हिमाचल प्रदेश में 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दिन कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिला में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट दिया गया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है। वहीं अगले कल कांगड़ा और मंडी जिला में ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। चंबा, शिमला, कुल्लू और सिरमौर में यलो अलर्ट है। 7 जुलाई को 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। यह चेतावनी किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों के लिए दी गई है। 8 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में कल से अगले 4 दिन भारी बारिश होगी। इसे देखते हुए सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस दौरान नदी नालों व लैंडस्लाइड क्षेत्रों में नहीं जाने, अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है। मंडी में सामान्य से 456% ज्यादा बादल बरसे मानसून की एंट्री के बाद से अब तक सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा और बीते एक हफ्ते में नॉर्मल से 171 फीसदी ज्यादा बादल बरसे हैं। मंडी जिला में सामान्य से 456 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। यही भारी बारिश जिला में बड़े नुकसान का कारण बनी है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जून से 3 जुलाई के बीच मंडी में 58.3 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 324.4 मिलीमीटर बारिश इस अवधि में हो चुकी है। इसमें भी लगभग 75 फीसदी बारिश सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे के बीच हुई है। शिमला में सामान्य से 399% ज्यादा बारिश मंडी के बाद शिमला जिला में भी सामान्य से 399 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। इस अवधि में शिमला में 34.6 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। मगर, इस बार 172.8 मिलीमीटर बादल बरस चुके हैं। सोलन में भी सामान्य से 280 प्रतिशत ज्यादा बादल बरसे हैं। लाहौल स्पीति में एक बूंद भी नहीं बरसी प्रदेश में लाहौल स्पीति इकलौता ऐसा जिला है, जहां पूरे मानसून सीजन में एक बूंद भी नहीं बरसी। चंबा जिला में सामान्य से 1 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। अन्य सभी जिलों में नॉर्मल से काफी ज्यादा बारिश हुई है। हिमाचल में इस बार मानसून ने समय से पहले यानी 20 जून को दस्तक दी थी। अब तक सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। मंडी में बादल फटने से 14 की मौत वहीं बीते सोमवार की रात मंडी में 15 जगह बादल फटने से हुई तबाही में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है, 31 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक (20 जून से 4 जुलाई) 69 लोगों की मौत हो चुकी है। एक की मौत लैंडस्लाइड, 8 की फ्लैश फ्लड, 14 की बादल फटने, 7 की पानी में डूबने, 2 की सांप के काटने, 3 की बिजली का करंट लगने, 6 की पहाड़ी व ऊंचाई वाली जगह से गिरने, 2 की अन्य कारणों तथा 26 की एक्सीडेंट में मौत हुई है। पूरे प्रदेश में जितना नुकसान, उससे कई गुणा ज्यादा अकेले सराज विधानसभा में मंडी जिला के अलग अलग क्षेत्रों में 168 मकान बादल फटने के बाद क्षतिग्रस्त हुए है। मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अब तक बरसात से जितना नुकसान पूरे प्रदेश में हुआ है, उससे कई गुणा ज्यादा तबाही अकेले सराज विधानसभा में हुई है।
हिमाचल प्रदेश में 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दिन कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिला में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट दिया गया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है। वहीं अगले कल कांगड़ा और मंडी जिला में ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। चंबा, शिमला, कुल्लू और सिरमौर में यलो अलर्ट है। 7 जुलाई को 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। यह चेतावनी किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों के लिए दी गई है। 8 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में कल से अगले 4 दिन भारी बारिश होगी। इसे देखते हुए सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस दौरान नदी नालों व लैंडस्लाइड क्षेत्रों में नहीं जाने, अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है। मंडी में सामान्य से 456% ज्यादा बादल बरसे मानसून की एंट्री के बाद से अब तक सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा और बीते एक हफ्ते में नॉर्मल से 171 फीसदी ज्यादा बादल बरसे हैं। मंडी जिला में सामान्य से 456 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। यही भारी बारिश जिला में बड़े नुकसान का कारण बनी है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जून से 3 जुलाई के बीच मंडी में 58.3 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 324.4 मिलीमीटर बारिश इस अवधि में हो चुकी है। इसमें भी लगभग 75 फीसदी बारिश सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे के बीच हुई है। शिमला में सामान्य से 399% ज्यादा बारिश मंडी के बाद शिमला जिला में भी सामान्य से 399 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। इस अवधि में शिमला में 34.6 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। मगर, इस बार 172.8 मिलीमीटर बादल बरस चुके हैं। सोलन में भी सामान्य से 280 प्रतिशत ज्यादा बादल बरसे हैं। लाहौल स्पीति में एक बूंद भी नहीं बरसी प्रदेश में लाहौल स्पीति इकलौता ऐसा जिला है, जहां पूरे मानसून सीजन में एक बूंद भी नहीं बरसी। चंबा जिला में सामान्य से 1 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। अन्य सभी जिलों में नॉर्मल से काफी ज्यादा बारिश हुई है। हिमाचल में इस बार मानसून ने समय से पहले यानी 20 जून को दस्तक दी थी। अब तक सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। मंडी में बादल फटने से 14 की मौत वहीं बीते सोमवार की रात मंडी में 15 जगह बादल फटने से हुई तबाही में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है, 31 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक (20 जून से 4 जुलाई) 69 लोगों की मौत हो चुकी है। एक की मौत लैंडस्लाइड, 8 की फ्लैश फ्लड, 14 की बादल फटने, 7 की पानी में डूबने, 2 की सांप के काटने, 3 की बिजली का करंट लगने, 6 की पहाड़ी व ऊंचाई वाली जगह से गिरने, 2 की अन्य कारणों तथा 26 की एक्सीडेंट में मौत हुई है। पूरे प्रदेश में जितना नुकसान, उससे कई गुणा ज्यादा अकेले सराज विधानसभा में मंडी जिला के अलग अलग क्षेत्रों में 168 मकान बादल फटने के बाद क्षतिग्रस्त हुए है। मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अब तक बरसात से जितना नुकसान पूरे प्रदेश में हुआ है, उससे कई गुणा ज्यादा तबाही अकेले सराज विधानसभा में हुई है।