तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी और के पोनमुडी ने एम के स्टालिन की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है।राज्यपाल आरएन रवि ने दोनों का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। राजभवन ने एक बयान में बताया कि राज्यपाल ने मुख्यमंत्री स्टालिन की सिफारिश मानते हुए एक्शन लिया। ED की जांच का सामना कर रहे सेंथिल बालाजी से बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पद और स्वतंत्रता के बीच चुनाव करने को कहा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर वह मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। जबकि पोनमुडी ने एक सेक्स वर्कर को लेकर शैव-वैष्णव तिलक पर की गई टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया था। बाद में मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में एक्शन लेते हुए पुलिस से पोनमुडी के खिलाफ FIR दर्ज करने कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी को चेतावनी क्यों दी… ED के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 26 सितंबर 2024 को जमानत दे दी थी। इसके 3 दिन बाद 29 सितंबर 2024 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने उन्हें दोबारा मंत्री बना दिया। इसी बात पर सुप्रीम कोर्ट नाराज है। जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ए.जी. मसीह की बेंच ने कहा कि बालाजी को जमानत इसलिए दी गई थी क्योंकि उन्होंने वादा किया था कि वो मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। कोर्ट का कहना है कि अगर बालाजी मंत्री बने रहते हैं, तो वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए कोर्ट ने कहा है कि अगर वे मंत्री बने रहे तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। पोनमुडी के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के वन मंत्री के पोनमुडी से शैव, वैष्णव और सामान्य रूप से महिलाओं के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अश्लील कमेंट करने पर सवाल किया। कोर्ट ने यह जानना चाहा कि तमिलनाडु पुलिस ने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की है। जज ने कहा था कि ऐसा लगता है कि मंत्री ने पूरे होश-ओ-हवाश में ये बातें कही थीं। ऐसा नहीं लगता कि उनकी जुबान फिसली थी जो उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर पूरे मामले को दरकिनार कर दिया। मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को चेतावनी दी है कि या तो तमिलनाडु के मंत्री पोनमुडी के खिलाफ FIR दर्ज करें या अवमानना का सामना करें। हालांकि विवादित बयान सामने आने के बाद DMK ने मंत्री पोनमुडी को पार्टी उपमहासचिव पद से हटा दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर… वह बयान जिस पर विवाद हुआ… एक इवेंट के दौरान पोनमुडी को यह कहते सुना गया था कि महिलाएं, प्लीज इसे मत समझिएगा। एक आदमी सेक्स वर्कर के पास गया। महिला ने आदमी से पूछा कि वह शैव है या वैष्णव। वह आदमी नहीं समझा तो महिला ने उससे पूछा कि क्या वह पट्टई (आड़ा तिलक, जो शैव लगाते हैं) लगाता है या नामम (सीधा तिलक, जो वैष्णव लगाते हैं) लगाता है। महिला उसे समझाती है कि अगर आप शैव हैं तो स्थिति लेटी हुई है। अगर वैष्णव हैं तो खड़ी स्थिति हुई। फेरबदल के बाद नए मंत्रियों की शपथ सोमवार को कैबिनेट में हुए इस बदलाव के बाद तमिलनाडु में परिवहन मंत्री एसएस शिवशंकर सेंथिल बालाजी के पास मौजूद बिजली विभाग संभालेंगे। आवास मंत्री एस मुथुसामी को आबकारी और निषेध विभाग दिया गया है, जो सेंथिल बालाजी के पास ही था। आर एस राजकन्नप्पन को उनके मौजूदा दूध और डेयरी विकास विभाग के अलावा पोनमुडी के वन और खादी विभाग दिए गए हैं। राज्यपाल ने पद्मनाभपुरम के विधायक टी मनो थंगराज को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मुख्यमंत्री की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। मंत्रिमंडल के पिछले फेरबदल में उन्हें हटा दिया गया था। सोमवार को शाम 6 बजे थंगराज को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट में बदलाव डीएमके के लिए झटका दोनों मंत्रियों के इस्तीफे और कैबिनेट में बदलाव को लेकर यह माना जा रहा है कि यह स्टालिन और डीएमके लिए बड़ा झटका है। दरअसल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव अप्रैल–मई 2026 में होने की संभावना है। इस चुनाव में राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी। स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं, और उनकी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सत्तारूढ़ गठबंधन सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) का नेतृत्व कर रही है। अप्रैल 2025 में, AIADMK और BJP ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन की घोषणा की है, जिसमें एडप्पादी के. पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी और के पोनमुडी ने एम के स्टालिन की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है।राज्यपाल आरएन रवि ने दोनों का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। राजभवन ने एक बयान में बताया कि राज्यपाल ने मुख्यमंत्री स्टालिन की सिफारिश मानते हुए एक्शन लिया। ED की जांच का सामना कर रहे सेंथिल बालाजी से बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पद और स्वतंत्रता के बीच चुनाव करने को कहा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर वह मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। जबकि पोनमुडी ने एक सेक्स वर्कर को लेकर शैव-वैष्णव तिलक पर की गई टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया था। बाद में मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में एक्शन लेते हुए पुलिस से पोनमुडी के खिलाफ FIR दर्ज करने कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी को चेतावनी क्यों दी… ED के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 26 सितंबर 2024 को जमानत दे दी थी। इसके 3 दिन बाद 29 सितंबर 2024 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने उन्हें दोबारा मंत्री बना दिया। इसी बात पर सुप्रीम कोर्ट नाराज है। जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ए.जी. मसीह की बेंच ने कहा कि बालाजी को जमानत इसलिए दी गई थी क्योंकि उन्होंने वादा किया था कि वो मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। कोर्ट का कहना है कि अगर बालाजी मंत्री बने रहते हैं, तो वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए कोर्ट ने कहा है कि अगर वे मंत्री बने रहे तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। पोनमुडी के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के वन मंत्री के पोनमुडी से शैव, वैष्णव और सामान्य रूप से महिलाओं के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अश्लील कमेंट करने पर सवाल किया। कोर्ट ने यह जानना चाहा कि तमिलनाडु पुलिस ने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की है। जज ने कहा था कि ऐसा लगता है कि मंत्री ने पूरे होश-ओ-हवाश में ये बातें कही थीं। ऐसा नहीं लगता कि उनकी जुबान फिसली थी जो उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर पूरे मामले को दरकिनार कर दिया। मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को चेतावनी दी है कि या तो तमिलनाडु के मंत्री पोनमुडी के खिलाफ FIR दर्ज करें या अवमानना का सामना करें। हालांकि विवादित बयान सामने आने के बाद DMK ने मंत्री पोनमुडी को पार्टी उपमहासचिव पद से हटा दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर… वह बयान जिस पर विवाद हुआ… एक इवेंट के दौरान पोनमुडी को यह कहते सुना गया था कि महिलाएं, प्लीज इसे मत समझिएगा। एक आदमी सेक्स वर्कर के पास गया। महिला ने आदमी से पूछा कि वह शैव है या वैष्णव। वह आदमी नहीं समझा तो महिला ने उससे पूछा कि क्या वह पट्टई (आड़ा तिलक, जो शैव लगाते हैं) लगाता है या नामम (सीधा तिलक, जो वैष्णव लगाते हैं) लगाता है। महिला उसे समझाती है कि अगर आप शैव हैं तो स्थिति लेटी हुई है। अगर वैष्णव हैं तो खड़ी स्थिति हुई। फेरबदल के बाद नए मंत्रियों की शपथ सोमवार को कैबिनेट में हुए इस बदलाव के बाद तमिलनाडु में परिवहन मंत्री एसएस शिवशंकर सेंथिल बालाजी के पास मौजूद बिजली विभाग संभालेंगे। आवास मंत्री एस मुथुसामी को आबकारी और निषेध विभाग दिया गया है, जो सेंथिल बालाजी के पास ही था। आर एस राजकन्नप्पन को उनके मौजूदा दूध और डेयरी विकास विभाग के अलावा पोनमुडी के वन और खादी विभाग दिए गए हैं। राज्यपाल ने पद्मनाभपुरम के विधायक टी मनो थंगराज को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मुख्यमंत्री की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। मंत्रिमंडल के पिछले फेरबदल में उन्हें हटा दिया गया था। सोमवार को शाम 6 बजे थंगराज को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट में बदलाव डीएमके के लिए झटका दोनों मंत्रियों के इस्तीफे और कैबिनेट में बदलाव को लेकर यह माना जा रहा है कि यह स्टालिन और डीएमके लिए बड़ा झटका है। दरअसल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव अप्रैल–मई 2026 में होने की संभावना है। इस चुनाव में राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी। स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं, और उनकी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सत्तारूढ़ गठबंधन सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) का नेतृत्व कर रही है। अप्रैल 2025 में, AIADMK और BJP ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन की घोषणा की है, जिसमें एडप्पादी के. पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…