हिमाचल प्रदेश के चंबा के चुराह में रात में तेज बारिश हुई। इससे थली नाला में सड़क बह गई। पंचायत प्रधान जय सिंह ने बताया कि नाले में पानी के तेज बहाव सड़क बही है। स्थानीय लोग अब पंगोला पुल से आवाजाही कर सकेंगे। उन्होंने कहा, क्षेत्र में कही भी बादल नहीं फटा। थली नाला में अक्सर बारिश में ऐसे ही पानी बहता है। पहले भी इससे कई बार सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, प्रदेश में बीते 48 घंटे के दौरान रेड और ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी के बावजूद बारिश नहीं हुई। अगले 5 दिन भी ज्यादातर भागों में बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी नुकसान के बाद मानसून कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। लोगों ने इससे राहत की सांस ली है, क्योंकि 2 सप्ताह में ही लगभग 22 जगह बादल फटने की घटनाएं पेश आ चुकी है। इससे लगभग 600 करोड़ रुपए की संपत्ति, 30 से ज्यादा लोगों की मौत तथा 32 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। अब 4 प्वाइंट में समझे कि मानसून कमजोर क्यों पड़ा? मानसून ट्रफ की वजह से आने वाले दिनों में बरसात कैसी रहने वाली है? मानसून ट्रफ है क्या? मानसून सीजन में 80 की मौत प्रदेश में इस मानसून सीजन (20 जून से 7 जुलाई) 80 लोगों की विभिन्न कारणों से जान जा चुकी है। इनमें लैंडस्लाइड से 1, फ्लैश फ्लड से 8, बादल फटने से 14, पानी में डूबने से 8, आग से 1, स्नेक बाइट से 3, बिजली के करंट से 4 ढांक या ऊंची जगह से गिरने से 9 तथा अन्य कारणों से 4 की मौत हो चुकी है। वहीं 28 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई है। प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों में 235 सड़कें बंद पड़ी है। सबसे ज्यादा 176 सड़कें मंडी जिला में बंद पड़ी है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा के चुराह में रात में तेज बारिश हुई। इससे थली नाला में सड़क बह गई। पंचायत प्रधान जय सिंह ने बताया कि नाले में पानी के तेज बहाव सड़क बही है। स्थानीय लोग अब पंगोला पुल से आवाजाही कर सकेंगे। उन्होंने कहा, क्षेत्र में कही भी बादल नहीं फटा। थली नाला में अक्सर बारिश में ऐसे ही पानी बहता है। पहले भी इससे कई बार सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, प्रदेश में बीते 48 घंटे के दौरान रेड और ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी के बावजूद बारिश नहीं हुई। अगले 5 दिन भी ज्यादातर भागों में बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी नुकसान के बाद मानसून कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। लोगों ने इससे राहत की सांस ली है, क्योंकि 2 सप्ताह में ही लगभग 22 जगह बादल फटने की घटनाएं पेश आ चुकी है। इससे लगभग 600 करोड़ रुपए की संपत्ति, 30 से ज्यादा लोगों की मौत तथा 32 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। अब 4 प्वाइंट में समझे कि मानसून कमजोर क्यों पड़ा? मानसून ट्रफ की वजह से आने वाले दिनों में बरसात कैसी रहने वाली है? मानसून ट्रफ है क्या? मानसून सीजन में 80 की मौत प्रदेश में इस मानसून सीजन (20 जून से 7 जुलाई) 80 लोगों की विभिन्न कारणों से जान जा चुकी है। इनमें लैंडस्लाइड से 1, फ्लैश फ्लड से 8, बादल फटने से 14, पानी में डूबने से 8, आग से 1, स्नेक बाइट से 3, बिजली के करंट से 4 ढांक या ऊंची जगह से गिरने से 9 तथा अन्य कारणों से 4 की मौत हो चुकी है। वहीं 28 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई है। प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों में 235 सड़कें बंद पड़ी है। सबसे ज्यादा 176 सड़कें मंडी जिला में बंद पड़ी है।