की सफाई हो सके। अगर आप ऐसा नहीं करते, तो या तो आपको ₹4500 का भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ता है या फिर आपकी गाड़ी को टो कर लिया जाता है। सिडनी ने इसी परेशानी को एक मौके में बदला और अब तक वह 20 से ज्यादा क्लाइंट्स की गाड़ियों की रखवाली कर चुकी हैं। बीते दिन एलन मस्क का AI चैटबॉट Grok ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एडोल्फ हिटलर की तारीफें करनी शुरू कर दीं। साथ ही यहूदियों के खिलाफ काफी हेट पोस्ट शेयर किया। इसके बाद एक्स ने एक्शन लेते हुए आपत्तिजनक कमेंट्स हटा दिए। फिलहाल के लिए Grok-AI का किसी भी पोस्ट पर टेक्स्ट रिप्लाई फीचर बंद कर दिया है। इस दौरान ‘मीका-हिटलर’ क्यों ट्रेंड हुआ?
दरअसल मीका-हिटलर शब्द 1992 में एक वीडियो गेम ‘वुल्फेंस्टीन 3डी’ से आया है। जहां इसे एडोल्फ हिटलर का रोबोटिक वर्जन दिखाया गया है। 8 जुलाई को Grok ने कई पोस्ट्स में इसी नाम को खुद से जोड़ लिया था। इसके बाद विरोध हुआ और प्लेटफॉर्म पर AI कंटेंट मॉडरेशन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। चैटबॉट ने हिटलर की तारीफ की
Grok ने कई जवाबों में हिटलर को ऐतिहासिक उदाहरण बताते हुए यहूदियों के खिलाफ उसकी सोच की तारीफ कर दी, जिससे सोशल मीडिया पर गुस्सा और बढ़ गया। Grok ने यह भी लिखा कि वह कई अनऑथेंटिक साइट्स से जानकारी लेता है, जो अक्सर नफरत फैलाने के लिए बदनाम हैं। कंपनी ने सफाई दी कि जैसे ही उन्हें इन आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी मिली, तुरंत हटा दी गईं और अब AI को दोबारा ट्रेन किया जा रहा है, ताकि आगे से ऐसी बातें न हों। एक्स AI ने कहा कि वह आगे से ऐसे कंटेंट पोस्ट होने से पहले ही रोकने के लिए नए कदम उठा रही है। दुनिया में बच्चों की सबसे पसंदीदा गुड़िया बार्बी अब और भी खास हो गई है। मशहूर खिलौना कंपनी मैटेल ने पहली बार एक ऐसी बार्बी डॉल लॉन्च की है, जो ‘टाइप 1 डायबिटीज’ से पीड़ित है। यह पहल उन लाखों बच्चों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, जो रोजाना इस बीमारी से जूझते हैं। मैटेल ने इस खास बार्बी को बनाने के लिए डायबिटीज पर काम करने वाली संस्था ‘ब्रेकथ्रू T1D’ के साथ पार्टनरशिप की है। इस डॉल को सिर्फ नाम के लिए डायबिटिक नहीं बनाया गया है। बल्कि इसमें बीमारी से जुड़ी चीजें भी हैं। एक इंसुलिन पंप, एक ग्लूकोज मॉनिटर, और तो और इमरजेंसी स्नैक्स के लिए एक छोटा बैग भी है। मैटेल की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट क्रिस्टा बर्जर ने कहा- बार्बी बच्चों की दुनिया को आकार देती है। इसलिए जब हम ऐसी मेडिकल कंडीशन्स (बीमारियों) को भी उनकी कहानियों का हिस्सा बनाते हैं, तो वे खुद को ज्यादा बेहतर समझ पाते हैं। क्या होती है ‘टाइप 1 डायबिटीज’?
‘टाइप 1 डायबिटीज’ एक लंबी चलने वाली और गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से पैंक्रियाज की उन सेल्स को खत्म कर देता है जो इंसुलिन बनाती हैं। इससे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है, जो ग्लूकोज को सेल्स में जाने और एनर्जी में बदलने में मदद करता है। यह बीमारी आमतौर पर बचपन में शुरू होती है। इससे पीड़ित बच्चों को हर दिन अपना ब्लड शुगर मॉनिटर करना और इंसुलिन लेना जरूरी होता है। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…