पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले सुशील नथानियल की अंतिम यात्रा जूनी इंदौर कब्रिस्तान पहुंच गई है। यहां ईसाई रीति रिवाज से उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। इससे पहले सुशील की अंतिम यात्रा वीणा नगर स्थित उनके घर B 68 से शुरू हुई। इसमें परिजन, रिश्तेदार, सहकर्मी और पड़ोसी साथ रहे। पार्थिव शरीर विशेष वाहन में नंदा नगर चर्च पहुंचाया गया। यहां प्रार्थना के बाद कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ। अंतिम यात्रा से पहले सुशील के घर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पत्नी जेनिफर उनके ताबूत से लिपटकर रोईं। पिता बदहवास नजर आए। ये दृश्य देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। सुशील को श्रद्धांजलि देने मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला सहित कई राजनीतिक-सामाजिक हस्तियां पहुंची। अंतिम यात्रा में शामिल सुशील के सहकर्मियों ने कहा- 2019 में पुलवामा हमले के बाद यह सबसे बड़ी घटना है। सरकार को आतंकियों से सुशील की मौत का बदला लेना होगा।
देखिए, तीन तस्वीरें… 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में हुई मौत
सुशील आलीराजपुर स्थित एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे। वे 4 दिन पहले ही 21 वर्षीय बेटे ऑस्टिन गोल्डी, 30 वर्षीय बेटी आकांक्षा और पत्नी जेनिफर के साथ 18 अप्रैल को कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल की दोपहर करीब 2.45 बजे पहलगाम की बैसारन घाटी में पर्यटकों पर फायरिंग की, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई। इनमें सुशील भी शामिल थे। बेटी आकांक्षा को पैर में गोली लगी थी। सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर जबकि ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। जेनिफर बोलीं- तीन आतंकी थे,पति के सीने में गोली मारी
पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले सुशील नथानियल की अंतिम यात्रा जूनी इंदौर कब्रिस्तान पहुंच गई है। यहां ईसाई रीति रिवाज से उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। इससे पहले सुशील की अंतिम यात्रा वीणा नगर स्थित उनके घर B 68 से शुरू हुई। इसमें परिजन, रिश्तेदार, सहकर्मी और पड़ोसी साथ रहे। पार्थिव शरीर विशेष वाहन में नंदा नगर चर्च पहुंचाया गया। यहां प्रार्थना के बाद कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ। अंतिम यात्रा से पहले सुशील के घर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पत्नी जेनिफर उनके ताबूत से लिपटकर रोईं। पिता बदहवास नजर आए। ये दृश्य देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। सुशील को श्रद्धांजलि देने मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला सहित कई राजनीतिक-सामाजिक हस्तियां पहुंची। अंतिम यात्रा में शामिल सुशील के सहकर्मियों ने कहा- 2019 में पुलवामा हमले के बाद यह सबसे बड़ी घटना है। सरकार को आतंकियों से सुशील की मौत का बदला लेना होगा।
देखिए, तीन तस्वीरें… 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में हुई मौत
सुशील आलीराजपुर स्थित एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे। वे 4 दिन पहले ही 21 वर्षीय बेटे ऑस्टिन गोल्डी, 30 वर्षीय बेटी आकांक्षा और पत्नी जेनिफर के साथ 18 अप्रैल को कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल की दोपहर करीब 2.45 बजे पहलगाम की बैसारन घाटी में पर्यटकों पर फायरिंग की, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई। इनमें सुशील भी शामिल थे। बेटी आकांक्षा को पैर में गोली लगी थी। सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर जबकि ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। जेनिफर बोलीं- तीन आतंकी थे,पति के सीने में गोली मारी