हरियाणा में गुरुवार सुबह करीब नौ बजकर पांच मिनट पर भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए। इससे गुरुग्राम, रोहतक, पानीपत, झज्जर, हिसार सहित लगभग पूरे प्रदेश में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। भूकंप के झटके मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर में महसूस किए गए। इसका केंद्र झज्जर था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 नापी गई। गुरुग्राम में स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटके कुछ सेकेंड तक रहे, जिससे इमारतें हल्की हिलती महसूस हुईं। कई लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर लोगों ने अनुभव साझा किए। जहां एक यूजर ने लिखा, “सुबह-सुबह अचानक बिस्तर हिला, डर लग गया।” स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, कहीं से भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और भूकंपरोधी सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय जोन-4 में आता है, जो मध्यम जोखिम वाला क्षेत्र है। झज्जर का गुरुवाड़ा था केंद्र
सिस्मोलॉजी विभाग के अनुसार, सुबह आए भूकंप का केंद्र गुरुग्राम, रोहतक और भिवानी के बीच झज्जर का गुरुवाड़ा था। यहां करीब 10 किमी नीचे धरती में हलचल हुई, जिसे गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, पानीपत, भिवानी, झज्जर सहित कई जिलों में महसूस किया गया। 27 जून को भी आया था भूकंप
इससे पहले महेंद्रगढ़ जिले में 27 जून की शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, उस दिन भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई। भूकंप शाम करीब 7 बजकर 33 मिनट पर आया, जिसकी गहराई 5 किलोमीटर थी। क्या है हरियाणा में बार-बार भूकंप आने का कारण
उत्तराखंड के देहरादून से लेकर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक जमीन के नीचे एक फॉल्ट लाइन है। इसमें जब प्लेट मूवमेंट होती है तो इसके आपस में टकराने से कंपन पैदा होता है। जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
हरियाणा में गुरुवार सुबह करीब नौ बजकर पांच मिनट पर भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए। इससे गुरुग्राम, रोहतक, पानीपत, झज्जर, हिसार सहित लगभग पूरे प्रदेश में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। भूकंप के झटके मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर में महसूस किए गए। इसका केंद्र झज्जर था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 नापी गई। गुरुग्राम में स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटके कुछ सेकेंड तक रहे, जिससे इमारतें हल्की हिलती महसूस हुईं। कई लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर लोगों ने अनुभव साझा किए। जहां एक यूजर ने लिखा, “सुबह-सुबह अचानक बिस्तर हिला, डर लग गया।” स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, कहीं से भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और भूकंपरोधी सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय जोन-4 में आता है, जो मध्यम जोखिम वाला क्षेत्र है। झज्जर का गुरुवाड़ा था केंद्र
सिस्मोलॉजी विभाग के अनुसार, सुबह आए भूकंप का केंद्र गुरुग्राम, रोहतक और भिवानी के बीच झज्जर का गुरुवाड़ा था। यहां करीब 10 किमी नीचे धरती में हलचल हुई, जिसे गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, पानीपत, भिवानी, झज्जर सहित कई जिलों में महसूस किया गया। 27 जून को भी आया था भूकंप
इससे पहले महेंद्रगढ़ जिले में 27 जून की शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, उस दिन भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई। भूकंप शाम करीब 7 बजकर 33 मिनट पर आया, जिसकी गहराई 5 किलोमीटर थी। क्या है हरियाणा में बार-बार भूकंप आने का कारण
उत्तराखंड के देहरादून से लेकर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक जमीन के नीचे एक फॉल्ट लाइन है। इसमें जब प्लेट मूवमेंट होती है तो इसके आपस में टकराने से कंपन पैदा होता है। जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।