केरल के कोझिकोड और वायनाड जिले के बीच फोर लेन टनल प्रोजेक्ट टाला गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक्सपर्ट पैनल ने सोमवार को प्रोजेक्ट को परमिशन देने से इनकार कर दिया। मंत्रालय ने इस पर और विचार करने की बात कही है। मंत्रालय के कहा, ‘यह टनल पश्चिमी घाटों और वायनाड में पिछले साल आए लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों के पास से गुजरती है। यदि टनल बनती है तो पर्यावरण पर बुरा असर पड़ सकता है।’ प्रोजेक्ट के तहत वो गांव भी आते हैं, जिन्हें पश्चिमी घाट में पर्यावरण के नजरिए से सेंसिटिव माना गया है। यानी इन जगहों का पर्यावरण की स्थिति बहुत ही नाजुक है और इनका संरक्षण जरूरी है। दरअसल, 29 जुलाई 2024 को केरल के वायनाड जिले के चूरलमाला-मुंडक्कई में लैंडस्लाइड आया था, जिसमें कई गांव बह गए थे। हादसे में 400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। केंद्रीय एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) ने कहा है कि सुरंग का रास्ता ऐसे इलाकों से होकर गुजरता है जो लैंडस्लाइड के लिहाज से बहुत ज्यादा सेंसिटिव है। इस इलाके में 2019 और 2024 के बीच कई विनाशकारी लैंडस्लाइड हुए थे। इसी वजह से निर्माण के समय और बाद में सावधानी बरतने की जरूरत है। जिससे निर्माण के दौरान कंपन से लैंडस्लाइड ना हो। स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी से मिली थी मंजूरी मार्च में स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (SEAC) ने 8.75 किलोमीटर लंबे टनल को मंजूरी दे दी थी। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बड़े प्रोजेक्ट के लिए राज्य की परमिशन लेना जरूरी है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि अब केंद्रीय एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कर रही है, क्योंकि अंतिम मंजूरी देने वाले SEAC के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए SEAC की शर्तें 2 हजार 134 करोड़ है प्रोजेक्ट का बजट केरल सरकार ने दो मौजूदा सड़कों- अनक्कमपोइल-मुथप्पनपुझा-मरिपुझा सड़क और मेप्पाडी-कल्लाडी-चूरलमाला सड़क को चार लेन वाली सुरंग सड़क से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना की लागत 2,134 करोड़ रुपए है। सरकार का कहना है कि इस टनल के बनने से राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके साथ ही उत्तरी केरल में यात्रा आसान होगी और कर्नाटक के साथ इंटर-स्टेट कनेक्शन भी बेहतर होगा। प्रोजेक्ट से होने वाले असर का पूरी तरह आकलन हो- EAC EAC ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से होने वाले सभी असर का सही और पूरा आकलन करना जरूरी है। इसके लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए और ऐसे दूसरे प्रोजेक्ट पर हुई रिसर्च और जानकारी को भी ध्यान में रखना चाहिए। —————————— ये खबर भी पढ़ें…. वायनाड लैंडस्लाइड- राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से केंद्र का इनकार:प्रियंका बोलीं- BJP राजनीति कर रही; आपदा में 400 से ज्यादा मौतें हुई थीं केंद्र ने वायनाड लैंडस्लाइड को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से इनकार कर दिया है। इसको लेकर 10 नवंबर को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल सरकार को लेटर लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि SDRF-NDRF के मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
केरल के कोझिकोड और वायनाड जिले के बीच फोर लेन टनल प्रोजेक्ट टाला गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक्सपर्ट पैनल ने सोमवार को प्रोजेक्ट को परमिशन देने से इनकार कर दिया। मंत्रालय ने इस पर और विचार करने की बात कही है। मंत्रालय के कहा, ‘यह टनल पश्चिमी घाटों और वायनाड में पिछले साल आए लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों के पास से गुजरती है। यदि टनल बनती है तो पर्यावरण पर बुरा असर पड़ सकता है।’ प्रोजेक्ट के तहत वो गांव भी आते हैं, जिन्हें पश्चिमी घाट में पर्यावरण के नजरिए से सेंसिटिव माना गया है। यानी इन जगहों का पर्यावरण की स्थिति बहुत ही नाजुक है और इनका संरक्षण जरूरी है। दरअसल, 29 जुलाई 2024 को केरल के वायनाड जिले के चूरलमाला-मुंडक्कई में लैंडस्लाइड आया था, जिसमें कई गांव बह गए थे। हादसे में 400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। केंद्रीय एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) ने कहा है कि सुरंग का रास्ता ऐसे इलाकों से होकर गुजरता है जो लैंडस्लाइड के लिहाज से बहुत ज्यादा सेंसिटिव है। इस इलाके में 2019 और 2024 के बीच कई विनाशकारी लैंडस्लाइड हुए थे। इसी वजह से निर्माण के समय और बाद में सावधानी बरतने की जरूरत है। जिससे निर्माण के दौरान कंपन से लैंडस्लाइड ना हो। स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी से मिली थी मंजूरी मार्च में स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (SEAC) ने 8.75 किलोमीटर लंबे टनल को मंजूरी दे दी थी। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बड़े प्रोजेक्ट के लिए राज्य की परमिशन लेना जरूरी है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि अब केंद्रीय एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी (EAC) प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कर रही है, क्योंकि अंतिम मंजूरी देने वाले SEAC के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए SEAC की शर्तें 2 हजार 134 करोड़ है प्रोजेक्ट का बजट केरल सरकार ने दो मौजूदा सड़कों- अनक्कमपोइल-मुथप्पनपुझा-मरिपुझा सड़क और मेप्पाडी-कल्लाडी-चूरलमाला सड़क को चार लेन वाली सुरंग सड़क से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना की लागत 2,134 करोड़ रुपए है। सरकार का कहना है कि इस टनल के बनने से राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके साथ ही उत्तरी केरल में यात्रा आसान होगी और कर्नाटक के साथ इंटर-स्टेट कनेक्शन भी बेहतर होगा। प्रोजेक्ट से होने वाले असर का पूरी तरह आकलन हो- EAC EAC ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से होने वाले सभी असर का सही और पूरा आकलन करना जरूरी है। इसके लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए और ऐसे दूसरे प्रोजेक्ट पर हुई रिसर्च और जानकारी को भी ध्यान में रखना चाहिए। —————————— ये खबर भी पढ़ें…. वायनाड लैंडस्लाइड- राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से केंद्र का इनकार:प्रियंका बोलीं- BJP राजनीति कर रही; आपदा में 400 से ज्यादा मौतें हुई थीं केंद्र ने वायनाड लैंडस्लाइड को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से इनकार कर दिया है। इसको लेकर 10 नवंबर को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल सरकार को लेटर लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि SDRF-NDRF के मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…