जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हरियाणा में करनाल के रहने वाले नेवी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल (26) की गोली मारकर हत्या कर दी। लेफ्टिनेंट विनय की 7 दिन पहले ही गुरुग्राम की हिमांशी नरवाल से शादी हुई थी। वे दोनों 21 अप्रैल को हनीमून मनाने के लिए पहलगाम गए थे। अगले ही दिन, 22 अप्रैल को विनय की हत्या कर दी गई। विनय की मौत की सूचना मिलते ही उनके पिता, बहन और ससुर रात को ही कश्मीर रवाना हो गए। जहां बुधवार सुबह विनय का पोस्टमॉर्टम हुआ। जिसके बाद पार्थिव देह हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंच गई है। जहां उन्हें नेवी के हेडक्वार्टर में श्रद्धांजलि दी गई। विनय का अंतिम संस्कार आज शाम को ही करनाल के मॉडल टाउन स्थित श्मशान घाट में होगा। जिसमें CM नायब सैनी भी आएंगे। CM ने वीडियो कॉल पर विनय के दादा से बात करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। लेफ्टिनेंट विनय की हत्या पर चाचा सुरजीत नरवाल ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोटे काम बंद कर बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जैसे ये चुन-चुन कर हमला कर रहे हैं, जात पूछ रहे हैं। ऐसे ही इन्हें चुन-चुन कर खत्म करने की जरूरत है। पत्नी हिमांशी ने किया था खुलासा- नाम पूछकर गोली मारी
पहलगाम में कल (22 अप्रैल) को आतंकी हमले के बाद गुरुग्राम की रहने वाली विनय की पत्नी हिमांशी ने ही खुलासा किया था कि आतंकियों ने नाम पूछकर गोली मारी। हिमांशी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें हिमांशी ने कहा था- मैं अपने पति के साथ भेलपुरी खा रही थी। एक आदमी आया और कहा ये मुस्लिम नहीं है, फिर गोली मार दी हिमांशी ने आगे कहा था कि मंगलवार को जब वे बैसरन घाटी में घूम रहे थे, उसी दौरान आतंकियों ने विनय पर फायरिंग कर दी। जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि मैं सुरक्षित हूं। शादी के 7वें दिन हरियाणा के लेफ्टिनेंट को गोली मारी, यूरोप वीजा नहीं मिला तो हनीमून मनाने पहलगाम गए थे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने जिन टूरिस्ट की हत्या की, उनमें हरियाणा के करनाल के रहने वाले नेवी के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी थे। वह 3 साल पहले ही नेवी में भर्ती हुए थे। उनकी 7 दिन पहले ही मसूरी में डेस्टिनेशन वेडिंग हुई थी। इसके बाद वह पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून मनाने के लिए पहलगाम गए थे। दादा हवा सिंह ने बताया- पहले विनय-हिमांशी हनीमून मनाने के लिए यूरोप जा रहे थे। लेकिन, ऐन मौके पर वीजा नहीं मिला तो वे जम्मू-कश्मीर चले गए। दादा हवा सिंह रुंधे गले से कहते हैं। काश, उनका यूरोप का वीजा लग जाता तो पोता विनय आज हमारे बीच होता. (लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पूरी कहानी पढ़ें…)
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हरियाणा में करनाल के रहने वाले नेवी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल (26) की गोली मारकर हत्या कर दी। लेफ्टिनेंट विनय की 7 दिन पहले ही गुरुग्राम की हिमांशी नरवाल से शादी हुई थी। वे दोनों 21 अप्रैल को हनीमून मनाने के लिए पहलगाम गए थे। अगले ही दिन, 22 अप्रैल को विनय की हत्या कर दी गई। विनय की मौत की सूचना मिलते ही उनके पिता, बहन और ससुर रात को ही कश्मीर रवाना हो गए। जहां बुधवार सुबह विनय का पोस्टमॉर्टम हुआ। जिसके बाद पार्थिव देह हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंच गई है। जहां उन्हें नेवी के हेडक्वार्टर में श्रद्धांजलि दी गई। विनय का अंतिम संस्कार आज शाम को ही करनाल के मॉडल टाउन स्थित श्मशान घाट में होगा। जिसमें CM नायब सैनी भी आएंगे। CM ने वीडियो कॉल पर विनय के दादा से बात करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। लेफ्टिनेंट विनय की हत्या पर चाचा सुरजीत नरवाल ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोटे काम बंद कर बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जैसे ये चुन-चुन कर हमला कर रहे हैं, जात पूछ रहे हैं। ऐसे ही इन्हें चुन-चुन कर खत्म करने की जरूरत है। पत्नी हिमांशी ने किया था खुलासा- नाम पूछकर गोली मारी
पहलगाम में कल (22 अप्रैल) को आतंकी हमले के बाद गुरुग्राम की रहने वाली विनय की पत्नी हिमांशी ने ही खुलासा किया था कि आतंकियों ने नाम पूछकर गोली मारी। हिमांशी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें हिमांशी ने कहा था- मैं अपने पति के साथ भेलपुरी खा रही थी। एक आदमी आया और कहा ये मुस्लिम नहीं है, फिर गोली मार दी हिमांशी ने आगे कहा था कि मंगलवार को जब वे बैसरन घाटी में घूम रहे थे, उसी दौरान आतंकियों ने विनय पर फायरिंग कर दी। जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि मैं सुरक्षित हूं। शादी के 7वें दिन हरियाणा के लेफ्टिनेंट को गोली मारी, यूरोप वीजा नहीं मिला तो हनीमून मनाने पहलगाम गए थे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने जिन टूरिस्ट की हत्या की, उनमें हरियाणा के करनाल के रहने वाले नेवी के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी थे। वह 3 साल पहले ही नेवी में भर्ती हुए थे। उनकी 7 दिन पहले ही मसूरी में डेस्टिनेशन वेडिंग हुई थी। इसके बाद वह पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून मनाने के लिए पहलगाम गए थे। दादा हवा सिंह ने बताया- पहले विनय-हिमांशी हनीमून मनाने के लिए यूरोप जा रहे थे। लेकिन, ऐन मौके पर वीजा नहीं मिला तो वे जम्मू-कश्मीर चले गए। दादा हवा सिंह रुंधे गले से कहते हैं। काश, उनका यूरोप का वीजा लग जाता तो पोता विनय आज हमारे बीच होता. (लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पूरी कहानी पढ़ें…)