डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के वक्त बॉर्डर एक और दुश्मन तीन थे। पाकिस्तान मोर्चे पर था। चीन और तुर्किए हथियार और बाकी दूसरे सपोर्ट मुहैया करा रहे थे। राहुल ने कहा- चीन ने पाकिस्तान को भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया। चीन हमारे हर रणनीतिक कदम की लाइव अपडेट पाकिस्तान के साथ शेयर कर रहा था। यह भारत के लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि पाक को भारत की सैन्य तैयारियों की सटीक जानकारी मिल रही थी। चीन ने पाकिस्तान को हथियार दिए, हमें हथियारों की टेस्टिंग के लिए लैब की तरह इस्तेमाल किया। यह चीन की प्राचीन सैन्य रणनीति 36 स्ट्रैटेजम्स में से एक है, जिसका मतलब है किराए की छुरी से वार करना। तुर्किए ने बैरेक्टर समेत दूसरे ड्रोन दिए। इनका इस्तेमाल हमारे खिलाफ भी किया गया। लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने यह बात नई दिल्ली में फिक्की के ‘न्यू एज मिलिट्री टेक्नोलॉजीस’ इवेंट में बताई। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमें कई महत्वपूर्ण सबक सिखाए। यह एक ऐसा संघर्ष था, जिसने मॉडर्न वॉरफेयर की कठिनाइयों को उजागर किया। इसलिए अब हमें और मजबूत एयर डिफेंस चाहिए। लेफ्टिनेंट जनरल बोले- पिछले युद्धों की तरह दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकते थे पहलगाम हमले का जवाब था ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की हत्या की थी। 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों देशों के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी। ========== ये खबर भी पढ़ें… इन 5 हथियारों के दम पर आंखें दिखाता है पाकिस्तान, सभी चीन से मिले 1 मई को तिल्ला फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचे पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने टैंक पर खड़े होकर कहा- भारत की किसी भी सैन्य हिमाकत का तुरंत और उससे भी बड़ा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी कहा था कि उनके पास पुख्ता खुफिया जानकारी है कि भारत कुछ दिनों में हमला करेगा। ऐसे किसी भी दुस्साहस का हर हाल में जोरदार जवाब दिया जाएगा। आखिर किन हथियारों के दम पर पाकिस्तान इतना उछलता है। भारत इनका मुकाबला किन हथियारों से कर सकेगा, पढ़ें एक्सप्लेनर में…।
डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के वक्त बॉर्डर एक और दुश्मन तीन थे। पाकिस्तान मोर्चे पर था। चीन और तुर्किए हथियार और बाकी दूसरे सपोर्ट मुहैया करा रहे थे। राहुल ने कहा- चीन ने पाकिस्तान को भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया। चीन हमारे हर रणनीतिक कदम की लाइव अपडेट पाकिस्तान के साथ शेयर कर रहा था। यह भारत के लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि पाक को भारत की सैन्य तैयारियों की सटीक जानकारी मिल रही थी। चीन ने पाकिस्तान को हथियार दिए, हमें हथियारों की टेस्टिंग के लिए लैब की तरह इस्तेमाल किया। यह चीन की प्राचीन सैन्य रणनीति 36 स्ट्रैटेजम्स में से एक है, जिसका मतलब है किराए की छुरी से वार करना। तुर्किए ने बैरेक्टर समेत दूसरे ड्रोन दिए। इनका इस्तेमाल हमारे खिलाफ भी किया गया। लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने यह बात नई दिल्ली में फिक्की के ‘न्यू एज मिलिट्री टेक्नोलॉजीस’ इवेंट में बताई। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमें कई महत्वपूर्ण सबक सिखाए। यह एक ऐसा संघर्ष था, जिसने मॉडर्न वॉरफेयर की कठिनाइयों को उजागर किया। इसलिए अब हमें और मजबूत एयर डिफेंस चाहिए। लेफ्टिनेंट जनरल बोले- पिछले युद्धों की तरह दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकते थे पहलगाम हमले का जवाब था ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की हत्या की थी। 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों देशों के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी। ========== ये खबर भी पढ़ें… इन 5 हथियारों के दम पर आंखें दिखाता है पाकिस्तान, सभी चीन से मिले 1 मई को तिल्ला फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचे पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने टैंक पर खड़े होकर कहा- भारत की किसी भी सैन्य हिमाकत का तुरंत और उससे भी बड़ा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी कहा था कि उनके पास पुख्ता खुफिया जानकारी है कि भारत कुछ दिनों में हमला करेगा। ऐसे किसी भी दुस्साहस का हर हाल में जोरदार जवाब दिया जाएगा। आखिर किन हथियारों के दम पर पाकिस्तान इतना उछलता है। भारत इनका मुकाबला किन हथियारों से कर सकेगा, पढ़ें एक्सप्लेनर में…।