मेडिकल वीजा पर भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वापस लौटने का आज आखिरी दिन है। इसके बाद भी भारत न छोड़ने वाले पाकिस्तानियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार के 27 अप्रैल के नोटिस के मुताबिक जो पाकिस्तानी तय डेडलाइन तक भारत नहीं छोड़ेंगे उन्हें गिरफ्तार कर केस चलाया जाएगा। उनको तीन साल जेल या तीन लाख रुपए जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं। हालांकि, पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स और लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) होल्डर्स के वीजा मान्य रहेंगे। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 23 अप्रैल को बताया था कि पाकिस्तानी नागरिकों 14 कैटेगरी में दिए गए वीजा रद्द किए जा रहे हैं। 12 कैटेगरीज के वीजाधारकों को 25 अप्रैल, SAARC वीजाधारकों को 26 अप्रैल और मेडिकल वीजा वालों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया था। बाद में 12 कैटेगरीज के वीजा होल्डर्स के लिए भारत छोड़ने की समयसीमा बढ़ाकर 27 अप्रैल कर दी गई थी। इसके अलावा पाकिस्तान हाई कमीशन के डिफेंस, नेवी और एयरफोर्स के डिप्लोमैट्स को ‘अन वॉन्टेड पर्सन’ घोषित किया गया है। इन्हें 30 अप्रैल तक भारत छोड़ना होगा। जानिए, वीजा की 14 कैटेगरी… हरियाणा में अभी तक 710 में से सिर्फ 72 ही पाकिस्तान लौटे पहलगाम आतंकी हमले से पहले एक महीने के भीतर 250 पाकिस्तानी हरियाणा में आए। इसका खुलासा प्रदेश की CID की रिपोर्ट से हुआ है। CID को इनकी लोकेशन हिसार, रोहतक, फरीदाबाद, गुरुग्राम व नूंह जिलों में मिली है। जिसे कार्रवाई के लिए सरकार को सौंपा गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक 460 पाकिस्तानी लंबे समय से हरियाणा में रह रहे हैं। पिछले महीने आए पाकिस्तानियों को मिलाकर प्रदेश में 710 पाकिस्तानी थे। इनमें से अभी तक 72 ही पाकिस्तान लौटे हैं। इसके बाद अब पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है। टीमें अब इन पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश कर रही हैं, ताकि पकड़कर उनके वतन भेजा जा सके। गुजरात में 6500 से ज्यादा हिरासत में, बांग्लादेशी होने का शक
सोमवार तक 800 पाकिस्तानी भारत छोड़ चुके हैं, जबकि एक हजार भारतीय नागरिक पाकिस्तान से वापस आ चुके हैं। इसके अलावा बांग्लादेशियों की धरपकड़ भी जारी है। सभी राज्यों की इंटेलिजेंस एजेंसी एक्टिव हैं। गुजरात में अबतक 1700 से ज्यादा बांग्लादेशी हिरासत में लिए जा चुके हैं। वहीं, करीब 6500 को बांग्लादेशी होने के शक के आधार पर हिरासत में लिया गया है। छत्तीसगढ़ में पाकिस्तानी भाई-बहन को हिरासत में लिया गया है। इनके पास वैध पासपोर्ट और लॉन्ग टर्म वीजा था, लेकिन फर्जी वोटर कार्ड बनवाया था। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। राजस्थान के बाड़मेर में 26 अप्रैल को एक पाकिस्तानी हिंदू परिवार की 6 महिलाएं, 5 बच्चे और 7 पुरुष DM ऑफिस पहुंचकर वापस पाकिस्तान न भेजने की गुहार लगाई। परिवार ने कहा कि हमारा 45 दिन का वीजा है, लेकिन हम वापस नहीं लौटना चाहते। हमारे पास जो कुछ था, उसे वहां देकर यहां आए हैं। हमें वापस मत भेजिए। बच्चे भी अब यही रहना चाहते हैं। ——————————————————– मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पाकिस्तानियों का वीजा आज खत्म, भारत नहीं छोड़ा तो क्या होगा; सीमा हैदर जैसों का क्या होगा पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानियों को देश छोड़ने के लिए आज यानी 27 अप्रैल की डेडलाइन रखी गई है। डेडलाइन के बाद भी भारत में बचे पाकिस्तानियों का क्या होगा और सीमा हैदर जैसों के साथ क्या करेगी सरकार। पूरी खबर पढ़ें… वापस भेजे जा रहे पाकिस्तानी, 5 कहानियां; बच्चों से बिछड़ते हुए रोईं सना, तो मिली राहत भारत सरकार के फैसले से देशभर में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपनों से बिछड़ने का दर्द ऐसा कि एक मां को अपने 3 साल के बच्चे को पाकिस्तान भेजना पड़ा। वहीं 35 साल से भारत में रहने वाली एक महिला को अब अपने परिवार बच्चों को छोड़कर पाकिस्तान जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
मेडिकल वीजा पर भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वापस लौटने का आज आखिरी दिन है। इसके बाद भी भारत न छोड़ने वाले पाकिस्तानियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार के 27 अप्रैल के नोटिस के मुताबिक जो पाकिस्तानी तय डेडलाइन तक भारत नहीं छोड़ेंगे उन्हें गिरफ्तार कर केस चलाया जाएगा। उनको तीन साल जेल या तीन लाख रुपए जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं। हालांकि, पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स और लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) होल्डर्स के वीजा मान्य रहेंगे। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 23 अप्रैल को बताया था कि पाकिस्तानी नागरिकों 14 कैटेगरी में दिए गए वीजा रद्द किए जा रहे हैं। 12 कैटेगरीज के वीजाधारकों को 25 अप्रैल, SAARC वीजाधारकों को 26 अप्रैल और मेडिकल वीजा वालों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया था। बाद में 12 कैटेगरीज के वीजा होल्डर्स के लिए भारत छोड़ने की समयसीमा बढ़ाकर 27 अप्रैल कर दी गई थी। इसके अलावा पाकिस्तान हाई कमीशन के डिफेंस, नेवी और एयरफोर्स के डिप्लोमैट्स को ‘अन वॉन्टेड पर्सन’ घोषित किया गया है। इन्हें 30 अप्रैल तक भारत छोड़ना होगा। जानिए, वीजा की 14 कैटेगरी… हरियाणा में अभी तक 710 में से सिर्फ 72 ही पाकिस्तान लौटे पहलगाम आतंकी हमले से पहले एक महीने के भीतर 250 पाकिस्तानी हरियाणा में आए। इसका खुलासा प्रदेश की CID की रिपोर्ट से हुआ है। CID को इनकी लोकेशन हिसार, रोहतक, फरीदाबाद, गुरुग्राम व नूंह जिलों में मिली है। जिसे कार्रवाई के लिए सरकार को सौंपा गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक 460 पाकिस्तानी लंबे समय से हरियाणा में रह रहे हैं। पिछले महीने आए पाकिस्तानियों को मिलाकर प्रदेश में 710 पाकिस्तानी थे। इनमें से अभी तक 72 ही पाकिस्तान लौटे हैं। इसके बाद अब पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है। टीमें अब इन पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश कर रही हैं, ताकि पकड़कर उनके वतन भेजा जा सके। गुजरात में 6500 से ज्यादा हिरासत में, बांग्लादेशी होने का शक
सोमवार तक 800 पाकिस्तानी भारत छोड़ चुके हैं, जबकि एक हजार भारतीय नागरिक पाकिस्तान से वापस आ चुके हैं। इसके अलावा बांग्लादेशियों की धरपकड़ भी जारी है। सभी राज्यों की इंटेलिजेंस एजेंसी एक्टिव हैं। गुजरात में अबतक 1700 से ज्यादा बांग्लादेशी हिरासत में लिए जा चुके हैं। वहीं, करीब 6500 को बांग्लादेशी होने के शक के आधार पर हिरासत में लिया गया है। छत्तीसगढ़ में पाकिस्तानी भाई-बहन को हिरासत में लिया गया है। इनके पास वैध पासपोर्ट और लॉन्ग टर्म वीजा था, लेकिन फर्जी वोटर कार्ड बनवाया था। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। राजस्थान के बाड़मेर में 26 अप्रैल को एक पाकिस्तानी हिंदू परिवार की 6 महिलाएं, 5 बच्चे और 7 पुरुष DM ऑफिस पहुंचकर वापस पाकिस्तान न भेजने की गुहार लगाई। परिवार ने कहा कि हमारा 45 दिन का वीजा है, लेकिन हम वापस नहीं लौटना चाहते। हमारे पास जो कुछ था, उसे वहां देकर यहां आए हैं। हमें वापस मत भेजिए। बच्चे भी अब यही रहना चाहते हैं। ——————————————————– मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पाकिस्तानियों का वीजा आज खत्म, भारत नहीं छोड़ा तो क्या होगा; सीमा हैदर जैसों का क्या होगा पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानियों को देश छोड़ने के लिए आज यानी 27 अप्रैल की डेडलाइन रखी गई है। डेडलाइन के बाद भी भारत में बचे पाकिस्तानियों का क्या होगा और सीमा हैदर जैसों के साथ क्या करेगी सरकार। पूरी खबर पढ़ें… वापस भेजे जा रहे पाकिस्तानी, 5 कहानियां; बच्चों से बिछड़ते हुए रोईं सना, तो मिली राहत भारत सरकार के फैसले से देशभर में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपनों से बिछड़ने का दर्द ऐसा कि एक मां को अपने 3 साल के बच्चे को पाकिस्तान भेजना पड़ा। वहीं 35 साल से भारत में रहने वाली एक महिला को अब अपने परिवार बच्चों को छोड़कर पाकिस्तान जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…