दिल्ली में संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने पर गिरफ्तार की गई हरियाणा की महिला नीलम आजाद को करीब 18 महीने बाद जमानत मिल गई है। उसे 50 हजार रुपए के मुचलके पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। हालांकि, उसकी जमानत में कोर्ट ने कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं। जमानत के साथ लगाई गईं पाबंदियों के तहत नीलम दिल्ली से बाहर नहीं जा सकेगी। इसके अलावा उसके मीडिया में इंटरव्यू देने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की पोस्ट करने पर भी पाबंदी है। यानी उसे मीडिया और सोशल मीडिया से दूर रहना होगा। बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने नीलम के साथ उसके कृत्य में शामिल रहे एक साथी महेश कुमावत को जमानत दी। इससे पहले इनकी जमानत याचिकाएं ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी। हरियाणा में अपने घर भी नहीं आ सकेगी
इसके अलावा, हाई कोर्ट ने नीलम को हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे संबंधित पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया है। उसे दिल्ली छोड़ने की इजाजत नहीं है, इसलिए वह हरियाणा में अपने घर जींद के गांव घासो में भी नहीं आ सकेगी। 2023 में गिरफ्तार हुई थी नीलम
गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2023 को संसद की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। साल 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी के दिन लोकसभा भवन में शून्यकाल के दौरान आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी दर्शक दीर्घा से नीचे सदन में कूद गए थे। उन्होंने सदन में पीली गैस छोड़ी और नारेबाजी की। रंगीन गैस का किया था स्प्रे
लोकसभा में मौजूद सांसदों ने इन दोनों को काबू किया था। वहीं, दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम आजाद ने संसद भवन के बाहर परिसर में रंगीन गैस का स्प्रे किया था और नारेबाजी की थी। तभी से ये आरोपी पुलिस की गिरफ्त में थे। बाद में नीलम आजाद के वकील ने उसकी जमानत के लिए याचिका लगाई थी। याचिका में कहा- बाहर रह कर बेरोजगारों की आवाज उठाई
नीलम की जमानत याचिका में कहा गया था कि नीलम आजाद संसद के बाहर थी, जहां उसने बेरोजगार युवाओं की समस्या को उजागर करने के लिए धुंए के कनस्तर खोले और पर्चे फेंके। वह सोशल मीडिया के माध्यम से जनता का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रही थी। नीलम आजाद ने कहा था कि वह आपराधिक साजिश का हिस्सा नहीं थी। हालांकि, वकील की इस याचिका को खारिज कर दिया गया था। वकील ने फिर से याचिका लगाई थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने शर्तों के साथ नीलम आजाद को जमानत दी है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा की संसद चूक आरोपी की जमानत का विरोध:दिल्ली पुलिस बोली- नीलम को फांसी तक संभव; जांच को प्रभावित कर सकती है हरियाणा के जींद की रहने वाली नीलम आजाद की जमानत याचिका का दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है। नीलम संसद सुरक्षा चूक के आरोप में गिरफ्तार की गई थी। इस मामले में कुल 6 लोग गिरफ्तार हुए थे, जिनमें संसद के अंदर पीली गैस छोड़ने वाले 2 आरोपी भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली में संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने पर गिरफ्तार की गई हरियाणा की महिला नीलम आजाद को करीब 18 महीने बाद जमानत मिल गई है। उसे 50 हजार रुपए के मुचलके पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। हालांकि, उसकी जमानत में कोर्ट ने कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं। जमानत के साथ लगाई गईं पाबंदियों के तहत नीलम दिल्ली से बाहर नहीं जा सकेगी। इसके अलावा उसके मीडिया में इंटरव्यू देने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की पोस्ट करने पर भी पाबंदी है। यानी उसे मीडिया और सोशल मीडिया से दूर रहना होगा। बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने नीलम के साथ उसके कृत्य में शामिल रहे एक साथी महेश कुमावत को जमानत दी। इससे पहले इनकी जमानत याचिकाएं ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी। हरियाणा में अपने घर भी नहीं आ सकेगी
इसके अलावा, हाई कोर्ट ने नीलम को हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे संबंधित पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया है। उसे दिल्ली छोड़ने की इजाजत नहीं है, इसलिए वह हरियाणा में अपने घर जींद के गांव घासो में भी नहीं आ सकेगी। 2023 में गिरफ्तार हुई थी नीलम
गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2023 को संसद की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। साल 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी के दिन लोकसभा भवन में शून्यकाल के दौरान आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी दर्शक दीर्घा से नीचे सदन में कूद गए थे। उन्होंने सदन में पीली गैस छोड़ी और नारेबाजी की। रंगीन गैस का किया था स्प्रे
लोकसभा में मौजूद सांसदों ने इन दोनों को काबू किया था। वहीं, दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम आजाद ने संसद भवन के बाहर परिसर में रंगीन गैस का स्प्रे किया था और नारेबाजी की थी। तभी से ये आरोपी पुलिस की गिरफ्त में थे। बाद में नीलम आजाद के वकील ने उसकी जमानत के लिए याचिका लगाई थी। याचिका में कहा- बाहर रह कर बेरोजगारों की आवाज उठाई
नीलम की जमानत याचिका में कहा गया था कि नीलम आजाद संसद के बाहर थी, जहां उसने बेरोजगार युवाओं की समस्या को उजागर करने के लिए धुंए के कनस्तर खोले और पर्चे फेंके। वह सोशल मीडिया के माध्यम से जनता का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रही थी। नीलम आजाद ने कहा था कि वह आपराधिक साजिश का हिस्सा नहीं थी। हालांकि, वकील की इस याचिका को खारिज कर दिया गया था। वकील ने फिर से याचिका लगाई थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने शर्तों के साथ नीलम आजाद को जमानत दी है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा की संसद चूक आरोपी की जमानत का विरोध:दिल्ली पुलिस बोली- नीलम को फांसी तक संभव; जांच को प्रभावित कर सकती है हरियाणा के जींद की रहने वाली नीलम आजाद की जमानत याचिका का दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है। नीलम संसद सुरक्षा चूक के आरोप में गिरफ्तार की गई थी। इस मामले में कुल 6 लोग गिरफ्तार हुए थे, जिनमें संसद के अंदर पीली गैस छोड़ने वाले 2 आरोपी भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…