पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा पकड़े गए BSF के कॉन्स्टेबल पीके साव की गर्भवती पत्नी रजनी फिरोजपुर पहुंच गई हैं। मंगलवार को वह अपने बेटे और रिश्तेदारों के साथ पश्चिम बंगाल के हुगली से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचीं। यहां से अधिकारी उन्हें फिरोजपुर ले गए। रजनी BSF के अधिकारियों से पति को वापस लाने में मदद करने की गुहार लगाने आई हैं। वहीं दूसरी तरफ, BSF ने पाकिस्तान रेंजर्स के साथ एक विरोध दर्ज कराया है, जिसमें एक सप्ताह पहले गलती से सीमा पार कर गए एक जवान को पकड़े जाने का मामला है। यह जवान पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) को अनजाने में पार कर गया था। चंडीगढ़ पहुंचने से पहले बंगाल में रजनी ने कहा था- मुझे पंजाब जाना होगा। मैं यहां बैठकर इंतजार नहीं कर सकती। गर्भवती होने के कारण परिवार ने मुझे भेजने से मना कर दिया। मेडिकल चेकअप के बाद मुझे फ्लाइट में भेजने की परमिशन मिली। दरअसल, 23 अप्रैल को पीके साव गलती से जीरो लाइन क्रॉस कर गए थे। तभी पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया। अभी तक दोनों देश के अधिकारियों के बीच 3 फ्लैग मीटिंग हो चुकी हैं, लेकिन उनकी रिहाई नहीं की गई। पाकिस्तानी रेंजर्स का कहना है कि जब तक उन्हें हाई कमांड से निर्देश नहीं मिलते, वे जवान को रिहा नहीं कर सकते। BSF जवान के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, जानिए… टीवी पर न्यूज देख परिवार को पता चला
पीके साव का पूरा नाम पूर्णव कुमार साव है। उनके परिवार में मां देवंती देवी, पिता भोलानाथ, पत्नी रजनी, भाई श्याम सुंदर हैं। पूर्णव को BSF जॉइन किए 17 साल हो गए हैं। उनकी पत्नी रजनी प्रेग्नेंट हैं। पूर्णव के बड़े भाई श्याम सुंदर ने बताया कि ‘मेरे एक दोस्त का फोन आया था। उसने कहा कि टीवी पर पूर्णव की खबर चल रही है। मैंने टीवी ऑन किया, तो देखा कि उसे पाकिस्तान के रेंजर्स ने पकड़ लिया है। हम बहुत घबरा गए। BSF या सरकार की तरफ से कोई बात नहीं की गई। अगले दिन हमारे समाज के अध्यक्ष विजय मिश्रा ने सांसद कल्याण बनर्जी से बात की। कल्याण बनर्जी ने मुझे कॉल किया। उन्होंने कहा कि पूर्णव को भारत लाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से बात की है।’
पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा पकड़े गए BSF के कॉन्स्टेबल पीके साव की गर्भवती पत्नी रजनी फिरोजपुर पहुंच गई हैं। मंगलवार को वह अपने बेटे और रिश्तेदारों के साथ पश्चिम बंगाल के हुगली से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचीं। यहां से अधिकारी उन्हें फिरोजपुर ले गए। रजनी BSF के अधिकारियों से पति को वापस लाने में मदद करने की गुहार लगाने आई हैं। वहीं दूसरी तरफ, BSF ने पाकिस्तान रेंजर्स के साथ एक विरोध दर्ज कराया है, जिसमें एक सप्ताह पहले गलती से सीमा पार कर गए एक जवान को पकड़े जाने का मामला है। यह जवान पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) को अनजाने में पार कर गया था। चंडीगढ़ पहुंचने से पहले बंगाल में रजनी ने कहा था- मुझे पंजाब जाना होगा। मैं यहां बैठकर इंतजार नहीं कर सकती। गर्भवती होने के कारण परिवार ने मुझे भेजने से मना कर दिया। मेडिकल चेकअप के बाद मुझे फ्लाइट में भेजने की परमिशन मिली। दरअसल, 23 अप्रैल को पीके साव गलती से जीरो लाइन क्रॉस कर गए थे। तभी पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया। अभी तक दोनों देश के अधिकारियों के बीच 3 फ्लैग मीटिंग हो चुकी हैं, लेकिन उनकी रिहाई नहीं की गई। पाकिस्तानी रेंजर्स का कहना है कि जब तक उन्हें हाई कमांड से निर्देश नहीं मिलते, वे जवान को रिहा नहीं कर सकते। BSF जवान के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, जानिए… टीवी पर न्यूज देख परिवार को पता चला
पीके साव का पूरा नाम पूर्णव कुमार साव है। उनके परिवार में मां देवंती देवी, पिता भोलानाथ, पत्नी रजनी, भाई श्याम सुंदर हैं। पूर्णव को BSF जॉइन किए 17 साल हो गए हैं। उनकी पत्नी रजनी प्रेग्नेंट हैं। पूर्णव के बड़े भाई श्याम सुंदर ने बताया कि ‘मेरे एक दोस्त का फोन आया था। उसने कहा कि टीवी पर पूर्णव की खबर चल रही है। मैंने टीवी ऑन किया, तो देखा कि उसे पाकिस्तान के रेंजर्स ने पकड़ लिया है। हम बहुत घबरा गए। BSF या सरकार की तरफ से कोई बात नहीं की गई। अगले दिन हमारे समाज के अध्यक्ष विजय मिश्रा ने सांसद कल्याण बनर्जी से बात की। कल्याण बनर्जी ने मुझे कॉल किया। उन्होंने कहा कि पूर्णव को भारत लाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से बात की है।’