गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार को दुष्कर्म के एक मामले में 86 साल के आसाराम की जमानत एक और महीने के लिए बढ़ा दी है। वे दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा जोधपुर जेल में काट रहे हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 31 मार्च तक मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी। निर्देश दिया था कि आगे की राहत के लिए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका लगा सकता है। इसके बाद से उनकी जमानत दो बार बढ़ चुकी है। तब से वे बाहर हैं। उनकी जमानत 7 जुलाई को खत्म हो रही थी। इसके पहले वे गुजरात हाईकोर्ट पहुंच गए, जहां उनकी जमानत फिर से 7 अगस्त तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह आसाराम की जमानत का आखिरी एक्स्टेंशन होगा। आसाराम के दुष्कर्म के मामले को ऐसे समझें
जोधपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में आसाराम के खिलाफ 15 अगस्त 2013 को केस दर्ज किया गया था। उन्हें 31 अगस्त को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही वे जोधपुर की सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। करीब 11 साल जेल में रहने के बाद 7 जनवरी, 2025 क उन्हें सुप्रीम कोर्ट से पहली बार जमानत दी गई थी। इसके बाद से ही आसाराम जमानत पर हैं। जनवरी 2013 में गांधीनगर की एक अदालत ने भी आसाराम को एक शिष्या के साथ लगातार दुष्कर्म करने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पीड़िता सूरत की रहने वाली थी और 2001 से 2006 के बीच अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में रहती थी। उसी दौरान उसने आरोप लगाया कि आसाराम ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था। सुप्रीम कोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत
सुप्रीम कोर्ट ने 86 वर्षीय आसाराम को 31 मार्च तक मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी और निर्देश दिया था कि आगे की राहत के लिए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका लगा सकता है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दो जजों की भिन्न राय आने पर मामला तीसरे जज को सौंपा गया था, जिन्होंने उन्हें तीन महीने की अस्थायी जमानत दी थी। आसााम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 11 साल बाद आसाराम से मिला बेटा नारायण साईं, यात्रा-पुलिस सुरक्षा का खर्च खुद ही उठाया रेप के केस के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम से उसका बेटा नारायण साईं 11 साल बाद मिला। नारायण साईं ने गुजरात कोर्ट में याचिका दायर कर मिलने की अनुमति मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने 5 दिन की अंतरिम जमानत देते हुए उसके खर्च पर पुलिस गार्ड की व्यवस्था के आदेश दिए थे। पूरी खबर पढ़ें…
गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार को दुष्कर्म के एक मामले में 86 साल के आसाराम की जमानत एक और महीने के लिए बढ़ा दी है। वे दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा जोधपुर जेल में काट रहे हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 31 मार्च तक मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी। निर्देश दिया था कि आगे की राहत के लिए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका लगा सकता है। इसके बाद से उनकी जमानत दो बार बढ़ चुकी है। तब से वे बाहर हैं। उनकी जमानत 7 जुलाई को खत्म हो रही थी। इसके पहले वे गुजरात हाईकोर्ट पहुंच गए, जहां उनकी जमानत फिर से 7 अगस्त तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह आसाराम की जमानत का आखिरी एक्स्टेंशन होगा। आसाराम के दुष्कर्म के मामले को ऐसे समझें
जोधपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में आसाराम के खिलाफ 15 अगस्त 2013 को केस दर्ज किया गया था। उन्हें 31 अगस्त को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही वे जोधपुर की सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। करीब 11 साल जेल में रहने के बाद 7 जनवरी, 2025 क उन्हें सुप्रीम कोर्ट से पहली बार जमानत दी गई थी। इसके बाद से ही आसाराम जमानत पर हैं। जनवरी 2013 में गांधीनगर की एक अदालत ने भी आसाराम को एक शिष्या के साथ लगातार दुष्कर्म करने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पीड़िता सूरत की रहने वाली थी और 2001 से 2006 के बीच अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में रहती थी। उसी दौरान उसने आरोप लगाया कि आसाराम ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था। सुप्रीम कोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत
सुप्रीम कोर्ट ने 86 वर्षीय आसाराम को 31 मार्च तक मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी और निर्देश दिया था कि आगे की राहत के लिए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका लगा सकता है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दो जजों की भिन्न राय आने पर मामला तीसरे जज को सौंपा गया था, जिन्होंने उन्हें तीन महीने की अस्थायी जमानत दी थी। आसााम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 11 साल बाद आसाराम से मिला बेटा नारायण साईं, यात्रा-पुलिस सुरक्षा का खर्च खुद ही उठाया रेप के केस के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम से उसका बेटा नारायण साईं 11 साल बाद मिला। नारायण साईं ने गुजरात कोर्ट में याचिका दायर कर मिलने की अनुमति मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने 5 दिन की अंतरिम जमानत देते हुए उसके खर्च पर पुलिस गार्ड की व्यवस्था के आदेश दिए थे। पूरी खबर पढ़ें…