हरियाणा के CM नायब सैनी ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी पर दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अब कन्यादान पर 51,000 रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले 41 हजार रुपए सरकार की ओर से दिए जाते थे। इस निर्णय से 1.80 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले 16 लाख 65 हजार परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र आवेदकों को शादी के 6 माह के भीतर विवाह का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पात्र परिवार shadi.edisha.gov.in पर शगुन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों की बेटियों, किसी भी वर्ग की महिला खिलाड़ियों और ऐसे जोड़े, जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक भी दिव्यांग हो, को अब 51 रुपए दिए जाएंगे। इन लाभार्थियों को मिल रहा लाभ
प्रवक्ता ने बताया कि अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को 71,000 रुपए की राशि विवाह के अवसर पर दी जा रही है। वहीं, विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या बेसहारा महिलाओं के पुनर्विवाह पर (यदि पहली शादी के समय योजना का लाभ नहीं लिया गया हो) को भी 51,000 रुपए की राशि दी जाती है। 2015 में योजना का नाम बदला गया था
हरियाणा में विवाह शगुन योजना 1 अप्रैल 1983 से लागू है। पहले इसे इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी विवाह शगुन योजना के नाम से जाना जाता था। 2015 में केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने अपने कार्यकाल में नाम बदलकर मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना कर दिया। यह योजना सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित है। इसके लिए बजट इसी विभाग के अंतर्गत आवंटित किया जाता है।
हरियाणा के CM नायब सैनी ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी पर दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अब कन्यादान पर 51,000 रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले 41 हजार रुपए सरकार की ओर से दिए जाते थे। इस निर्णय से 1.80 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले 16 लाख 65 हजार परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र आवेदकों को शादी के 6 माह के भीतर विवाह का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पात्र परिवार shadi.edisha.gov.in पर शगुन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों की बेटियों, किसी भी वर्ग की महिला खिलाड़ियों और ऐसे जोड़े, जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक भी दिव्यांग हो, को अब 51 रुपए दिए जाएंगे। इन लाभार्थियों को मिल रहा लाभ
प्रवक्ता ने बताया कि अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को 71,000 रुपए की राशि विवाह के अवसर पर दी जा रही है। वहीं, विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या बेसहारा महिलाओं के पुनर्विवाह पर (यदि पहली शादी के समय योजना का लाभ नहीं लिया गया हो) को भी 51,000 रुपए की राशि दी जाती है। 2015 में योजना का नाम बदला गया था
हरियाणा में विवाह शगुन योजना 1 अप्रैल 1983 से लागू है। पहले इसे इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी विवाह शगुन योजना के नाम से जाना जाता था। 2015 में केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने अपने कार्यकाल में नाम बदलकर मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना कर दिया। यह योजना सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित है। इसके लिए बजट इसी विभाग के अंतर्गत आवंटित किया जाता है।