गुरुग्राम में ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मॉनिटर करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। 10 जुलाई, गुरुवार से NH-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे पर मॉडर्न ग्लोबल शटर टेक्नोलॉजी वाले कैमरों से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ऑटोमैटिक चालान जारी किए जाएंगे। मंगलवार को डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश कुमार मोहन ने एनएचएआई अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर रोड सेफ्टी और नियमों के उल्लंघन को रोकने की योजना को अंतिम रूप दिया। 15 स्थानों पर सिस्टम इंस्टॉल NH-48 पर 6 स्थानों और द्वारका एक्सप्रेस-वे पर 9 स्थानों यानि कुल 15 ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से गाड़ी के नंबर प्लेट को ऑटोमैटिक स्कैन कर लिया जाएगा और इसमें लगा सिस्टम ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन होने पर चालान को जनरेट कर देगा। 14 तरह के चालान ऑटोमैटिक होंगे ये आधुनिक कैमरे 14 प्रकार की यातायात उल्लंघन गतिविधियों को रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। जिनमें ओवरस्पीडिंग, बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और गलत लेन चेंज शामिल हैं। विशेष रूप से द्वारका एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया, ई-रिक्शा और ट्रैक्टरों जैसे प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई होगी। पांच तरह का टेक्नोलॉजी सिस्टम VIDES: वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड इन्फोर्समेंट सिस्टम सड़क दुर्घटनाओं और नियम उल्लंघन की घटनाओं को तुरंत रिकॉर्ड करेगा। रियल टाइम इसकी जानकारी कमांड कंट्रोल सेंटर तक पहुंच सकेगी। TMCS: ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरा सिस्टम ट्रैफिक की निगरानी और मैनेजमेंट में सहायक होगा। इसकी मदद से ट्रैफिक के दबाव का सही आकलन होगा। VMS: वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड ड्राइवरों को ट्रैफिक नियमों और सड़क स्थिति के बारे में जागरूक करेंगे। आगे लगे जाम की रियल टाइम जानकारी फ्लैश होगी, ताकि समय रहते ड्राइवर रूट बदल सकें।
VASD: वाहन संचालित गति प्रदर्शन प्रणाली वाहनों के लिए गति सीमा प्रदर्शित करती है। ICCC: इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर इस सिस्टम दिमाग है, जो आपातस्थिति के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है। कैमरों की खासियत AI आधारित ये कैमरे सड़क पर होने वाली किसी भी असामान्य घटना, जैसे वाहन खराब होने, जाम की स्थिति या दुर्घटना की तत्काल सूचना प्रदान करेंगे। इससे ट्रैफिक पुलिस और NHAI की टीमें तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी। जिससे यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा और यात्रियों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि यदि कोई वाहन NH-48 या द्वारका एक्सप्रेस-वे पर खराब हो जाता है, तो कैमरे तुरंत कमांड कंट्रोल सेंटर में अलर्ट भेजेंगे। जिससे समस्या का त्वरित समाधान संभव होगा। ड्राइवरों के लिए चेतावनी पुलिस उपायुक्त डॉ. राजेश कुमार मोहन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का उल्लंघन करने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और चालान स्वचालित रूप से इन कैमरों के माध्यम से जारी किए जाएंगे। द्वारका एक्सप्रेस पर विशेष नजर विशेष रूप से द्वारका एक्सप्रेस-वे पर प्रतिबंधित वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है, और इसका उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि यहां पर स्टंट करने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। जिनसे हादसों की आंशका रहती है। इमरजेंसी में क्विक रिस्पांस इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर डिजिटल हब के रूप में कार्य करता है, जो स्थानीय और राष्ट्रीय प्रणालियों के साथ कोआर्डिनेशन के साथ है। यह सेटअप दुर्घटनाओं, सड़क अवरोधों या प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण होने वाली देरी को कम करते हुए, तेजी से इमरजेंसी रिस्पांस सुनिश्चित करता है। कैसे काम करता है सिस्टम द्वारका एक्सप्रेसवे के कंट्रोल रूम में कंप्यूटर स्क्रीन पर एक वीडियो और फोटो आता है। यह वीडियो एक SUV कार का है। वीडियो में SUV 163 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही है। यह घटना सुबह 8.29 बजे बजघेड़ा के पास हुई। वीडियो और फोटो VIDES ने बनाया है। VIDES, ATMS का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें ANPR कैमरे, ओवरव्यू कैमरे और रडार यूनिट लगे हैं। दो एक्सप्रेस-वे कवर किए द्वारका एक्सप्रेसवे पर ATMS 56.46 किलोमीटर तक फैला है। इसमें द्वारका एक्सप्रेसवे का 28.46 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। साथ ही, दिल्ली-गुरुग्राम NH-48 का 28 किलोमीटर का हिस्सा भी शामिल है। यह शिव मूर्ति (NH-8, दिल्ली) से खेड़की दौला टोल प्लाजा (गुरुग्राम) तक है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 16.7 करोड़ रुपए है।
रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा पूरे एक्सप्रेसवे पर 15 VIDES गैन्ट्री लगाए गए हैं। इसे NIC के ई-चालान प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इससे पुलिस विभाग चालान जारी कर सकता है.। VIDES रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा भी इकट्ठा करता है। ATMS के तहत छह VASD लगाए गए हैं। ये लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर हैं। ये LED बोर्ड पर रडार से स्पीड दिखाते हैं। इससे लोगों को स्पीड के बारे में पता चलता है। अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर 10 VMS लगाए गए हैं। ये यात्रियों के साथ स्मार्ट तरीके से संवाद करते हैं। ये मुख्य जगहों पर लगे हैं। इनमें एंट्री, एग्जिट, ब्लैक स्पॉट और जंक्शन शामिल हैं। VMS ट्रैफिक की स्थिति, डायवर्जन, मौसम और घटनाओं के बारे में जानकारी देते हैं। इस प्रकार, द्वारका एक्सप्रेसवे पर ATMS एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सड़कों को सुरक्षित बनाने और यातायात को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
गुरुग्राम में ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मॉनिटर करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। 10 जुलाई, गुरुवार से NH-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे पर मॉडर्न ग्लोबल शटर टेक्नोलॉजी वाले कैमरों से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ऑटोमैटिक चालान जारी किए जाएंगे। मंगलवार को डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश कुमार मोहन ने एनएचएआई अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर रोड सेफ्टी और नियमों के उल्लंघन को रोकने की योजना को अंतिम रूप दिया। 15 स्थानों पर सिस्टम इंस्टॉल NH-48 पर 6 स्थानों और द्वारका एक्सप्रेस-वे पर 9 स्थानों यानि कुल 15 ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से गाड़ी के नंबर प्लेट को ऑटोमैटिक स्कैन कर लिया जाएगा और इसमें लगा सिस्टम ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन होने पर चालान को जनरेट कर देगा। 14 तरह के चालान ऑटोमैटिक होंगे ये आधुनिक कैमरे 14 प्रकार की यातायात उल्लंघन गतिविधियों को रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। जिनमें ओवरस्पीडिंग, बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और गलत लेन चेंज शामिल हैं। विशेष रूप से द्वारका एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया, ई-रिक्शा और ट्रैक्टरों जैसे प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई होगी। पांच तरह का टेक्नोलॉजी सिस्टम VIDES: वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड इन्फोर्समेंट सिस्टम सड़क दुर्घटनाओं और नियम उल्लंघन की घटनाओं को तुरंत रिकॉर्ड करेगा। रियल टाइम इसकी जानकारी कमांड कंट्रोल सेंटर तक पहुंच सकेगी। TMCS: ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरा सिस्टम ट्रैफिक की निगरानी और मैनेजमेंट में सहायक होगा। इसकी मदद से ट्रैफिक के दबाव का सही आकलन होगा। VMS: वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड ड्राइवरों को ट्रैफिक नियमों और सड़क स्थिति के बारे में जागरूक करेंगे। आगे लगे जाम की रियल टाइम जानकारी फ्लैश होगी, ताकि समय रहते ड्राइवर रूट बदल सकें।
VASD: वाहन संचालित गति प्रदर्शन प्रणाली वाहनों के लिए गति सीमा प्रदर्शित करती है। ICCC: इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर इस सिस्टम दिमाग है, जो आपातस्थिति के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है। कैमरों की खासियत AI आधारित ये कैमरे सड़क पर होने वाली किसी भी असामान्य घटना, जैसे वाहन खराब होने, जाम की स्थिति या दुर्घटना की तत्काल सूचना प्रदान करेंगे। इससे ट्रैफिक पुलिस और NHAI की टीमें तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी। जिससे यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा और यात्रियों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि यदि कोई वाहन NH-48 या द्वारका एक्सप्रेस-वे पर खराब हो जाता है, तो कैमरे तुरंत कमांड कंट्रोल सेंटर में अलर्ट भेजेंगे। जिससे समस्या का त्वरित समाधान संभव होगा। ड्राइवरों के लिए चेतावनी पुलिस उपायुक्त डॉ. राजेश कुमार मोहन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का उल्लंघन करने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और चालान स्वचालित रूप से इन कैमरों के माध्यम से जारी किए जाएंगे। द्वारका एक्सप्रेस पर विशेष नजर विशेष रूप से द्वारका एक्सप्रेस-वे पर प्रतिबंधित वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है, और इसका उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि यहां पर स्टंट करने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। जिनसे हादसों की आंशका रहती है। इमरजेंसी में क्विक रिस्पांस इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर डिजिटल हब के रूप में कार्य करता है, जो स्थानीय और राष्ट्रीय प्रणालियों के साथ कोआर्डिनेशन के साथ है। यह सेटअप दुर्घटनाओं, सड़क अवरोधों या प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण होने वाली देरी को कम करते हुए, तेजी से इमरजेंसी रिस्पांस सुनिश्चित करता है। कैसे काम करता है सिस्टम द्वारका एक्सप्रेसवे के कंट्रोल रूम में कंप्यूटर स्क्रीन पर एक वीडियो और फोटो आता है। यह वीडियो एक SUV कार का है। वीडियो में SUV 163 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही है। यह घटना सुबह 8.29 बजे बजघेड़ा के पास हुई। वीडियो और फोटो VIDES ने बनाया है। VIDES, ATMS का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें ANPR कैमरे, ओवरव्यू कैमरे और रडार यूनिट लगे हैं। दो एक्सप्रेस-वे कवर किए द्वारका एक्सप्रेसवे पर ATMS 56.46 किलोमीटर तक फैला है। इसमें द्वारका एक्सप्रेसवे का 28.46 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। साथ ही, दिल्ली-गुरुग्राम NH-48 का 28 किलोमीटर का हिस्सा भी शामिल है। यह शिव मूर्ति (NH-8, दिल्ली) से खेड़की दौला टोल प्लाजा (गुरुग्राम) तक है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 16.7 करोड़ रुपए है।
रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा पूरे एक्सप्रेसवे पर 15 VIDES गैन्ट्री लगाए गए हैं। इसे NIC के ई-चालान प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इससे पुलिस विभाग चालान जारी कर सकता है.। VIDES रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा भी इकट्ठा करता है। ATMS के तहत छह VASD लगाए गए हैं। ये लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर हैं। ये LED बोर्ड पर रडार से स्पीड दिखाते हैं। इससे लोगों को स्पीड के बारे में पता चलता है। अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर 10 VMS लगाए गए हैं। ये यात्रियों के साथ स्मार्ट तरीके से संवाद करते हैं। ये मुख्य जगहों पर लगे हैं। इनमें एंट्री, एग्जिट, ब्लैक स्पॉट और जंक्शन शामिल हैं। VMS ट्रैफिक की स्थिति, डायवर्जन, मौसम और घटनाओं के बारे में जानकारी देते हैं। इस प्रकार, द्वारका एक्सप्रेसवे पर ATMS एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सड़कों को सुरक्षित बनाने और यातायात को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।