राजा रघुवंशी मर्डर केस में इंदौर के आरोपी कॉन्ट्रैक्टर-ब्रोकर शिलोम जेम्स को लेकर शिलॉन्ग पुलिस दूसरी बार सबूतों के साथ रवाना हो गई। इस बार पुलिस के हाथ सोनम के जेवर, लैपटॉप और एक पेन ड्राइव लगी है, जिसमें सोनम के बिजनेस के डिजिटल एविडेंस हैं। शिलॉन्ग पुलिस को शंका है कि शिलोम ने लालच में आकर राज और सोनम के कहने पर पूरे सबूत मिटाए थे। ऐसे में पुलिस उसकी रिमांड बढ़ाने की अपील कर सकती है। वहीं, शिलॉन्ग पुलिस ने केस में अभी और आरोपी बढ़ने की बात से इनकार भी नहीं किया है। राजा रघुवंशी हत्याकांड में कई तरह के मोड़ आए, जिसमें सोनम, राज, विशाल और अन्य आरोपियों के पकड़ाने के बाद मददगारों के नाम खुलते गए। शिलोम और लोकेंद्र के नाम भी उन मददगारों में शामिल हुए हैं। शिलोम की निशानदेही पर लोकेंद्र को आरोपी बनाया। सामने आने के बाद शिलोम ने पिस्टल और रुपए की जानकारी दी। शिलॉन्ग में जब शिलोम की रिमांड लेकर पूछताछ हुई तो जेवर, लैपटॉप और पेन ड्राइव के रतलाम में होने की बात सामने आई। पुलिस के लिए ये चीजें हत्याकांड के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए दूसरा आधार बनीं। इन सभी सबूतों को लेकर मेघालय पुलिस दूसरी बार इंदौर से रवाना हो गई है। हवाला कारोबार के खुल सकते हैं राज
सोनम ने सबसे पहले हवाला के जरिए ही 50 हजार का भुगतान राज को कराया था। इसमें पीथमपुर के एक व्यापारी का नाम सामने आया। सोनम का भाई गोविंद इस बात से इनकार करते रहा, लेकिन बाद में सोनम ने शिलॉन्ग पुलिस की पूछताछ में कई राज खोले, जो सबूत के तौर पर केस फाइल में कोर्ट में पेश किए जाएंगे। सोनम हवाला कारोबार में सक्रिय थी। उसके लैपटॉप और पेन ड्राइव में कई तरह की जानकारी है। शिलोम की पत्नी ने लोकेंद्र पर लगाए आरोप
शिलोम जेम्स की पत्नी सोनाली ने भी लोकेंद्र पर ही आरोप लगाए हैं। उसका कहना था कि लोकेंद्र के कहने पर वहां से शिलोम ने बैग हटाया और सबूतों को अलग-अलग जगह पर रखा। शिलोम पुलिस ने रतलाम में उसके बयान भी लिए थे। हालांकि, लोकेंद्र इस बात से पहले से इनकार करता आया है। लोकेंद्र का कहना था कि बिल्डिंग उसने किराए पर दी थी। शिलोम ने फ्लैट में क्या किया, इसकी जानकारी नहीं है। सोनम और राज के पकड़ाने के बाद उसे शिलोम ने फ्लैट किराए की जानकारी दी थी। तब उसने कहां था कि वह देख ले किसी तरह से बिल्डिंग पर बात नहीं आना चाहिए। राजा की चेन और सोनम का मंगलसूत्र पहचाना
राजा रघुवंशी के भाई विपिन को 29 और 30 जून को क्राइम ब्रांच के थाने बुलाया गया। उसके बयान हुए। उसने राजा की चेन ओर सोनम के मंगलसूत्र की पहचान की। विपिन को बतौर इस मामले में गवाह बनाया है। मेघालय पुलिस विपिन को शिनाख्त के लिए शिलॉन्ग बुला सकती है। पहले भी राजा के शव ओर कपड़ों की पहचान विपिन ने की थी। विपिन ने कहा- सभी आरोप झूठे हैं
विपिन रघुवंशी ने उन पर आरोप लगाने वाली महिला को गलत बताया। राजा के केस में परिवार को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक करेंगे जो इस साजिश में शामिल हैं। विपिन ने बताया कि उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके भाई सचिन रघुवंशी कब जेल गए थे। राजा की गर्लफ्रेंड की बात को भी उन्होंने गलत बताया है। राजा हत्याकांड के बारे में शरुआत से जानिए, कौन हैं आरोपी और केस में अब तक क्या हुआ… यह खबर भी पढ़ें… शिलोम के ससुराल से सोनम का लैपटॉप और गहने मिले इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी मर्डर केस की जांच में जुटी शिलॉन्ग पुलिस की एसआईटी एक बार फिर मध्यप्रदेश में है। एसआईटी की टीम ने शिलोम जेम्स के इंदौर स्थित घर और रतलाम स्थित ससुराल में तलाशी ली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
राजा रघुवंशी मर्डर केस में इंदौर के आरोपी कॉन्ट्रैक्टर-ब्रोकर शिलोम जेम्स को लेकर शिलॉन्ग पुलिस दूसरी बार सबूतों के साथ रवाना हो गई। इस बार पुलिस के हाथ सोनम के जेवर, लैपटॉप और एक पेन ड्राइव लगी है, जिसमें सोनम के बिजनेस के डिजिटल एविडेंस हैं। शिलॉन्ग पुलिस को शंका है कि शिलोम ने लालच में आकर राज और सोनम के कहने पर पूरे सबूत मिटाए थे। ऐसे में पुलिस उसकी रिमांड बढ़ाने की अपील कर सकती है। वहीं, शिलॉन्ग पुलिस ने केस में अभी और आरोपी बढ़ने की बात से इनकार भी नहीं किया है। राजा रघुवंशी हत्याकांड में कई तरह के मोड़ आए, जिसमें सोनम, राज, विशाल और अन्य आरोपियों के पकड़ाने के बाद मददगारों के नाम खुलते गए। शिलोम और लोकेंद्र के नाम भी उन मददगारों में शामिल हुए हैं। शिलोम की निशानदेही पर लोकेंद्र को आरोपी बनाया। सामने आने के बाद शिलोम ने पिस्टल और रुपए की जानकारी दी। शिलॉन्ग में जब शिलोम की रिमांड लेकर पूछताछ हुई तो जेवर, लैपटॉप और पेन ड्राइव के रतलाम में होने की बात सामने आई। पुलिस के लिए ये चीजें हत्याकांड के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए दूसरा आधार बनीं। इन सभी सबूतों को लेकर मेघालय पुलिस दूसरी बार इंदौर से रवाना हो गई है। हवाला कारोबार के खुल सकते हैं राज
सोनम ने सबसे पहले हवाला के जरिए ही 50 हजार का भुगतान राज को कराया था। इसमें पीथमपुर के एक व्यापारी का नाम सामने आया। सोनम का भाई गोविंद इस बात से इनकार करते रहा, लेकिन बाद में सोनम ने शिलॉन्ग पुलिस की पूछताछ में कई राज खोले, जो सबूत के तौर पर केस फाइल में कोर्ट में पेश किए जाएंगे। सोनम हवाला कारोबार में सक्रिय थी। उसके लैपटॉप और पेन ड्राइव में कई तरह की जानकारी है। शिलोम की पत्नी ने लोकेंद्र पर लगाए आरोप
शिलोम जेम्स की पत्नी सोनाली ने भी लोकेंद्र पर ही आरोप लगाए हैं। उसका कहना था कि लोकेंद्र के कहने पर वहां से शिलोम ने बैग हटाया और सबूतों को अलग-अलग जगह पर रखा। शिलोम पुलिस ने रतलाम में उसके बयान भी लिए थे। हालांकि, लोकेंद्र इस बात से पहले से इनकार करता आया है। लोकेंद्र का कहना था कि बिल्डिंग उसने किराए पर दी थी। शिलोम ने फ्लैट में क्या किया, इसकी जानकारी नहीं है। सोनम और राज के पकड़ाने के बाद उसे शिलोम ने फ्लैट किराए की जानकारी दी थी। तब उसने कहां था कि वह देख ले किसी तरह से बिल्डिंग पर बात नहीं आना चाहिए। राजा की चेन और सोनम का मंगलसूत्र पहचाना
राजा रघुवंशी के भाई विपिन को 29 और 30 जून को क्राइम ब्रांच के थाने बुलाया गया। उसके बयान हुए। उसने राजा की चेन ओर सोनम के मंगलसूत्र की पहचान की। विपिन को बतौर इस मामले में गवाह बनाया है। मेघालय पुलिस विपिन को शिनाख्त के लिए शिलॉन्ग बुला सकती है। पहले भी राजा के शव ओर कपड़ों की पहचान विपिन ने की थी। विपिन ने कहा- सभी आरोप झूठे हैं
विपिन रघुवंशी ने उन पर आरोप लगाने वाली महिला को गलत बताया। राजा के केस में परिवार को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक करेंगे जो इस साजिश में शामिल हैं। विपिन ने बताया कि उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके भाई सचिन रघुवंशी कब जेल गए थे। राजा की गर्लफ्रेंड की बात को भी उन्होंने गलत बताया है। राजा हत्याकांड के बारे में शरुआत से जानिए, कौन हैं आरोपी और केस में अब तक क्या हुआ… यह खबर भी पढ़ें… शिलोम के ससुराल से सोनम का लैपटॉप और गहने मिले इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी मर्डर केस की जांच में जुटी शिलॉन्ग पुलिस की एसआईटी एक बार फिर मध्यप्रदेश में है। एसआईटी की टीम ने शिलोम जेम्स के इंदौर स्थित घर और रतलाम स्थित ससुराल में तलाशी ली। पूरी खबर यहां पढ़ें…